देश के गद्दार के पक्ष में बोले पीडीपी, थरूर, जावेद अख्तर
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)! पीडीपी ही नहीं अफजल गुरु के शव और फांसी को लेकर शशि थरूर से लेकर जावेद अख्तर ने भी कोई बहुत मेच्योर बयानबाजी नहीं की। उसे शहीद मानने तथा स्मारक बनाने के बयान को लेकर मचे हंगामे पर भाजपा को विपक्षी दलों ने खलनायक बना दिया है।
पीडीपी ने इस तरह की मांग की। कांग्रेस के नेता शशि थरुर साहब ने कुछ ही दिनों पहले कहा था कि अफजल गुरु को फांसी देने का तरीका गलत था।
जावेद साहब शामिल हुए
गीतकार जावेद अख्तर ने कहा है कि अफजल गुरु का शव मांगने में गलत क्या है? यह सही मांग है और उसके परिवार को शव सौंपा जाना चाहिए। कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर भी अफजल के पक्ष में बात कर रहे है। उसकी फांसी को गलत बता रहे हैं।
क्या किया था आजाद ने
बहरहाल, केन्द्र सरकार के सामने इस मामले में समस्या पैदा हो गई है। सबको मालूम है कि कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद जब राज्य सभा चुनाव लड़ रहे थे तो उनके पास जीतने लायक समर्थन नहीं था। उनके विधायक वोट का जुगाड़ कर रहे थे। इंजीनियर रशीद नामक विधायक ने शर्त रखी कि आप अफजल गुरु की फांसी को गलत मानें और उसे शहीद का दर्जा दें तो आपको वोट देंगे। इंजीनियर रशीद ने इनसे एक कागज पर लिखवाकर हस्ताक्षर कराया और वह पत्रकारों को दिखाया। उस समय यह समाचार में आया था।
तो गुलाम नबी आजाद से आज पूछा जाना चाहिए कि आपने ऐसा क्यों किया? क्या यह देशहित का कदम था? बहरहाल देश द्रोही का साथ सिर्फ भारत में ही दिया जा सकता है।













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