पीएम मोदी 8वीं बार अयोध्या में, रामलला का दर्शन और 2KM लंबा रोड शो, कैसा रहेगा रामनगरी का मिजाज? समझिए
Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव के लिए तीसरे चरण के तहत 7 मई को मतदान होना है। इसके लिए चुनावी अभियान तेज है। अयोध्या में पांचवें चरण के अंतर्गत मतदान 20 मई को होना है। यहां आईएनडीआईए कैंडिडेट अवधेश प्रसाद का समान बीजेपी उम्मीदवार व मौजूदा सांसद लल्लू सिंह से है। लल्लू सिंह के लिए पीएम मोदी रविवार को वोट मांगने अयोध्या पहुंचे। उन्होंने 2 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। इस रोड शो की शुरुआत से पहले उन्होंने रामलला का दर्शन किया और आशीर्वाद लिया। ये पहला मौका है, जब देश का कोई प्रधानमंत्री लगातार 8वीं बार अयोध्या पहुंचा है।
पीएम का 8वां दौरा 'चुनावी'
पीएम का छठवां दौरा अयोध्या के लिए बड़ी सौगातों भरा था, जब उन्होंने अयोध्या रेवले स्टेशन की शुरुआत के साथ देश को एकसाथ 8 हाईस्पीड ट्रेनों की सौगात दी थी। इसके अलावा उन्होंने अयोध्या इंटरनेशल एयरपोर्ट का भी उद्घाटन किया। लेकिन पीएम का 8वां अयोध्या दौरा विशुद्ध रूप से चुनावी था, इस दौरान उन्होंने सांसद लल्लू सिंह को फिर से सांसद बनाने की अपील की।

'राम मंदिर के उद्घाटन का पहला दौरा'
कुल मिलाकर अब तक कई बार पीएम मोदी अयोध्या का दौर कर चुके हैं। लेकिन राम मंदिर उद्घाटन के बाद ये उनका पहला दौरा है। नरेंद्र मोदी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जो अयोध्या में सबसे अधिक बार दौरा करने पहुंचे। पिछले पांच महीने की बात करें तो इस बीच उनका ये तीसरा दौरा होगा। इससे पहले वे 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान में शामिल होने अयोध्या पहुंचे थे।
2 किलोमीटर रोड शो
हालांकि रविवार का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदा का दौरा पूरी तरह से चुनावी रहा। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले राम मंदिर में पूजन अर्चन किया। इसके बाद पीएम ने 2 किलोमीटर का लंबा रोड शो का नेतृत्व किया। इस दौरान पीएम मोदी केसरियां रंग में रंगा रथ पर सवाल हुए। रोड शो के दौरान उनके स्वागत करने वालों में बेहद उत्साह दिखा।
अयोध्या में रोजगार की जगी उम्मीद
रामपथ पर पीएम मोदी रविवार को अपने रोड शो के दौरान दो किलोमीटर तक रथ पर सवार होकर चले। इस दौरान इस मार्ग पर लोगों को अपनी रोजी रोटी के ठीहे यानी दुकानें सुरक्षा कारणों से कुछ देर के लिए बंद करनी पड़ीं। इस बीच जब दुकानदारों से अयोध्या के विकास और पीएम मोदी की चुनावी संभावनाओं को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने बड़ा ही स्पष्ट जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर उद्घाटन के बाद अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। दर्शन के लिए रोजाना लाखों लोग अयोध्या पहुंच रहे हैं। इससे यहां का रोजगार कई गुना बढ़ा है। वहीं दूसरी ओर अयोध्या के लोगों में भी यहां रहकर अपने रोजगार के विकसित करने की एक उम्मीद जगी है। अयोध्या के व्यवसायी व विधायक वेद प्रकाश गुप्ता की मानें को रामनगरी आने वाले एक दशक के भीतर इतनी विकसित हो जाएगी, कि यहां के लोगों को रोजगार के लिए अलग जाने की जरूरत नहीं होगी।
अयोध्या के तीन क्षेत्रों में BJP का दबदबा
फैजाबाद लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में कुल पांच विधानसभा सीटें है, जिसमें अयोध्या,बीकापुर सोहावल, गोसाईंगंज, रुदौली और मिल्कीपुर शामिल हैं। 2017 में हुए यूपी विधानसभा चुनाव में इन पांचों सीटों पर बीजेपी का कब्जा था, लेकिन 2022 में भाजपा के हाथ से दो सीटें गोसाईंगंज और मिल्कीपुर निकल गईं। इन सीटों पर सपा के प्रत्याशी विजयी हुई। सांसद लल्लू सिंह को टक्कर दे रही आईएनडीआईए कैंडिडेट अवधेश प्रसाद ने मिल्कीपुर सीट से विधायक हैं। फैजाबाद निर्वाचन क्षेत्र में रुदौली और बीकापुर- सोहावल मुस्लिम बाहुल्य हैं, जबकि अयोध्या में बीजेपी की स्थिति लंबे समय से मजबूत रही है। मिल्कीपुर, गोसाईंगंज सीटों पर अक्सर उलटफेर देखने को मिले हैं।
इस बार क्या है रामनगरी का मूड?
10 साल पहले अयोध्या को तहसील का दर्जा भी हासिल नहीं था। आज फैजाबाद का नाम मिट गया, सब कुछ अयोध्या में बदल गया। वहीं, चुनावी मुद्दे में अब रामलला प्रमुखता से आ गए हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो चुनाव में सब कुछ एकतरफा दिख रहा है। अयोध्या के वरिष्ठ पत्रकार चंद्रेश श्रीवास्तव ने कहा कि चुनाव प्रचार से लेकर सोशल मीडिया तक भाजपा ही दिख रही है। राम मंदिर का मुद्दा बड़े पैमाने पर चुनावी रैलियों का हिस्सा बन गया है। वहीं पत्रकार त्रियुगी नारायण तिवारी का मानना है कि चुनावी सभाओं में मंच के पीछे राममंदिर के पोस्टर लग रहे हैं जबकि विपक्ष की तरफ सन्नाटा ही दिख रहा है। हालांकि वोटर शांत है, उनकी चुप्पी क्या रंग लाएगी, कहा नहीं जा सकता। कभी-कभी यह एकतरफा चुनाव उल्टे नतीजे भी लेकर आता है।












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