CJI गवई पर जूता फेंकने की घटना के बाद पीएम मोदी ने की बात, अत्यंत निंदनीय बताते हुए बोले- हर भारतीय नाराज है
सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बी.आर. गवई के साथ हैरान कर देने वाली घटना हुई। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान एक अधिवक्ता ने सीजेआई पर जूता फेंक कर हमला किया। सीजेआई पर जूता फेंकने वाले अधिवक्ता राकेश किशोर की जमकर निंदा हो रही है।
इस घटना की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ी निंदा की और उन्होंने स्वयं मुख्य न्यायाधीश से फोन पर बात की। पीएम मोदी ने इस हमले को 'अत्यंत निंदनीय' बताया। उन्होंने कहा, "आज सुबह सुप्रीम कोर्ट परिसर में उन पर हुए हमले से हर भारतीय नाराज है। हमारे समाज में ऐसे निंदनीय कृत्यों के लिए कोई जगह नहीं है।"

पीएम मोदी ने मुख्य न्यायाधीश गवई के संयम की सराहना भी की। उन्होंने टिप्पणी की, "ऐसी स्थिति में चीफ जस्टिस बी.आर. गवई ने जो धैर्य दिखाया है, उसकी मैं सराहना करता हूं। यह न्याय के मूल्यों और हमारे संविधान की भावना को मजबूत करने की उनकी प्रतिबद्धता का बड़ा दर्शाता है।
अधिवक्ता ने हंगामा करते हुए लगाए नारे- सनातन का अपमान नहीं सहेंगे
गौरतलब है कि 6 अ्क्टूबर 2025 (सोमवार) को सुप्रीम कोर्ट में जब कोर्ट में सीजेआई बीआर गवई सुनवाई कर रहे थे तब अधिवक्ता राकेश किशोर हंगामा करने लगे और कथित तौर पर सीजेआई पर जूता फेंक दिया। रिपोर्ट के अनुसार अधिवक्ता ने सनातन का अपमान नहीं सहेंगे' नारे लगाए। हंगामा करने वाले वकील को सुप्रीम कोर्ट परिसर स्थित डीसीपी कार्यालय ले जाया गया, जहां उनसे पूछताछ की गई।
सीजीआई ने जारी रखी सुनवाई
इस हंगामे के बावजूद सीजेआई धैर्य दिखाते हुए सुनवाई करते रहे। इसके बाद पुलिस ने अधिवक्ता राकेश को हिरासत में ले लिया था। इतना ही नहीं सीजेआई ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "हम इस तरह की हरकतों से प्रभावित नहीं होते और सुनवाई जारी रहेगी। कोर्ट के काम में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए।












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