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Modi Retaliate: जब सामने आई CAA की असलियत, तो झूठ का किला ढह गया!

बेंगलुरू। नागरिकता संशोधन कानून 2019 के खिलाफ देशभर में जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्ष पर जमकर प्रहार किया। विपक्ष को आड़ों हाथ लेते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सीएए को लेकर विपक्ष दलों ने मुस्लिम समुदाय के बीच भ्रांति और गलतफहमी फैलाने के कारण देश में हिंसा का वातावरण बना।

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रैली में प्रधानमंत्री ने नागारिकता कानून को फैलाए गए भ्रांतियों पर बारी-बारी से चर्चा करते हुए कहा कि राजनीतिक दल तरह-तरह की अफवाहें फैलाकर लोगों की भावनाओं को भड़काने की कोशिश करते हैं। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों ने उकसाने वाले बयानों और झूठे वीडियो के जरिए देश में आग फैलाने का गुनाह किया है। वहीं, नागरिकता कानून से मुस्लिम को बाहर रखने को मुद्दा बनाने वालों पर हमला करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब दिल्ली की सैकड़ों कॉलोनियों को वैध किया गया, तो किसी से नहीं पूछा गया कि उसका कौन सा धर्म है? उसकी आस्था क्या है? अथवा किस पार्टी के समर्थक हैं?

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उन्होंने कहा कि जब देश में उज्ज्वला योजना के तहत जब 8 करोड़ से ज्यादा गरीब परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिये, तब भी किसी का धर्म या जाति पूछा गया था? कांग्रेस पर सीधे-सीधे निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं कांग्रेस और उनके साथियों से जानना चाहता हूं कि आप क्यों देश की जनता से झूठ बोल रहे हो, क्यों उन्हें भड़का रहे हो?

उन्होंने कहा कि आज जो लोग कागज-कागज, सर्टिफिकेट-सर्टिफिकेट के नाम पर मुस्लिमों को भ्रमित कर रहे हैं, उन्हें यह याद रखना चाहिए कि बीजेपी सरकार ने गरीबों की भलाई के लिए, योजनाओं के लाभार्थी चुनते समय कभी कागजों की बंदिशें नहीं लगाईं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा सीएए विरोध-प्रदर्शन की आड़ में स्कूल बसों पर हुए हमलों, ट्रेनों पर हमलों, मोटर साइकिलों, गाड़ियों, साइकिलों, छोटी-छोटी दुकानों को जलाने वालों के इरादों को देश अब जान चुका है।

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उन्होंने कहा कि मोदी को देश की जनता ने सत्ता में बैठाया है, अगर वो आपको मोदी पसंद नहीं है, तो मोदी को गाली दो, मोदी का विरोध करो, मोदी का पुतला जलाओ, लेकिन देश की संपत्ति मत जलाओ, गरीब का रिक्शा मत जलाओ, गरीब की झोपड़ी मत जलाओ। उन्होंने कहा कि जिन पुलिसवालों पर लोग पत्थर बरसा रहे हैं, उन्हें जख्मी करके किसी को क्या मिलेगा, जिन्होंने देश की शांति और सुरक्षा के लिए शहादत दी है।

बकौल पीएम मोदी, जब कोई संकट या मुश्किल आती है तो यह पुलिस न धर्म पूछती है न जाति, न ठंड देखती है न बारिश और आपकी मदद के लिए आकर खड़ी हो जाती है, जो लोग उपदेश दे रहे हैं, लेकिन शांति के लिए एक शब्द बोलने के लिए तैयार नहीं हैं, इसका मतलब है कि हिंसा को मौन सहमति है, जिसे देश अपनी खुली आंखों से देख रहा है।

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उन्होंने कहा कि सीएए के खिलाफ झूठ बोलने वाले, अफवाह फैलाने वाले लोगों को पहचानने की जरूरत है, जो समान्यतया दो तरह के होते हैं। एक वो लोग जिनकी राजनीति दशकों तक वोट बैंक पर ही टिकी रही है, दूसरे वो लोग जिनको इस राजनीति का लाभ मिला है।

प्रधानमंत्री ने बिना नाम लिए कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि वोट बैंक की राजनीति करने वाले और खुद को भारत का भाग्य विधाता मानने वाले जब देश की जनता द्वारा नकार दिए गए, तो उन्होंने अपना पुराना हथियार निकाल लिया है, जो है, बांटों, भेद करो और अपना राजनीतिक उल्लू सीधा करो।

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प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि नागरिकता संशोधन कानून भारत के किसी नागरिक के लिए नहीं है, फिर चाहे वो हिंदू हो या मुसलमान, क्योंकि सीएए कानून का देश के अंदर रह रहे 130 करोड़ लोगों से कोई वास्ता ही नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके साथी, शहरों में रहने वाले कुछ पढ़े-लिखे अर्बन नक्सल जबरन यह अफवाह फैला रहे हैं कि सारे मुसलमानों को डिटेंशन सेंटर में भेज दिया जाएगा जबकि यह सच्चाई को कोसो दूर है।

प्रधानमंत्री ने अफवाह फैलाने वाले कांग्रेस समेत सभी दलों से आह्लान किया है कि कम से कम एक बार पढ़ लीजिए कि नागरिकता संशोधन एक्ट है क्या? उन्होंने कहा कि जो इस देश की मिट्टी के मुसलमान हैं, जिनके पुरखे मां भारती की ही संतान थे, उन पर नागरिकता कानून और NRC दोनों का ही कोई लेना-देना नहीं है।

