PM Modi: 'गोधरा कांड दुखद, 2000 के बाद..' लेक्स फ्रीडमैन के पॉडकास्ट में गुजरात दंगे पर क्या बोले पीएम मोदी
PM Modi: प्रधानमंत्री मोदी ने एक प्रसिद्ध पॉडकास्ट में गोधरा कांड की घटना के पर बात की। पीएम मोदी ने इस घटना को 'अकल्पनीय परिमाण की त्रासदी' करार दिया। उन्होंने कहा कि गोधरा ट्रेन घटना तब हुई जब वह बजट सत्र के लिए गुजरात विधानसभा में बैठे थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार, 16 मार्च को अपने दशकों लंबे राजनीतिक जीवन के दूसरे पॉडकास्ट में शामिल हुए। इस बार उनके साथ अमेरिकी पॉडकास्टर और एआई शोधकर्ता लेक्स फ्रिडमैन भी थे।

PM Modi News: 'गोधरा सबसे बड़ा दंगा नहीं', पीएम मोदी
पीएम मोदी ने अमेरिकी पॉडकास्टर और एआई रिसर्चर लेक्स फ्रिडमैन के पॉडकास्ट में कहा कि हर कोई शांति पसंद करता है। गोधरा की घटना तब हुई थी जब 27 फरवरी, 2002 को हम बजट सत्र के लिए विधानसभा में बैठे थे। उसी दिन मुझे राज्य का प्रतिनिधि बने हुए सिर्फ तीन दिन हुए थे जब अचानक भीषण घटना हुई। यह 'अकल्पनीय परिमाण की त्रासदी' थी। लोगों को जिंदा जला दिया गया यह सभी के लिए बेहद दुखद था।
प्रधान मंत्री ने गोधरा को गुजरात का सबसे बड़े दंगे होने की धारणा को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि "यह धारणा कि ये अब तक का सबसे बड़ा दंगा था, गलत है। अगर आप 2002 से पहले के आंकड़ों की समीक्षा करेंगे, तो आप देखेंगे कि गुजरात में लगातार दंगे हुए।
PM Modi: तत्कालीन केंद्र सरकार पर लगाया आरोप
पीएम ने लेक्स फ्रिडमैन से बातचीत में कहा कि गुजरात में कहीं-कहीं लगातार कर्फ्यू लगाया जा रहा था। पतंगबाजी की प्रतियोगिता या यहां तक कि मामूली साइकिल टक्कर जैसी छोटी-मोटी बातों पर सांप्रदायिक हिंसा भड़क सकती थी। 2002 से पहले, गुजरात में 250 से ज्यादा बड़े दंगे हुए। 1969 में दंगे करीब छह महीने तक चले थे। इसलिए, मेरे सामने आने से बहुत पहले से ही एक लंबा इतिहास है।"
पीएम मोदी ने इस बात को स्वीकार किया कि गोधरा ट्रेन आगजनी की घटना ने कुछ लोगों को हिंसा की ओर प्रेरित किया। उन्होंने कांग्रेस का नाम लिए बगैर उस पर आरोप लगाया कि केंद्र में सत्ता में बैठे उनके विरोधियों ने उनकी सरकार के खिलाफ आरोप लगाने की कोशिश की वे चाहते थे कि हमारे खिलाफ सभी आरोप टिके रहें। हालांकि, न्यायपालिका ने स्थिति का विश्लेषण करने के बाद हमें निर्दोष पाया।
PM Modi News: 2002 के बाद गुजरात में कोई बड़ा दंगा नहीं
पीएम ने इस बात पर बल दिया कि 2002 में हुई ये घटना एक चिंगारी बन गई थी जिसने कुछ लोगों को हिंसा की ओर प्रेरित किया। हालांकि कोर्ट ने मामले की गहन जांच की। पीएम मोदी 2002 के बाद गुजरात में कोई भी बड़ा दंगा नहीं होने पर तारीफ कि और कहा मेरे होम स्टेट में "पूरी तरह से शांति है क्योंकि उनकी सरकार का मंत्र सभी के लिए विकास पर केंद्रित है।
पीएम ने कहा कि हमारा दृष्टिकोण हमेशा विश्व बैंक की राजनीति से बचने का रहा है। हम सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का मंत्र लेकर चलते हैं। तुष्टिकरण की राजनीति से हटकर आकांक्षा की राजनीति की ओर बढ़ गए हैं। उन्होंने कहा, "इस वजह से, जो कोई भी योगदान देना चाहता है, वह स्वेच्छा से हमसे जुड़ता है। आज, गुजरात एक विकसित भारत के निर्माण में भी सक्रिय रूप से योगदान दे रहा है।"
क्या है गोधरा कांड?
27 फरवरी, 2002 को, हिंदू कारसेवकों को ले जा रही साबरमती एक्सप्रेस को भीड़ ने आग लगा दी थी, जिसके परिणामस्वरूप महिलाओं और बच्चों सहित 59 लोग मारे गए थे। इसके बाद पूरे गुजरात में सांप्रदायिक दंगे हुए, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए। 2011 में, एक विशेष अदालत ने गोधरा ट्रेन आगजनी की घटना के सिलसिले में 31 लोगों को दोषी ठहराया, जिसके बाद 2014 में गुजरात उच्च न्यायालय ने 11 लोगों की सजा को बरकरार रखा और 20 अन्य को बरी कर दिया।












Click it and Unblock the Notifications