Kaali Row : PM मोदी बोले- भारत के साथ मां काली का आशीर्वाद, महुआ बोलीं- '...सीने पर पड़ेगी लात'
महिला निर्देशक लीना मणिमेकलाई की Kaali Documentary पर विवाद के बीच पीएम मोदी ने कहा है कि भारत के साथ हमेशा मां काली का आशीर्वाद रहा है। महुआ मोइत्रा ने एक बार फिर मां काली का जिक्र (maa kali mahua moitra) किया है।
नई दिल्ली, 10 जुलाई : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Kaali Documentary पर जारी विवाद के बीच कहा कि भारत के साथ हमेशा मां काली का आशीर्वाद रहा है। पीएम मोदी ने कहा, भारत दुनिया के कल्याण के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है। मां काली का आशीर्वाद बना हुआ है। उन्होंने स्वामी आत्मस्थानानन्द जन्म शताब्दी समारोह में बेलुर मठ, रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा, मां काली असीमित-असीम आशीर्वाद (PM Modi kaali blessings) हमेशा भारत के साथ है। इस बयान के बाद भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने 11.31 बजे पीएम मोदी की वीडियो ट्वीट कर टीएमसी सांसद द्वारा मां काली के अपमान का आरोप लगाया गया। मालवीय के ट्वीट के बाद तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने 2.54 बजे पलटवार किया। महुआ ने 'ट्रोल इनचार्ज' संबोधन के साथ लिखा कि मां ओ मां करने से छाती पर पैर (maa kali mahua moitra) पड़ेंगे। पढ़िए क्या है पूरा वाकया
क्या Kaali विवाद पर बोले पीएम मोदी ?
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज स्वामी आत्मस्थानानन्द जन्म शताब्दी कार्यक्रम में कहा, स्वामी रामकृष्ण परमहंस, एक ऐसे संत थे जिन्होंने मां काली का स्पष्ट साक्षात्कार किया था, जिन्होंने मां काली के चरणों में अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया था। पीएम मोदी ने कहा, स्वामी आत्मस्थानानन्द की बातों में मां काली की चर्चा होती रहती थी। उन्होंने कहा, "मुझे याद है, जब बेलूर मठ जाना हो, गंगा के तट पर बैठें हो और दूर मां काली का मंदिर दिखाई देता हो, तो स्वाभाविक है, एक लगाव बन जाता था। जब आस्था इतनी पवित्र होती है, तो शक्ति साक्षात् हमारा पथप्रदर्शन करती है। इसीलिए, मां काली का वो असीमित-असीम आशीर्वाद हमेशा भारत के साथ है।' पीएम मोदी के बयान को Kaali Documentary विवाद और पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के बयान के संदर्भ में देखा जा रहा है।

'टीएमसी सांसद ने मां काली का अपमान किया'
पीएम मोदी का बयान महुआ मोइत्रा और Leena Manimekalai की Kaali Documentary के संदर्भ में है या नहीं, ये खुद पाठक तय करें, लेकिन भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने पीएम मोदी के संबोधन का मां काली वाला हिस्सा ट्वीट कर टीएमसी सांसद का जिक्र जरूर किया। इससे पीएम मोदी के बयान का संदर्भ समझने के संकेत मिलते हैं। अमित मालवीय ने ट्वीट किया, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न केवल बंगाल बल्कि पूरे भारत को मां काली को भक्ति का केंद्र बताते हैं। दूसरी ओर, एक टीएमसी सांसद ने मां काली का अपमान किया। मालवीय ने कहा कि ममता बनर्जी ने सांसद के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय मां काली के अप्रिय चित्रण का बचाव किया।"

