Modi's Cabinet: मोदी सरकार में नए बने मंत्रियों की कितनी है संपत्ति?
नई दिल्ली, 7 जुलाई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में आज मंत्रिपरिषद का पहला विस्तार हुआ है। आज की कैबिनेट विस्तार में कुल 43 मंत्रियों ने शपथ ली है, जिनमें 7 को राज्यमंत्री से कैबिनेट मंत्री बनाया गया है और 8 नए कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं। जिन मंत्रियों को प्रमोट किया गया है, उनमें अनुराग ठाकुर, हरदीप सिंह पुरी, किरेन रिजिजू, आरके सिंह,मनसुख मंडाविया और जी किशन रेड्डी शामिल हैं। इनके अलावा शपथ लेने वाले राज्यमंत्रियों की लंबी फेहरिस्त है। 2019 में जब से पीएम मोदी की दूसरी सरकार बनी थी, तब से एकबार भी मंत्रिपरिषद का विस्तार नहीं किया गया था। हालांकि, चर्चा के विपरीत जेडीयू कोटे से सिर्फ एक नेता आरसीपी सिंह को जगह दी गई है। वहीं लोजपा से पशुपति कुमार पारस को भी कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। आइए जानते हैं कि इन मंत्रियों के पास प्रॉपर्टी कितनी है।

नारायण राणे की संपत्ति
मार्च, 2018 में महाराष्ट्र से राज्यसभा के लिए जिन 7 उम्मीदवारों ने नामांकन भरा था, उसमें 88 करोड़ की संपत्ति वाले महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे सबसे अमीर नेता थे। उन्होंने अपने पास कुल 87.75 करोड़ रुपये की संपत्ति बताई थी। खुद राणे के पास 9.68 करोड़ रुपये की चल संपत्ति थी, जबकि उनकी पत्नी नीलम राणे के पास 18.98 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी थी। 68 वर्षीय राणे के पास तब 6.53 करोड़ रुपये के हीरे और जवाहरात भी थे। हालांकि, तब राणे परिवार पर 28 करोड़ रुपये की देनदारी भी थी। एफिडेविट के मुताबिक उनके पास 18.44 करोड़ रुपये मूल्य के 6 बंगले, 4.11 करोड़ रुपये कीमत के 4 फ्लैट और 4.93 करोड़ रुपये की दो कॉमर्शियल प्रॉपर्टी भी थी। 8 जगहों पर उनके पास 56.76 एकड़ खेती लायक जमीन थी, जिसकी अनुमानित कीमत 3.62 करोड़ रुपये बताई गई थी। जबकि वो 4,17,128 वर्ग फीट गैर-कृषि भूमि के भी मालिक थे जिसकी कीमत 8.19 करोड़ रुपये बताई गई थी। इसके अलावा उन्होंने कुल 13.27 करोड़ रुपये की संपत्ति का ब्योरा अलग से भी दिया था।

