PM Kisan Scheme: सावधान! भारी पड़ेगी ये गलती, किसानों को नहीं मिलेगी पीएम किसान निधि की 22वीं किस्त
PM Kisan Scheme: पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त 19 नवंबर को जारी की गई, जिसके तहत देशभर के 9 करोड़ से ज्यादा किसानों के खाते में 2,000 रुपये भेजे गए। लेकिन इस बार लाखों किसानों को किस्त नहीं मिली, जिससे ग्रामीण इलाकों में चिंता बढ़ गई है। कई किसान इस बात से परेशान हैं कि कहीं उनका नाम स्थायी रूप से सूची से हट तो नहीं गया।
सरकार की ओर से साफ किया गया है कि जिन किसानों का नाम इस बार सूची से हटाया गया है, वे अपने दस्तावेज और eKYC ठीक करके फिर से योजना में शामिल हो सकते हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जी लाभार्थियों को हटाने के लिए उठाया गया है, ताकि असली किसानों को ही योजना का लाभ मिल सके।

किस्त जारी हुई लेकिन पैसा क्यों नहीं पहुंचा?
21वीं किस्त जारी होने के बाद पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के किसानों के खाते में सबसे पहले राशि पहुंची। लेकिन देशभर के आंकड़े सामने आते ही यह साफ हो गया कि इस बार रिकॉर्ड संख्या में किसानों के नाम लाभार्थी सूची से हटाए गए हैं।
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सरकारी डेटा के अनुसार, 35,88,245 किसानों के नाम इस बार की सूची से बाहर कर दिए गए, जो पीएम किसान योजना की शुरुआत से अब तक एक किस्त में हटाए गए सबसे बड़े नामों की संख्या है।
नाम हटने के मुख्य कारण क्या हैं?
सरकार की जांच में यह पाया गया कि 31 लाख से ज्यादा संदिग्ध लाभार्थी योजना का लाभ ले रहे थे। इनमें ऐसे लोग शामिल थे जो पात्रता मानकों को पूरा नहीं करते थे, लेकिन फिर भी किस्त ले रहे थे।
नाम हटने के प्रमुख कारण:
- एक ही परिवार में पति-पत्नी दोनों लाभ ले रहे थे, जबकि योजना में एक परिवार को केवल एक सदस्य को किस्त मिलती है।
- नाबालिग व्यक्तियों के नाम पर किस्त ली जा रही थी।
- eKYC पूरा न करने वाले किसानों के नाम सूची से काटे गए।
- बैंक खाते या आधार विवरण में त्रुटियां होने पर किस्त रोक दी गई।
- मृत किसानों की जानकारी अपडेट न होने से कई गलत लाभार्थियों के नाम सूची में बने रहे, जिन्हें इस बार हटाया गया।
सरकार का मानना है कि इन कदमों से फर्जी लाभार्थियों को रोका जा सकेगा और योजना की राशि सही हाथों तक पहुंचेगी।
जिन किसानों के नाम हटे, वे दोबारा लाभ कैसे पा सकते हैं?
सरकार ने साफ कर दिया है कि जिन किसानों को इस बार की किस्त नहीं मिली, वे कुछ सरल सुधार करके दोबारा योजना से जुड़ सकते हैं।
किसान ऐसा कर सकते हैं:
✔ 1. तुरंत eKYC पूरा करें
- पीएम किसान पोर्टल पर जाकर OTP या बायोमेट्रिक eKYC कराएं।
- कई जिलों में कस्टमर सर्विस सेंटर (CSC) पर बायोमेट्रिक eKYC अनिवार्य किया गया है।
✔ 2. दस्तावेज की त्रुटियां ठीक करें
- आधार नंबर, बैंक खाता और IFSC को दोबारा जांचें।
- गलत विवरण होने पर किस्त स्वतः रुक जाती है।
✔ 3. गलत आवेदन Surrender करें
- यदि परिवार में पति-पत्नी या नाबालिग के नाम पर लाभ लिया गया है, तो तुरंत गलत आवेदन वापस लें।
- ऐसा न करने पर दोनों ही नाम भविष्य में स्थायी रूप से ब्लॉक हो सकते हैं।
✔ 4. Farmer ID अपडेट करें
- जिन किसानों की Farmer ID गलत है या मिलान नहीं हो रहा, वे नया ID जनरेट कर सकते हैं।
- कई राज्यों ने इसके लिए ऑनलाइन सुविधा दी है।
✔ 5. कृषि विभाग में वेरिफिकेशन कराएं
- स्थानीय कृषि कार्यालय में जाकर सही परिवार सदस्य का सत्यापन कराएं।
- अधिकारी कुछ दस्तावेज देखकर आपका नाम दोबारा सूची में जोड़ सकते हैं।
✔ 6. PM Kisan Status चेक करें
- पोर्टल पर जाकर स्टेटस देखकर पता लगाएं कि किस वजह से नाम हटाया गया।
- "Reason for Rejection" सेक्शन में सटीक जानकारी लिखी होती है।
✔ 7. यदि फिर भी दिक्कत हो, तो शिकायत दर्ज करें
- जिला कृषि कार्यालय या पीएम किसान हेल्पलाइन पर शिकायत की जा सकती है।
- कई मामलों में शिकायत दर्ज होने के बाद अगले चक्र में किस्त जारी कर दी जाती है।
क्या आगे से किस्त फिर समय पर मिलेगी?
अगर किसान eKYC, दस्तावेज और बैंक जानकारी पूरी तरह अपडेट कर लेते हैं, तो उनका नाम फिर से लाभार्थी सूची में आ जाएगा। अगली किस्त जारी होते ही राशि सीधे खाते में भेज दी जाएगी।
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