महुआ मोइत्रा का ट्वीट
मालवीय के ट्वीट के बाद महुआ मोइत्रा ने बिना नाम लिए लिखा, बंगाल के लिए बीजेपी के ट्रोल-इन-चार्ज को सलाह देंगी कि वे अपने आकाओं से कहें कि वे उन चीजों पर टिप्पणी करना बंद करें जिनके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। अब महुआ ने 'ट्रोल इनचार्ज' किसे कहा, इसका संदर्भ भी पाठक खुद तय करें। महुआ ने अपने ट्वीट के अंत में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की करारी हार का जिक्र किया और कहा, "दीदी ओ दीदी ने उन्हें बूट दिलवाया। अब मां ओ मां इनके सीने पर पैर रखेगी।" बता दें कि पीएम मोदी ने विधानसभा चुनाव प्रचार में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधने के लिए कई बार 'दीदी-ओ-दीदी' संबोधन का इस्तेमाल किया था। टीएमसी ने पीएम पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को संबोधित करने के लिए मजाकिया लहजे का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था और इसे राज्य की महिलाओं का अपमान बताया था।

तो क्या इसलिए कार्रवाई नहीं कर रहीं CM ममता ?
महुआ के ट्वीट के बाद शाम 4.34 बजे मालवीय ने फिर ट्वीट किया। उन्होंने कहा, ममता बनर्जी की सार्वजनिक फटकार के बावजूद टीएमसी सांसद मां काली के मुद्दे पर उन्हें अपमानित करने के लिए बार-बार अवज्ञा कर रही हैं। मालवीय ने महुआ का नाम लिए बिना कहा कि एक नेता के रूप में उनका कद कम कर रही हैं। उन्हें यह अच्छी तरह पता है कि ममता उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पाएंगी, क्योंकि उन्हें मुस्लिम वोट बैंक के गुस्से का डर है।

देवी काली की कल्पना की आजादी
गौरतलब है कि टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने हाल ही में एक कॉन्क्लेव में कहा था कि उन्हें एक व्यक्ति के रूप में देवी काली को 'मांस भक्षण' वाली और व्हिस्की स्वीकार करने वाली देवी के रूप में कल्पना करने का पूरा अधिकार है। महुआ की दलील है कि प्रत्येक व्यक्ति की प्रार्थना का अपना अनूठा तरीका होता है। महुआ ने Kaali Documentary से जुड़े एक सवाल पर यह जवाब दिया था।

बिना शर्त माफी मांगें टीएमसी सांसद महुआ
भाजपा ने महुआ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। गौरतलब है कि टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद कहा कि भाजपा को अदालत में हलफनामा दायर करना चाहिए। भाजपा को दावा करना चाहिए कि देवी काली की पूजा के दौरान शराब और मांस का प्रसाद नहीं चढ़ाया जाता। उन्होंने अपनी दलील के समर्थन में भारत में तीन लोकप्रिय मंदिरों का भी उल्लेख किया। उन्होंने पश्चिम बंगाल के तारापीठ में मां तारा मंदिर, मध्य प्रदेश में उज्जैन में शक्तिपीठ मंदिर और गुवाहाटी में कामख्या मंदिर का जिक्र किया। महुआ मोइत्रा के अनुसार, भाजपा शासित मध्य प्रदेश और असम में मुख्यमंत्रियों को शपथ पत्र के माध्यम से सूचित करना चाहिए कि वहां पूजा के लिए 'करनबाड़ी' (शराब) और मांस नहीं चढ़ाया जाता है। महुआ के इस बयान पर बीजेपी ने टीएमसी सांसद से बिना शर्त माफी की मांग की है।

क्या है Kaali Documentary
अवॉर्ड विनिंग निर्देशक लीना मणिमेकलाई ने Kaali Documentary बनाई है। काली फिल्म का पोस्टर सामने आने के बाद लोगों की नाराजगी दिखी। पोस्टर में अभिनेत्री को सिगरेट पीते हुए और लेस्बियन, गे, बाइसेक्सुअल, ट्रांसजेंडर और क्वीर (LGBTQ) समुदाय का संकेत करने वाला इंद्रधनुषी झंडा पकड़े हुए दिखी हैं। विरोध कर रहे लोगों का आरोप है कि पोस्टर में जो सीन दिखाया गया है इससे देवी काली का गलत चित्रण होता है। इससे धार्मिक भावनाएं भी आहत होती हैं। मामला इतना बढ़ चुका है कि कई शहरों में लीना मणिमेकलाई के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है। विवाद की गंभीरता का अंदाजा इसी से होता है कि लीना को सिर काटने की धमकी मिल चुकी है।












Click it and Unblock the Notifications