सर्बानंद सोनोवाल की संपत्ति
इस साल असम विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य की माजुली सीट से पर्चा दाखिल करते वक्त असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने अपनी कुल संपत्ति 3.17 करोड़ रुपये बताई थी। 59 साल के सोनावाल ने तब 1.14 करोड़ रुपये की चल और 2.02 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति का ब्योरा दिया था। उस समय उनके पास 38,02,498 रुपये बैंक में थे। जबकि उस वक्त 39,030 रुपये उनके पास कैश था। इसके अलावा उनके पास 1,35,000 रुपये की जूलरी भी थी। यही नहीं उन्होंने 27,29,460 रुपये की देनदारी भी दिखाई थी।
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ज्योतिरादित्य सिंधिया की संपत्ति
कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर राजघराने से आते हैं, इसलिए प्रॉपर्टी के मामले में वो अपने दूसरे सहयोगियों पर भारी पड़ सकते हैं। पिछले साल राज्यसभा का नामांकन भरते हुए उन्होंने अपनी सालाना कमाई 1,54,78,100 रुपये बताई थी। जबकि उनकी पत्नी प्रियदर्शनी राजे की सालाना कमाई तब 4,75,240 रुपये और उनके बेटे की 2,07,510 रुपये थी। तब की एफिडेविट के मुताबिक खुद उनके पास 3,59,31,900 रुपये की चल संपत्ति थी। सिंधिया की ओर से उनके हलफनामे में घोषित पैतृक संपत्ति 45.34 करोड़ रुपये थी, जबकि कुल पैतृक अचल संपत्ति 2.97 अरब रुपये की थी। तब उन्होंने विभिन्न बैंकों में 3,02,28,252.13 रुपये और उनकी पत्नी ने 6,62,492.50 रुपये जमा कर रखे थे। इसके अलावा उनके बेटे ने 12,14,622 रुपये और बेटी ने 2,29,114 रुपये बैंकों में जमा कर रखे थे। सिंधिया ने अपने हलफनामे में घोषित किया था कि उनके पास 12,67,05,183 रुपये का सोना और 16,34,94,692 रुपये की चांदी है, जो उन्हें विरासत में मिला है। मुंबई के समुद्र महल में उनके दो फ्लैट हैं, जिसकी कीमत 31 करोड़ रुपये बताई गई थी। उनके पास ग्वालियर के जय विलास पैलेस में 40 एकड़ जमीन है, जिसकी कीमत 1.80 अरब रुपये बताई थी। इसके अलावा उनकी दर्जनों प्रॉपर्टी हैं, जिसमें रानी महल, हिरणवन कोठी, रैक्वेट कोर्ट, शांतिनिकेतन, छोटी विश्रांति, विजय भवन आदि । इनका मूल्य 2.97 अरब रुपये बताया गया था।

आरसीपी सिंह की संपत्ति
2016 में राज्यसभा के लिए नामांकन भरते वक्त जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह के पास कुल 2,53,18,975 रुपये मूल्य की चल संपत्ति थी। जबकि उनकी पत्नी गिरिजा सिंह के पास 15,37,200 रुपये की चल संपत्ति थी। जबकि, अचल संपत्ति के नाम पर उनकी प्रॉपर्टी सिर्फ 4,86,000 रुपये मूल्य की खेती लायक जमीन थी, जो विरासत में मिली थी। आरसीपी सिंह यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी रहे हैं और नीतीश कुमार की पार्टी के चाणक्य माने जाते हैं।

पशुपति कुमार पारस की संपत्ति
लोजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के भाई पशुपति कुमार पारस ने पिछले लोकसभा चुनाव में बिहार की हाजीपुर सीट से पर्चा भरते वक्त अपने पास कुल 91,77,779 रुपये की संपत्ति बताई थी। जबकि, उनकी पत्नी के पास 2,36,75,756 रुपये, हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली के मद में 48,40,456 रुपये और बेटे के पास 37,40,204 रुपये की चल संपत्ति थी। वहीं पारस के पास 66,00,000 रुपये की अचल संपत्ति थी और उनकी पत्नी के पास 1,05,50,000 रुपये की अचल संपत्ति थी। पारस पर तब 67,44,375 रुपये की देनदारी भी थी।

राज कुमार सिंह की संपत्ति
राज कुमार सिंह पूर्व आईपीएस हैं और देश के गृह सचिव भी रह चुके हैं। वह बिहार के आरा से सांसद हैं और पीएम मोदी ने उन्हें राज्यमंत्री से पदोन्नति देकर कैबिनेट मंत्री बनाया है। 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने अपने पास कुल 50,94,493 रुपये की चल संपत्ति बताई थी। इसमें उनके खुद के पास 20,29,553 रुपये की और उनकी पत्नी के पास 30,64,940 रुपये की चल संपत्ति थी। जबकि उनके पास कुल 7,48,77,227 रुपये की अचल संपत्ति भी थी। इसमें उनके पास 6,23,77,227 रुपये की और उनकी पत्नी के पास 1,25,00,000 रुपये की अचल संपत्ति थी। उनपर कोई देनदारी भी नहीं थी।

