PM Awas Yojana: प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर मोदी सरकार पहली बार करवा रही सेल्फ सर्वे, किया ये बड़ा बदलाव
PM Awas Yojana: भारत सरकार की प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (PM Awas Yojana) को लेकर मोदी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मोदी सरकार इस योजना के तहत सभी जिलों में सर्वे करवा रहा है। पहली बार लाभार्थियों को खुद सर्वेक्षण करने का विकल्प दिया गया है। इस प्रकिया को सुविधाजनक बनाने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय और भारत सरकार की ओर से आवास प्लस 2024 और आवास सखी ऐप को डेवलेप किया गया है।
इतना ही नहीं यूजर्स की पहुंच बढ़ाने के लिए मंत्रालय द्वारा ये ऐप्स अपग्रेड किए गए हैं। शुरूआत में जहां सर्वे केवल हिंदी और अंग्रेजी में ही किया जा सकता था वहीं अब इस ऐप्स पर आठ अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल किया गया है जिसके जरिए अधिक संख्या में लाभार्थी इस सर्वे में हिस्सा ले सकते हैं।

आवास प्लस 2024 और आवास सखी ऐप्स में हिंदी और अंग्रेजी के अलावा, सर्वेक्षण के लिए पंजाबी, बंगाली, गुजराती, मराठी, तमिल और ओडिया को भाषा को शामिल किया गया है जिससे लाखों लाभार्थियों को लाभ होगा। केंद्र सरकार के इस कदम से बड़ी संख्या में नागरिकों के लिए सर्वेक्षण में भाग लेना आसान हो जाएगा।
मंत्रालय ने ऐप को और बेहतर बनाने के लिए इसमें और क्षेत्रीय भाषाएं जोड़ने की योजना की घोषणा की है। साथ ही, इसने सभी राज्यों को ऐप की लोकप्रियता बढ़ाने के लिए इसका प्रचार करने का निर्देश दिया है।
यूजर्स के अनुकूल बनाने के लिए की गई ये पहल
पहले, सिर्फ़ दो भाषाओं तक सीमित होने के कारण कई लोगों को चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। इसे ध्यान में रखते हुए, ऐप को यूजर्स के ज्यादा अनुकूल बनाने और नेविगेट करने में आसान बनाया गया है।
कई भाषा विकल्पों की शुरूआत का उद्देश्य ऐप की शुरुआती भाषा सीमाओं के कारण होने वाली कठिनाइयों को हल करना है। यह अपडेट ऐप को उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक सुलभ और आसान बनाता है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों के लाभार्थियों के लिए एक सहज सर्वेक्षण प्रक्रिया सुनिश्चित हो सकेगी।
ऐप का प्रचार करने का दिया गया निर्देश
मंत्रालय के निर्देशानुसार ग्रामीण विकास विभाग, पटना के संयुक्त सचिव ने सभी उप विकास आयुक्तों को इस ऐप के बारे में जानकारी दे दी है। उन्हें यह सुनिश्चित करने का जिम्मा दिया गया है कि इसके प्रचार-प्रसार की व्यवस्था की जाए।
आवास सहायकों को दी गई है ट्रेनिंग
आवास सहायकों को लाभार्थियों को ऐप का उपयोग करने के तरीके के बारे में मार्गदर्शन करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। वे ऐप संचालन के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए जिम्मेदार हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यूजर्स इसे कुशलतापूर्वक नेविगेट कर सकें।
ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) ब्लॉक स्तर पर 10 प्रतिशत डेटा का सत्यापन करेंगे, उसके बाद जिला मुख्यालय पर 2 प्रतिशत सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान चिन्हित फर्जी लाभार्थियों को हटाकर नई सूची तैयार की जाएगी, जिसे मुख्यालय भेजा जाएगा। इसके बाद सभी जिलों के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे।
क्या है पीएम आवास योजना?
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) भारत सरकार द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोगों को सुरक्षित, सस्ते और सुलभ आवास प्रदान करना है। इस योजना की शुरुआत 2015 में हुई थी। इस योजना का उद्देश्य हर व्यक्ति को एक सुरक्षित और किफायती आवास देकर सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।
इस योजना के तहत विभिन्न प्रकार के आवासीय कार्यक्रम शामिल है।
शहरी क्षेत्रों के लिए (PMAY-U)
यह योजना शहरी गरीबों और कामकाजी वर्ग के लोगों को घर उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए (PMAY-G)
इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण गरीबों को पक्के आवास उपलब्ध कराना है।
प्रधानमंत्री आवास योजना की जानें खास बातें
इस योजना के तहत लाभार्थियों को विभिन्न सुविधाएं एवं सब्सिडी प्रदान की जाती हैं, जैसे कि गृह ऋण पर ब्याज सब्सिडी, सरकारी जमीन पर घर बनाने के लिए आर्थिक सहायता आदि।
सब्सिडी
- योजना के अंतर्गत गृहऋण पर ब्याज दर में छूट प्रदान की जाती है।
- लाभार्थियों को आवश्यक निर्माण सामग्रियों के लिए आर्थिक सहायता मिलती है।
- लाभार्थियों को नया घर बनाने या पुराने घर को सुधारने के लिए सहायता दी जाती है।












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