कोरोना वायरस की तीसरी लहर को लेकर ICMR ने अपनी नई रिसर्च में क्या कहा?
भारत में त्योहारों का सीजन नजदीक है। इसके अलावा लोगों ने आगामी छुट्टियों को देखते हुए सैर-सपाटे की तैयारी शुरू कर दी है। इसी बीच भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने चेतावनी जारी की है।
नई दिल्ली, 5 अक्टूबर। भारत में त्योहारों का सीजन नजदीक है। इसके अलावा लोगों ने आगामी छुट्टियों को देखते हुए सैर-सपाटे की तैयारी शुरू कर दी है। पैकिंग लगभग लगभग पूरी हो चुकी है। इसी बीच भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने चेतावनी जारी की है। आईसीएमआर ने कहा है कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या और सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक आयोजनों में भीड़ तीसरी लहर के खतरे को बढ़ा सकती है। आईसीएमआर ने भीड़भाड़ और सामूहिक आयोजनों से बचने की सलाह दी है।
Recommended Video

आईसीएमआर और इम्पीरियल कॉलेज ऑफ लंदन की एक स्टडी के मुताबिक पर्यटन से भारत में कोरोना की तीसरी लहर का खतरा पैदा हो सकता है और यह अगले साल फरवरी और मार्च में पीक पर पहुंच सकती है। स्टडी के मुताबिक भारत के जनसंख्या घनत्व को देखते हुए यहां कोरोना के फैलने का खतरा अमेरिका से ज्यादा है। ऐसे में यह तीसरी लहर के खतरे को 103 फीसदी बढ़ा सकता है। इसके अलावा स्टडी में कहा गया है कि फेस्टिव सीजन और पर्यटन के कारण महामारी का चरम चार हफ्ते पहले ही आ सकता है।
यह भी पढ़ें: SBI PO Recruitment 2021: एसबीआई ने PO के पदों पर निकालीं बंपर भर्तियां, यहां लें पूरी जानकारी
पिछले महीने ट्रैवल मेडिसिन नामक जर्नल में प्रकाशित हुए इस अध्ययन में इस बात की गणना की गई है कि क्या घूमने के कारण भारत में कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है। इस शोध में आईसीएमआर के डायरेक्टर जनरल बलराम भार्गव ने भी हिस्सा लिया था।
इस शोध में शोधकर्ताओं ने गणितीय मॉडल के जरिए हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य में आई कोरोना की पहली और दूसरी लहर का आकलन किया। शोधकर्ताओं ने कहा कि पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर ज्यादा घातक थी लेकिन कम आबादी वाले इलाकों में यह कम घातक थी। स्टडी के मुताबिक हिमाचल प्रदेश जैसे पर्यटन स्थलों पर सैलानियों के जाने के बाद कोरोना अधिक फैला। शोधकर्ताओं ने कहा कि इसमें कोई दोराय नहीं की पर्यटन से अर्धव्यवस्था को बल मिला, लेकिन फिलहाल पर्यटन पर रोक रहनी चाहिए, अन्यथा कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है। शोधकर्ताओं ने कहा कि यदि पर्यटन के दौरान लोग कोरोना को लेकर लापरवाही बरतते हैं तो तीसरी लहर की पीक 103 फीसदी बढ़ सकती है।












Click it and Unblock the Notifications