केरल: PFI कार्यकर्ताओं और पुलिस में झड़प, कई जगहों पर पथराव, 100 से अधिक अरेस्ट
तिरुवनंतपुरम, 23 सितंबर: पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ( पीएफआई) के कार्यकर्ता शुक्रवार को सड़कों पर उतर आए। उन्होंने कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया। केरल उच्च न्यायालय ने राज्य भर से हिंसा की छिटपुट घटनाओं की सूचना के बाद कट्टरपंथी संगठन के खिलाफ स्वत: संज्ञान लिया। शुक्रवार को पीएफआई द्वारा बुलाई गई हड़ताल के दौरान राज्य की बसों में तोड़फोड़ की गई और पुलिस पर हमला किया गया।

मट्टनूर कन्नूर में आरएसएस कार्यालय पर पथराव के बाद पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है। एडीजीपी वी सखारे ने कहा कि, स्थिति नियंत्रण में है। पीएफआई द्वारा 'हड़ताल' की घोषणा के बाद हमने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए, राज्य भर में 45000 से अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात किए गए हैं। पुलिस को निर्देश दिए गए कि जो कोई भी जबरन दुकानों को बंद करने, पथराव करने या वाहनों के आवागमन में बाधा डालने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि, आज सड़कों और वाहनों की आवाजाही को अवरुद्ध करने की कोशिश करने वाले प्रदर्शनकारियों को पर ही गिरफ्तार किया गया और बाकी में मामले दर्ज किए गए, हम जांच करेंगे और उनकी पहचान करेंगे।
केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किए जाने के एक दिन बाद यह विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं। देश भर में पीएफआई नेटवर्क पर की गई छापेमारी में 100 से अधिक गिरफ्तारियां हुईं हैं। केरल में विरोध प्रदर्शन को देखते हुए कर्नाटक के एक मंत्री ने कहा कि राज्य ने कट्टरपंथी संगठन पर प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
शुक्रवार को कोट्टायम जिले के एराट्टुपेटा शहर में बड़ी संख्या में एकत्रित प्रदर्शनकारियों के वाहनों को रोकने, दुकानों को बंद कराने और निजी वाहनों पर यात्रा करने वाले लोगों को धमकी देने की कोशिश करने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। सूत्रों ने बताया कि एहतियाती कदम के तहत स्थानीय पुलिस थानों में कई पीएफआई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने की सूचना है।
तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, कोझिकोड, वायनाड और अलप्पुझा समेत विभिन्न जिलों में केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बसों पर पथराव किया गया। कई बसें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। उनके शीशे टूट गए और सीट क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि परिवहन मंत्री एंटनी राजू ने कहा कि केएसआरटीसी की बसों के खिलाफ व्यापक हमलों के मद्देनजर सेवा नहीं रोकी जाएगी। पुलिस निश्चित रूप से हिंसा और बर्बादी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।'
केरल हाई कोर्ट ने पीएफआई के बंद पर स्वत: संज्ञान लिया है। केरल हाई कोर्ट ने पीएफआई के नेताओं के खिलाफ संज्ञान लिया। पीएफआई के हमलों पर सख्त कार्रवाई के लिए कहा। हाई कोर्ट ने कहा कि कोई भी बिना इजाजत राज्य में बंद नहीं बुला सकता है।












Click it and Unblock the Notifications