पाकिस्तान की असलियत, दिल और दूसरे अंग निकालकर भेजा किरपाल का शव
गुरदासपुर। पाकिस्तान के लाहौर स्थित कोट लखपत सराय में पिछले दिनों दम तोड़ने वाले भारतीय कैदी किरपाल सिंह का बुधवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया है। मंगलवार को उनका शव वाघा बॉर्डर के जरिए भारत लाया गया था।

पाक की चाल और उसका चरित्र इस घटना के साथ ही एक बार फिर से सामने आ गया है। पाक ने किरपाल का शव दिल और उनके नाजुक अंगों को निकालकर भारत पहुंचाया था।
तो झूठ बोलता है पाकिस्तान
किरपाल की मौत के बाद एक और भारतीय कैदी सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर ने पाकिस्तान पर उनके हत्या का आरोप लगाया था।
इस नई खबर के साथ ही शायद उनकी कही हुई बात पर यकीन किया जा सकता है। आपको बता दे कि किरपाल उसी जेल में बंद थे जिस जेल में सरबजीत सिंह को रखा गया था।
Indian Prisoner Kirpal Singh
पोस्टमार्टम में भी झूठ
पाकिस्तान का कहना है कि किरपाल सिंह की मौत दिल का दौरा पड़ने से मौत हुई है। किरपाल के परिवार ने भी उनकी हत्या की बात कही है।
पाक के लाहौर स्थित जिन्ना अस्पताल में किरपाल के पोस्टमार्टम के बाद भारत में डॉक्टरों ने उनका पोस्टमार्टम किया था।
क्या कहते हैं भारत के डॉक्टर
अमृतसर के सरकारी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर बीएस बल ने उनका पोस्टमार्टम किया था। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम के दौरान पता चला कि शव में दिल और पेट नहीं है।
इसके अलावा शरीर पर किसी बाहरी या आंतरिक चोट का निशान नहीं पाया गया। वर्ष 1992 में उन्हें भी ब्लास्ट के आरोप में पाक ने गिरफ्तार कर लिया था।
इसके बाद पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में फैसलाबाद रेलवे स्टेशन पर सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में उन्हें मौत की सजा सुनाई गई।












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