PM Kisan 22nd Installment: राष्ट्रपति के संबोधन से बढ़ी उम्मीदें, क्या 22वीं किस्त में आएंगे एक्स्ट्रा पैसे?
PM Kisan 22nd Installment: संसद का बजट सत्र 28 जनवरी 2026 से शुरू हो चुका है, जिसकी शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के ऐतिहासिक संबोधन के साथ हुई। लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने देश के अन्नदाताओं की खुशहाली और विकास को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। अपने भाषण के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा पेश किया और आने वाली महत्वपूर्ण योजनाओं की रूपरेखा शेयर की।
इस संबोधन का मुख्य आकर्षण 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' (PM-Kisan) योजना रही, जिसे राष्ट्रपति ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा करार दिया। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि सरकार की हर नीति के केंद्र में किसान हैं, क्योंकि समाज का हर वर्ग उनकी मेहनत पर टिका है। राष्ट्रपति के इस भाषण ने देशभर के करोड़ों किसानों के बीच 22वीं किस्त को लेकर उम्मीदें और भी बढ़ा दी हैं।

PM Kisan Yojana: खुशहाल किसान, समृद्ध भारत
राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने संबोधन में 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना' (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) की सराहना करते हुए इसे किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने वाला एक क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हमेशा से एक खुशहाल और सशक्त किसान रहा है, और इसी सोच के साथ इस योजना की नींव रखी गई थी। यह योजना आज न केवल किसानों को कर्ज के जाल से बचा रही है, बल्कि उन्हें खेती की आधुनिक जरूरतों के लिए समय पर नकदी भी उपलब्ध करा रही है।
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PM Kisan: 4 लाख करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में
संबोधन के दौरान राष्ट्रपति ने योजना की पारदर्शिता और पहुंच पर महत्वपूर्ण आंकड़े पेश किए:
सीधी मदद: राष्ट्रपति ने बताया कि योजना की शुरुआत से अब तक किसानों के बैंक खातों में सीधे 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि भेजी जा चुकी है।
बिचौलियों का अंत: उन्होंने जोर देकर कहा कि डीबीटी (DBT) के माध्यम से बिना किसी बिचौलिए के यह पैसा सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रहा है, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है।
जरूरतों की पूर्ति: समय पर मिली इस आर्थिक सहायता ने लाखों किसानों को खाद, बीज और अन्य कृषि उपकरणों की खरीदारी में बड़ी राहत दी है।
PM Kisan Nidhi: किसान देश की नींव, संत तिरुवल्लुवर का जिक्र
किसानों के महत्व को रेखांकित करने के लिए राष्ट्रपति ने महान संत तिरुवल्लुवर के कथन का सहारा लिया। उन्होंने कहा कि समाज का हर वर्ग किसान की मेहनत और अनाज पर निर्भर करता है। राष्ट्रपति के अनुसार, "किसान देश की रीढ़ हैं और सरकार उनके हितों को सभी नीतियों में सबसे ऊपर रखती है।"
PM Kisan 22वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार
पीएम किसान योजना के तहत अब तक की 21 किस्तें सफलतापूर्वक जारी की जा चुकी हैं। पिछली (21वीं) किस्त पिछले साल नवंबर में जारी की गई थी। बजट सत्र की शुरुआत में राष्ट्रपति द्वारा इस योजना का विशेष उल्लेख किए जाने के बाद अब देशभर के पात्र किसानों की नजरें 22वीं किस्त पर टिक गई हैं। सियासी गलियारों और कृषि विशेषज्ञों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि सरकार बजट सत्र के दौरान ही अगली किस्त जारी करने की तारीख का ऐलान कर सकती है।
PM Kisan:भविष्य की तैयारी, आय दोगुनी करने का लक्ष्य
राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि सरकार केवल वर्तमान तक सीमित नहीं है, बल्कि खेती को आसान और लाभदायक बनाने के लिए और भी बड़े कदम उठाने की तैयारी में है।
तकनीक का समावेश: आने वाले समय में खेती को स्मार्ट बनाने के लिए नई योजनाओं को पीएम किसान के साथ जोड़ा जा सकता है।
आय में वृद्धि: सरकार का लक्ष्य किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए कृषि बुनियादी ढांचे (Agri Infrastructure) को और मजबूत करना है।
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