पीएम मोदी ने जम्मू कश्मीर के लोगों को दी बधाई, 5 भाषाओं में लिखा ये खास मैसेज
नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटा दिया गया है। पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे की समाप्ति से जुड़े प्रस्ताव और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक को संसद के दोनों सदनों से मंजूरी मिलने को लोकतंत्र के लिए इसे गौरव का क्षण करार दिया है। पीएम मोदी बिल पास होने के बाद पांच भाषाओं(हिंदी, अंग्रेजी, डोगरी, उर्दू और लद्दाखी) में ट्वीट कर जम्मू कश्मीर और लद्दाख की जनता को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अब जम्मू-कश्मीर की जनता वर्षों से कुछ स्वार्थी तत्वों की इमोशनल ब्लैकमेलिंग से मुक्त हो गई है।

पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि, ऐतिहासिक क्षण। एकता और अखंडता के लिए सारा देश एकजुट। जय हिंद! हमारे संसदीय लोकतंत्र के लिए यह एक गौरव का क्षण है, जहां जम्मू-कश्मीर से जुड़े ऐतिहासिक बिल भारी समर्थन से पारित किए गए हैं। मैं जम्मू-कश्मीर की बहनों और भाइयों के साहस और जज्बे को सलाम करता हूं। वर्षों तक कुछ स्वार्थी तत्वों ने इमोशनल ब्लैकमेलिंग का काम किया, लोगों को गुमराह किया और विकास की अनदेखी की। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अब ऐसे लोगों के चंगुल से आजाद है। एक नई सुबह, एक बेहतर कल के लिए तैयार है!
पीएम मोदी ने कहा कि, ये कदम जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के युवाओं को मुख्यधारा में लाएंगे, साथ ही उन्हें उनके कौशल और प्रतिभा को प्रदर्शित करने के अनगिनत अवसर प्रदान करेंगे। इससे वहां के इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार होगा, व्यापार-उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर बनेंगे और आपसी दूरियां मिटेंगी। उन्होंने कहा कि, लद्दाख के लोगों को विशेष रूप से बधाई! मुझे इस बात की बेहद खुशी है कि केंद्र शासित प्रदेश घोषित करने की उनकी दशकों पुरानी मांग आज पूरी हो गई है। इस फैसले से लद्दाख के विकास को अभूतपूर्व बल मिलेगा। लोगों के जीवन में समृद्धि और खुशहाली आएगी।
प्रधानमंत्री ने इसे श्यामा प्रसाद मुखर्जी, सरदार पटेल और डॉक्टर आंबेडकर जैसे नेताओं को सच्चा श्रद्धांजलि बताया। उन्होंने कहा कि, इन विधेयकों का पारित होना देश के कई महान नेताओं को सच्ची श्रद्धांजलि है: सरदार पटेल, जो देश की एकता के लिए समर्पित थे; बाबासाहेब अम्बेडकर, जिनके विचार सर्वविदित हैं; डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, जिन्होंने भारत की एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
पीएम मोदी ने कहा कि, संसद में जिस प्रकार विभिन्न पार्टियों ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर और वैचारिक मतभेदों को भुलाकर सार्थक चर्चा की, उसने हमारे संसदीय लोकतंत्र की गरिमा को बढ़ाने का काम किया है। इसके लिए मैं सभी सांसदों, राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को बधाई देता हूं। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों को गर्व होगा कि सांसदों ने वैचारिक मतभेदों को भुलाकर उनके भविष्य को लेकर चर्चा की। साथ ही साथ वहां शांति, प्रगति और समृद्धि की राह सुनिश्चित की। RS में 125:61 और LS में 370:70 का विशाल बहुमत इस फैसले के प्रति भारी समर्थन को दिखाता है।
इस बिल के पास होने का श्रेय गृहमंत्री अमित शाह को देते हुए पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा कि, हमारे गृह मंत्री जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों के बेहतर जीवन को सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके समर्पण और अथक प्रयासों से ही इन विधेयकों का पारित होना संभव हो पाया है। इसके लिए मैं अमित भाई को विशेष बधाई देता हूं! देश के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के चेयरमैन वैंकया नायडू गारू और लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला जी ने अपने-अपने सदन में जिस प्रकार से कार्यवाही का प्रभावी संचालन किया, उसके लिए मैं उन्हें पूरे देश की ओर से बधाई देता हूं।












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