'अब राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर टैक्स घटाएं', पीएम मोदी की इस गुजारिश पर विपक्ष ने क्या कहा
नई दिल्ली, 27 अप्रैल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कोरोना की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ एक बैठक की। इस दौरान पीएम ने ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने विपक्ष शासित राज्यों से पेट्रोल और डीजल पर टैक्स कम करने के केंद्र के फैसले का पालन करने की अपील की है, ताकि लोगों को कीमतों में बढ़ोतरी से राहत मिल सके। पीएम की इस अपील के बाद विपक्षी दलों के नेताओं के बयान सामने आ रहे हैं।

उद्धव ठाकरे का पलटवार, कहा- केंद्र सरकार कर रही भेदभाव
पीएम की बैठक के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय ने पेट्रोल-डीजल पर राज्य और केंद्र की तरफ से लगने वाले टैक्स का आंकड़ा जारी किया है। इसमें बताया गया, 'आज, मुंबई में एक लीटर डीजल पर डीजल टैक्स का हिस्सा केंद्र के लिए 24.38 रुपए और राज्य के लिए 22.37 रुपए है। पेट्रोल टैक्स का हिस्सा केंद्रीय कर के रूप में 31.58 रुपए और राज्य कर के रूप में 32.55 रुपए है। इसलिए, यह सच नहीं है कि राज्य के कारण कीमतें अधिक महंगी हो गई हैं।'
सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा, 'सबसे ज्यादा टैक्स देने वाला राज्य महाराष्ट्र है, लेकिन आर्थिक मोर्चे पर महाराष्ट्र के साथ केंद्र सरकार भेदभाव कर रही है। 26500 करोड़ रुपए़ का जीएसटी बकाया अब तक केंद्र से नहीं मिल पाया है। केंद्र सरकार को सभी राज्यों के प्रति एक जैसा बर्ताव करना चाहिए।''
पहले केंद्रीय उत्पाद शुल्क कम करें, फिर...'
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, 'उन्होंने (पीएम मोदी) पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क से 26 लाख करोड़ रुपये कमाए। क्या उन्होंने इसे साझा किया है? आपने राज्यों को जीएसटी का हिस्सा समय पर नहीं दिया और फिर आप राज्यों से वैट को और कम करने के लिए कहते हैं। उन्हें केंद्रीय उत्पाद शुल्क कम करना चाहिए और फिर दूसरों से वैट कम करने के लिए कहना चाहिए।'
'ईंधन की कीमतों में वृद्धि पर अपने कर्तव्य से बच रहा है केंद्र'
कांग्रेस नेता दीपेंद्र एस हुड्डा ने कहा, 'हरियाणा में पेट्रोल-डीजल पर सबसे ज्यादा वैट है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमत बढ़ने पर ईंधन की कीमतें बढ़ जाती हैं, लेकिन जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गेहूं की कीमतें बढ़ती हैं, तो किसानों को उस पर एमएसपी नहीं मिलता है। ईंधन की कीमतों में वृद्धि पर अपने कर्तव्य से बच रहा है केंद्र।'
'पीएम मोदी पेट्रोल, डीजल और एलपीजी को जीएसटी के तहत लाएं'
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने पीएम मोदी के साथ हुई मुख्यमंत्रियों की बैठक को लेकर कहा, 'पीएम ने आज स्वास्थ्य को लेकर बैठक की, लेकिन उन्होंने स्वास्थ्य पर बातें कम और पेट्रोल-डीजल पर ज्यादा बात की। जिससे बैठक राजनीतिक हो गई। उन्होंने झारखंड का नाम भी लिया तो मुझे लगता है कि बैठक पेट्रोल-डीजल के दाम में हो रही वृद्धि पर सफाई देनी की थी।' बन्ना गुप्ता ने आगे कहा, 'पीएम मोदी पेट्रोल-डीज़ल और रसोई गैस की दिशा और दशा पूरी तरह से केंद्र सरकार पर निर्धारित करती है। पीएम जी एक दिशा-दशा निर्धारित कर दें और पेट्रोल-डीज़ल और रसोई गैस भी GST के दायरे में ला दें, तब तो समझा जाएगा पीएम मोदी सही कह रहे हैं।'
कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई ने कहा, 'नवंबर (पिछले साल) में जब केंद्र ने उत्पाद शुल्क कम किया, तो कुछ राज्यों ने सहकारी संघवाद के अनुरूप उत्पाद शुल्क का पालन किया और उत्पाद शुल्क कम किया। हम आर्थिक स्थिति की समीक्षा के बाद (ईंधन की कीमतों पर वैट कम करने पर) भी फैसला करेंगे।'












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