PM Kisan Samman Nidhi Yojana: दूसरों की जमीन पर खेती करने वालों को मिलेगी 22वीं किस्त? क्या कहता है नियम
PM Kisan Samman Nidhi Yojana: भारत सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना देश के करोड़ों अन्नदाताओं के लिए आर्थिक संबल का सबसे बड़ा जरिया बन चुकी है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की सीधी वित्तीय सहायता दी जाती है, जो 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में प्रदान की जाती है। अब तक सरकार सफलतापूर्वक 21 किस्तें जारी कर चुकी है, जिसमें आखिरी किस्त 19 नवंबर 2025 को किसानों के बैंक खातों में भेजी गई थी।
वर्तमान में देश के किसान 22वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन इसी बीच पात्रता के नियमों को लेकर कई बड़ी गलतफहमियां भी सामने आ रही हैं। विशेष रूप से दूसरों की जमीन पर खेती करने वाले (बटाईदार) किसानों के बीच इस बात को लेकर काफी भ्रम है कि क्या वे इस लाभ के हकदार हैं या नहीं?

जानकारी के अभाव या दस्तावेजों में मामूली त्रुटि के कारण लाखों किसानों की किस्त अटकने का खतरा हमेशा बना रहता है। इसलिए अगली किस्त आने से पहले नियमों की बारीकियों को समझना अनिवार्य है।
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PM Kisan Yojana का कौन है असली हकदार?
सरकार ने इस योजना के लिए पात्रता की शर्तें बहुत स्पष्ट रखी हैं। केवल वही किसान इसका लाभ उठा सकते हैं जो इन मानदंडों को पूरा करते हैं:
स्वामित्व का प्रमाण: योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलता है, जिनके नाम पर खेती योग्य भूमि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है।
राजस्व रिकॉर्ड: किसान का नाम राज्य सरकार के भूमि रिकॉर्ड (खतौनी या पट्टा) में होना अनिवार्य है।
श्रेणी: यह मुख्य रूप से छोटे और सीमांत किसानों के लिए है जिनके पास अपनी जमीन है।
दस्तावेज: आधार कार्ड, बैंक खाता और भूमि रिकॉर्ड का आपस में सही मिलान होना जरूरी है।
PM Kisan: क्या दूसरों की जमीन पर खेती करने वालों को मिलेगा पैसा?
यह सवाल अक्सर पूछा जाता है कि क्या बटाईदार या ठेके पर खेती करने वाले किसानों को 6,000 रुपये मिलेंगे? नियम बिल्कुल साफ है:
बटाईदार और ठेका किसान: यदि आप किसी दूसरे की जमीन पर खेती करते हैं और भूमि रिकॉर्ड (Land Records) में आपका नाम मालिक के तौर पर दर्ज नहीं है, तो आप इस योजना के पात्र नहीं हैं।
लीज पर खेती: बिना किसी लिखित कानूनी लीज या मालिकाना हक के खेती करने वालों को योजना का लाभ नहीं दिया जाता। संक्षेप में, योजना का आधार 'खेती करना' नहीं, बल्कि 'जमीन का मालिक होना' है।
PM Kisan Yojana: कौन लोग नहीं ले सकते योजना का लाभ?
सरकार समय-समय पर ऑडिट करती है ताकि अपात्र लोग योजना का गलत फायदा न उठा सकें। निम्नलिखित लोग योजना से बाहर हैं:
- आयकर (Income Tax) देने वाले किसान।
- सरकारी कर्मचारी (वर्तमान या सेवानिवृत्त) और 10,000 रुपये से अधिक पेंशन पाने वाले लोग।
- संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्ति।
- संस्थागत भूमि मालिक या बहुत बड़े जमींदार।
सावधान! इन 6 गलतियों से अटक जाएगी पीएम किसान की 22वीं किस्त
अक्सर पात्र किसान भी इन तकनीकी कमियों के कारण अपनी किस्त खो देते हैं:
नाम में अंतर: आधार कार्ड और बैंक खाते में नाम की स्पेलिंग अलग होना।
आधार सीडिंग: आधार कार्ड का बैंक खाते से लिंक (Link) न होना।
भूमि रिकॉर्ड की गलती: खतौनी में डेटा का पोर्टल के साथ मैच न करना।
अपूर्ण e-KYC: यदि आपने अभी तक बायोमेट्रिक या ओटीपी के जरिए e-KYC नहीं की है।
गलत बैंक विवरण: खाता नंबर या IFSC कोड में एक भी अंक की गलती।
सत्यापन का अभाव: समय-समय पर होने वाले फिजिकल वेरिफिकेशन में अनुपस्थित रहना।
PM Kisan Yojana: अगली किस्त से पहले क्या करें किसान?
22वीं किस्त का पैसा बिना रुकावट पाने के लिए किसान तुरंत ये कार्य पूरे करें:
- पीएम किसान पोर्टल (pmkisan.gov.in) पर जाकर अपना e-KYC अपडेट करें।
- अपने बैंक जाकर सुनिश्चित करें कि खाता आधार सीडेड और डीबीटी (DBT) के लिए सक्रिय है।
- पोर्टल पर 'Beneficiary Status' चेक करें ताकि पता चल सके कि भूमि रिकॉर्ड सत्यापित है या नहीं।
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