PM मोदी ने इजरायली पीएम नेतन्याहू से की बात, पश्चिम एशिया में शांति और आतंकवाद पर की चर्चा
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अपने इजरायली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एक अहम टेलीफोन वार्ता की। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रुख अपनाने और पश्चिम एशिया में शांति को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने इस चर्चा से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की। उन्होंने कहा कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ पश्चिम एशिया में हालिया घटनाक्रमों पर चर्चा की। हमारी दुनिया में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है। क्षेत्र में तनाव को रोकना और सभी बंधकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। भारत जल्द से जल्द शांति और स्थिरता बहाल करने के प्रयासों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मोदी ने आतंकवाद से निपटने और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए साझा जिम्मेदारी पर भी जोर दिया। उन्होंने बंधकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और तनाव को रोकने की आवश्यकता पर बल दिया। पश्चिम एशिया में हालिया घटनाओं के संबंध में प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बात की। आतंकवाद के लिए दुनिया में कोई स्थान नहीं है। क्षेत्रीय तनाव को रोकना और बंधकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करना जरूरी है। भारत शांति की शीघ्र बहाली के प्रयासों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरानी जनता को संबोधित करते हुए ईरानी शासन की नीतियों की कड़ी आलोचना की। नेतन्याहू ने ईरानी नेतृत्व पर आरोप लगाया कि वे अपने देश के विकास के बजाय क्षेत्रीय युद्धों में धन का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान का शासन हर दिन आपको दबा रहा है और पूरे क्षेत्र को युद्ध और अंधकार में धकेल रहा है। ईरानी नेताओं की प्राथमिकता आपके कल्याण के बजाय लेबनान और गाजा में युद्धों में पैसे बर्बाद करना है।
इजरायली रक्षा बलों ने एक सफल हवाई हमले के तहत हिज़्बुल्लाह के वरिष्ठ कमांडर नबील कौक को मार गिराया। कौक, हिज़्बुल्लाह की निवारक सुरक्षा इकाई और कार्यकारी परिषद का महत्वपूर्ण सदस्य था। यह हमला इजरायल के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है। खासकर हाल ही में हिज़्बुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह की मौत के बाद।
इस हमले के जवाब में लेबनान ने इजरायल की ओर 35 रॉकेट दागे। जिसका इजरायली सेना ने प्रभावी ढंग से मुकाबला किया। सभी रॉकेटों को बीच हवा में ही रोक दिया गया और इजरायली जल की ओर बढ़ रहे दो ड्रोन को भी नष्ट कर दिया गया। इस घटना ने इजरायल द्वारा कई मोर्चों पर किए जा रहे संघर्ष को उजागर किया है। जिसमें हमास, ईरान, हिज़्बुल्लाह और यमन के हौथी विद्रोहियों के साथ तनाव शामिल है।
प्रधानमंत्री मोदी और नेतन्याहू की बातचीत इस बात को स्पष्ट करती है कि दोनों देशों के नेता आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाने और पश्चिम एशिया में शांति एवं स्थिरता की दिशा में प्रयासरत हैं। इस जटिल भू-राजनीतिक स्थिति में शांति कायम करने के लिए सूझबूझ और सहयोग की आवश्यकता है। दोनों नेताओं की प्रतिबद्धता यह सुनिश्चित करती है कि आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी और क्षेत्रीय स्थिरता को प्राथमिकता दी जाएगी।












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