पेगासस जासूसी पर बोले प्रशांत किशोर-5 बार मोबाइल हैंडसेट बदला, लेकिन हैकिंग जारी है
नई दिल्ली, जुलाई 19: पेगासस स्पाइवेयर को लेकर हुए ताजा खुलासे में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर समेत कई नाम सामने आए हैं। जासूसी की लिस्ट में अपना नाम आने पर प्रशांत किशोर ने एनडीटीवी से कहा कि, पांच बार मोबाइल हैंडसेट बदला, लेकिन हैकिंग जारी है। आज सामने आई रिपोर्ट में फोरेंसिक विश्लेषण के हवाले से लिखा गया है कि प्रशांत किशोर के फोन से हाल ही 14 जुलाई को छेड़छाड़ की गई थी।
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प्रशांत किशोर ने बताया कि, हमें स्नूपिंग को लेकर कई बार शक हुआ लेकिन कभी हैकिंग का एहसास नहीं हुआ, वह भी 2017 से 2021 तक। हालांकि मैंने अपना हैंडसेट पांच बार बदला, जैसा कि सबूत बताते हैं, हैकिंग जारी है। द वायर की रिपोर्ट के मुताबिक फोरेंसिक एनालिसिस के अनुसार, रणनीतिकार प्रशांत किशोर के फोन के साथ हाल ही में 14 जुलाई को भी छेड़छाड़ की गई थी।
प्रशांत किशोर ने साल 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी के प्रचार में बड़ी भूमिका निभाई थी, जिसके बाद भाजपा स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में आई थी। इसके बाद से भाजपा की कई विरोधी पार्टियों ने उनसे संपर्क किया और प्रशांत किशोर ने उन पार्टी के लिए काम भी किया। हालही में पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की जीत का भी श्रेय उन्हें दिया गया। फोरेंसिक विश्लेषण के अनुसार, हाल ही में 14 जुलाई को पीके के फोन से छेड़छाड़ की गई थी।
द वायर के अनुसार, उनके वर्तमान फोन की फोरेंसिक जांच से पता चला है कि 2019 के आम चुनाव से कुछ महीने पहले 2018 में उनके फोन पर पेगासस हमला करने के असफल प्रयास किए गए थे। उनके खिलाफ पेगासस की जासूसी की पूरे सबूत फोरेंसिक रूप से दिखाई नहीं दे रहे है क्योंकि वह अब उस डिवाइस का उपयोग नहीं करते हैं। जासूसी के सबूतों के निशान उनके द्वारा 2018 से बैकअप के माध्यम से अपने वर्तमान आईफोन में स्थानांतरित किए गए डेटा के साथ मिले हैं।












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