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PM Kisan Yojana: 33 हजार से ज्यादा किसानों के नाम लिस्ट से डिलीट, क्या आपके खाते में भी नहीं आएंगे पैसे?

PM Kisan Samman Nidhi Yojana: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan) की पारदर्शिता को लेकर प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा अभियान शुरू किया है। बिहार के भागलपुर में हालिया जांच में नियमों की अनदेखी करने वाले 33,325 अपात्र लोगों के नाम लाभार्थी सूची से हटा दिए गए हैं। इस कार्रवाई ने उन लोगों के बीच हड़कंप मचा दिया है जो गलत तरीके से सरकारी धन का लाभ उठा रहे थे।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल शुरुआत है। राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें अब गांव-गांव जाकर भौतिक सत्यापन कर रही हैं। जांच का मुख्य केंद्र आयकरदाता, सरकारी कर्मचारी और मृतक लाभार्थी हैं। सरकार अब 'फार्मर आईडी' को अनिवार्य बना रही है, ताकि केवल वास्तविक और पात्र किसानों तक ही आर्थिक सहायता पहुंच सके।

PM Kisan Samman Nidhi Yojana

PM Kisan Yojana: अपात्र घोषित होने के मुख्य कारण

जांच में यह तथ्य सामने आया कि हजारों लोग पात्रता की शर्तों का उल्लंघन कर रहे थे। सूची से हटाए गए नामों के पीछे ये प्रमुख कारण रहे:

  • सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी: सबसे अधिक 24,318 लोग ऐसे पाए गए जो सरकारी नौकरी में रहते हुए योजना का लाभ ले रहे थे।
  • आयकरदाता (Taxpayers): योजना के नियमों के अनुसार टैक्स भरने वाले किसान इसके पात्र नहीं हैं, फिर भी 3,911 लोग गलत तरीके से पैसे ले रहे थे।
  • मृतक लाभार्थी: जांच में 3,571 ऐसे मामले मिले जहाँ लाभार्थी की मृत्यु के बाद भी उनके खातों में किस्तें जा रही थीं।
  • डेटा में विसंगति: कई मामलों में आधार कार्ड और जमीन के सरकारी रिकॉर्ड (जमाबंदी) में नाम मेल नहीं खा रहे थे।

PM Kisan: अंतरराज्यीय गड़बड़ी और भूमि विवाद

जांच का एक चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि कई लोग निवास झारखंड में कर रहे हैं, लेकिन लाभ बिहार के कोटे से उठा रहे थे। इसके अलावा, कई ऐसे लोग भी चिन्हित किए गए हैं जिनके पास या तो बहुत कम जमीन है या उनके नाम पर जमीन की जमाबंदी ही दर्ज नहीं है।

लाभार्थियों की संख्या में भारी गिरावट

अपात्रों की छंटनी के बाद जिले के आंकड़ों में बड़ा बदलाव आया है:

  • पहले कुल लाभार्थी: 2,74,158
  • हटाए गए नाम: 33,325
  • वर्तमान सक्रिय लाभार्थी: 2,40,833

चिंता वाली बात यह है कि वर्तमान 2.40 लाख लाभार्थियों में से केवल 1,11,487 किसानों की ही फार्मर आईडी (Farmer ID) बन पाई है। शेष 1,29,346 किसानों की आईडी अभी भी लंबित है, जिससे उन पर किस्त रुकने का खतरा मंडरा रहा है।

PM Kisan: फार्मर आईडी, अब यही होगी किसान की पहचान

प्रशासन ने सख्त लहजे में कहा है कि भविष्य में किसान की आधिकारिक पहचान उसकी 'फार्मर आईडी' से होगी।

अनिवार्यता: जिनके नाम पर जमीन है, उन्हें रजिस्ट्रेशन कराना ही होगा, चाहे वे व्यवसाय करते हों या निजी नौकरी।

सुविधा: फार्मर आईडी न होने पर न केवल पीएम किसान बल्कि अन्य कृषि संबंधित सरकारी योजनाओं का लाभ भी बंद कर दिया जाएगा।

रैंकिंग: फार्मर आईडी बनाने के मामले में जिला राज्य में तीसरे स्थान (शिवहर, कटिहार और पूर्णिया के बाद) पर है, जबकि फार्मर रजिस्ट्री में यह चौथे स्थान पर है।

PM Kisan: 2 मार्च तक चलेगा विशेष अभियान

सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए 2 मार्च तक 'अभियान मोड' में काम करने का निर्देश दिया है। प्रखंड स्तर पर अधिकारियों को लक्ष्य दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द पात्र किसानों का ई-केवाईसी और फार्मर आईडी पंजीकरण सुनिश्चित करें। किसानों से अपील की गई है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए तुरंत अपने नजदीकी कृषि कार्यालय या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से संपर्क करें।

With AI Inputs

ये भी पढ़ें: PM Kisan Yojana: कब आएगी पीएम किसान की 22वीं किस्त, कब जारी होगा पैसा-कैसे चेक करें स्टेटस?

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