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PDI: क्या है पंचायत विकास सूचकांक, केंद्र सरकार की 2030 तक इसको लेकर क्या है लक्ष्य?

Panchayat Development Index: भारत वर्ष 2030 तक सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस उद्देश्य की पूर्ति में स्थानीय सरकारों को शामिल करने के लिए नीति आयोग ने सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण का निर्णन लिया है, जिसके उपरांत पंचायती राज मंत्रालय के द्वारा 17 सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण हेतु 9 थीम बनाए गए हैं।

पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा पंचायत विकास सूचकांक (पीडीआई) का विकास किया है। पंचायत विकास सूचकांक, एक बहु-क्षेत्रीय सूचकांक है, जो पंचायतों के विकास, प्रदर्शन और प्रगति को दिखाता है। इसके तहत आप किसी भी पंचायत के विकास को ट्रैक कर सकते हैं।

Panchayat Development Index

पंचायत विकास सूचकांक में कई सामाजित और आर्थिक संकेतकों और मापदंडो का इस्तेमाल किया गया है, जो किसी पंचायत के क्षेत्र में स्थानीय समुदायों के कल्याण और विकास की स्थिति का आकलन करते हैं। पंचायत विकास सूचकांक में जिला, ब्लॉक, गांव सहित अलग-अलग स्तरों पर पंचायतों को उनके स्कोर के आधार पर रैकिंग देता है।

पंचायत राज मंत्रालय का क्या है लक्ष्य?

पंचायती राज मंत्रालय ने 9 विषयों के तहत 144 स्थानीय लक्ष्यों और 688 डाटा बिंदुओं के आधार पर 577 स्थानीय संकेतक सुझाए गए हैं, जो पंचायत विकास सूचकांक की समुचित गणना के लिए आवश्यक है। यह पंचायतों में सतत विकास लक्ष्यों के लिए स्थानीयकरण के जरिए वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता को मजबूती प्रदान कर रहा है।

PDI का उद्देश्य पंचायतों और हितधारकों के बीच उनके महत्त्व के विषय में जागरूकता बढ़ाकर SDG के स्थानीयकरण को बढ़ावा देना है। यह सतत् विकास लक्ष्य (SDG) हासिल करने में अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिये पंचायतों को सर्वोत्तम प्रथाओं और नवाचारों को अपनाने के लिये प्रोत्साहित करता है।

पंचायती राज मंत्रालय 9 विषय-वस्‍तुओं का अंगीकरण करते हुए 2030 तक सतत विकास के एजेंडे को प्राप्त करने के लिए सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के स्थानीयकरण की प्रक्रिया का संचालन करता रहा है। आरजीएसए के तहत, मंत्रालय पंचायतों के बीच सकारात्मक प्रतिस्पर्धा पैदा करने के लिए एसडीजी की प्राप्ति में उनके निष्‍पादन का आकलन करके राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार (एनपीए) के माध्यम से सर्वश्रेष्ठ निष्‍पादन करने वाली पंचायतों को प्रोत्साहित करता रहा है।

पीडीआई रिपोर्ट ने 9 विषय-वस्‍तुओं के स्थानीय संकेतकों की व्‍याख्‍या की है। पीडीआई की गणना एलएसडीजी की प्रगति की निगरानी के लिए 9 विषय-वस्‍तुओं, 144 स्थानीय लक्ष्यों और 642 अनूठी डेटा-बिंदुओं पर विकास का आकलन करने वाले 577 स्थानीय संकेतकों पर की जाएगी।

बिहार में पंचायत विकास सूचकांक

बिहार राज्य में पंचायत विकास सूचकांक के सुचारू एंव सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तर पर दो, जिला स्तर पर दो, अनुमंडल स्तर पर एक और प्रखंड स्तर पर एक समिति का गठन किया गया है। इस डाटा को तैयार करने के लिए 18 विभागों की सहायता ली गई है। राज्य स्तर पर कुल 485 स्थानीय संकेतक और 514 डाटा बिंदुओं को कन्फिगर किया गया है।

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