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प्रधानमंत्री ने आश्वस्त किया कि सीएए उन लोगों पर लागू होगा जो बरसों से भारत में ही रह रहे हैं। किसी नए शरणार्थी को इस कानून का फायदा नहीं मिलेगा। ये कानून पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक प्रताड़ना की वजह से आए लोगों को सुरक्षा देने के लिए है, लेकि न लोग CAA को गरीबों के खिलाफ बता रहे हैं और कह रहे हैं कि जो लोग आएंगे वो यहां के गरीबों का हक छीन लेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि झूठ फैलाने से पहले गरीबों पर तो दया करो। पाकिस्तान से जो शरणार्थी आए हैं उनमें से अधिकतर दलित परिवार से हैं, वहां आज भी दलितों के साथ दुर्व्यवहार होता है, वहां बेटियों के साथ अत्याचार होता है, जबरन शादी करके उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जाता है।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि एक्ट में चिन्हित तीनों इस्लामिक पड़ोसी देशों में इसलिए किया जाता है, क्योंकि उनकी आस्था, पूजा पद्धति अलग है। ऐसे शोषण के कारण भारत लौटकर आए और देश के अलग-अलग कोनो में रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं दलित राजनीति करने का दावा करने वालों से पूछना चाहता हूं कि आप इतने वर्षों से चुप क्यों थे?

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों से सवाल किया कि उन्हें दलितों की तकलीफ कभी क्यों नहीं दिखाई दी। आज जब इन दलितों के जीवन की सबसे बड़ी चिंता दूर करने का काम मोदी सरकार कर रही है तो उनके पेट में चूहे क्यों दौड़ रहे हैं?

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प्रधानमंत्री ने कहा कि रिफ्यूजी का जीवन क्या होता है? बिना कसूर के अपने घरों से निकाल देने का दर्द क्या होता है? यह दिल्ली से बेहतर कौन समझ सकता है, जहां का कोई कोना ऐसा नहीं है, जहां बंटवारे के बाद किसी रिफ्यूजी का और बंटवारे से अल्पसंख्यक बने भारतीय का आंसू ना गिरा हो।

पीएम मोदी ने आश्वस्त किया कि सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट किसी की नागरिकता छीनने के लिए नहीं, बल्कि नागरिकता देने के लिए है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का उद्धरण देते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू और सिख साथियों को जब लगे कि उन्हें भारत आना चाहिए तो उनका स्वागत है।

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उन्होंने बताया कि सीएए में दी गई रियायत तब की भारत की सरकार के वादे के मुताबिक है, जो बंटवारे के कारण उस समय अल्पसंख्यक बने करोड़ों भारतीयों के साथ आज से 70 साल पहले किया गया था। मनमोहन सिंह के संसद में दिए गए भाषण का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद में खड़े होकर उन्होंने कहा था कि हमें बांग्लादेश से आए उन लोगों को नागरिकता देनी चाहिए, जिनका अपनी आस्था की वजह से वहां पर उत्पीड़न हो रहा है।

वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला करते हुए प्रधानंत्री ने कहा कि ममता दीदी, सीएए को लेकर कोलकाता से सीधे संयुक्त राष्ट्र पहुंच गई हैं, लेकिन कुछ साल पहले तक यही ममता दीदी संसद में खड़े होकर गुहार लगा रही थीं कि बांग्लादेश से आने वाले घुसपैठियों को रोका जाए, वहां से आए पीड़ित शरणार्थियों की मदद की जाए।

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उन्होंने कहा कि आज जिस वामपंथ को भारत की जनता नकार चुकी है, जो अब समाप्ति पर है, उसी के दिग्गज नेता प्रकाश करात ने भी धार्मिक उत्पीड़न की वजह से बांग्लादेश से आने वालों को मदद की बात कही थी। प्रधानमंत्री के मुताबिक आज जब वही लोग धार्मिक उत्पीड़न की वजह से भारत आए शरणार्थियों को नागरिकता देने से मना कर रहे हैं, तो इनका असली चेहरा लोगों के सामने आ रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि लगता है कि उस समय की हमदर्दी सिर्फ बहाना था, क्योंकि आज जो पार्टियां यहां शोर मचा रही हैं, वो 2004 में कहां थीं जब वहां की सरकार ने कहा कि राज्य से बाहर के निवासी से शादी करने पर जम्मू-कश्मीर की बेटियों की वहां की नागरिकता खत्म हो जाएगी। क्या वो भेदभाव भारत के संविधान की स्पिरिट के अनुसार था?

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प्रधानमंत्री दुख जाहिर करते हुए कहा कि आज जब नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने वालों के हाथ में ईंट-पत्थर देखता हूं तो मुझे बहुत तकलीफ होती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी आज इस बात से तिलमिलाए हुए हैं कि आखिर क्यों मोदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और खासकर मुस्लिम बहुल देशों में इतना समर्थन मिलता है, क्यों वो देश मोदी को इतना पसंद करते हैं?

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जो इस्लामिक वर्ल्ड हैं, उनके साथ भारत के संबंध मौजूदा दौर में सबसे बेहतरीन हैं। फिर चाहे फिलिस्तीन हो, ईरान हो, सऊदी अरब हो, यूएई हो, या फिर जॉर्डन, इन तमाम देशों के साथ भारत के रिश्ते आज एक नई ऊंचाई को छू रहे हैं।

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इसकी तस्दीक अफगानिस्तान,फिलिस्तीन, सऊदी अरब, यूएई, मालदीव और बहरीन देशों द्वारा भारत को दिया गया सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। प्रधानमंत्री ने कहा उपरोक्त सभी मुस्लिम देशों द्वारा भारत को दिया यह सम्मान दर्शाता है कि वो भारत की संस्कृति के साथ अपने रिश्ते को और प्रगाढ़ करने की कोशिश की है।

यह भी पढ़ें- डिटेन्शन सेंटर की बात सरासर झूठ, कांग्रेस और अर्बन नक्सलियों ने फैलाई अफवाह: आभार रैली में PM मोदी

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