हरदीप सिंह पुरी की संपत्ति
हरदीप सिंह पुरी को भी प्रमोट करके कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। 2019 के लोकसभा चुनाव में अमृतसर में उन्होंने नामांकन के दौरान अपने पास 1,62,86,223 रुपये की चल संपत्ति बताई थी, जबकि उनकी पत्नी के पास 3,69,67,514 रुपये की चल संपत्ति थी। बात अचल संपत्ति की करें तो पुरी के पास 15,50,00,000 रुपये की अचल संपत्ति थी। इसके अलावा उनकी पत्नी के पास 2,75,00,000 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति थी। इसके अलावा उन्होंने 10,47,52,000 रुपये की कीमत का स्विस फ्रैंक का भी ब्योरा दिया था, जो तब 1.6 मिलियन था। खुद पुरी के पास तो देनदारी नहीं थी, लेकिन उनकी पत्नी पर 5,79,40,950 रुपये या 8,85,000 स्विस फ्रैंक की देनदारी थी।

भूपेंद्र यादव की संपत्ति
भाजपा के राज्यसभा सांसद भूपेंद्र यादव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संगठन के लिए उनके काम को देखकर इनाम दिया है। राजस्थान में 2018 के राज्यसभा चुनाव में उन्होंने चुनाव आयोग को अपनी संपत्ति के ब्योरे में बताया था कि उनके पास 39,83,425 रुपये, उनकी पत्नी के पास 36,25,244 रुपये, दो बच्चों के पास क्रमश: 3,02,246 रुपये और 75,000 रुपये की चल संपत्ति है। जबकि, भूपेंद्र यादव ने अपने नाम पर 45,00,000 रुपये की कुल अचल संपत्ति भी बताई थी। वहीं उनके नाम पर 30,87,469 रुपये और उनकी पत्नी के नाम पर 9,57,328 रुपये की देनदारी भी थी।

अनुराग ठाकुर की संपत्ति
हिमचाल प्रदेश के हमीरपुर से सांसद केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान कुल 5.54 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति का ब्योरा दिया था। इसमें ठाकुर के पास खुद के नाम पर 4,96,70,616 रुपये की संपत्ति थी और उनकी पत्नी शेफाली ठाकुर के पास 57,71,330 की। ठाकुर ने खुद पर 10,185,114 रुपये की देनदारी भी बताई थी, जबकि उनकी पत्नी के पास 22.08 की जूलरी भी थी।

अनुप्रिया पटेल की संपत्ति
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से भाजपा की सहयोगी पार्टी और अपना दल से सांसद अनुप्रिया सिंह पटेल ने 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग को अपने पास कुल 85,32,579 रुपये की चल संपत्ति होने की जानकारी दी थी। जबकि उनके पति आशीष कुमार सिंह के पास कुल 3,68,083 रुपये की चल संपत्ति थी। वहीं अचल संपत्ति की बात करें तो अनुप्रिया के पास 1,36,00,000 रुपये की संपत्ति थी तो उनके पति के पास 44,00,000 रुपये की। हालांकि, अनुप्रिया पर 18,05,603 रुपये की देनदारी भी थी।

मीनाक्षी लेखी की संपत्ति
नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से लगातार दो बार बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीतीं वरिष्ठ वकील मीनाक्षी लेखी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में जो अपनी संपत्ति का ब्योरा चुनाव आयोग को दिया था वो इस प्रकार है- उस समय उनके पास कुल 2,38,84,380 रुपये की चल संपत्ति थी और उनके पति अमन लेखी के पास 5,78,24,530 रुपये की अचल संपत्ति। हालांकि, उन्होंने अपने नाम पर कोई अचल संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया था, लेकिन उनके पति अमन लेखी के पास कुल 27,90,00,000 रुपये की अचल संपत्ति थी। यही नहीं मीनाक्षी लेखी पर कोई देनदारी भी नहीं थी, जबकि उनके पति के नाम पर 79,38,378 रुपये का लोन था।












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