अपनी नौकरी से बोर होकर की बिजनेस की शुरुआत, आज हजारों करोड़ के पार पहुंचा होटल का व्यवसाय
आजकल के युवा 9 से 5 तक की नौकरी से उबकर कुछ अलग करना चाहते हैं, जिसमें रोज की नौकरी की बोरियत न हो और कुछ अलग करने का जूनून हो। इसी खयाल से एक शख्स ने सालों पहले अपनी अच्छी खासी नौकरी छोड़ दी और बिजनेस में कदम रखा।

नई दिल्ली। आजकल के युवा 9 से 5 तक की नौकरी से उबकर कुछ अलग करना चाहते हैं, जिसमें रोज की नौकरी की बोरियत न हो और कुछ अलग करने का जूनून हो। इसी खयाल से एक शख्स ने सालों पहले अपनी अच्छी खासी नौकरी छोड़ दी और बिजनेस में कदम रखा। आज उनका बिजनेस करोड़ों में पहुंच चुका है और कंपनी के शेयर्स सोमवार को ही बाजार में लिस्ट हुए। ये शख्स और कोई नहीं बल्कि जाने-माने होटल लेमन-ट्री के मालिक पतंजलि (पटू) केशवानी हैं। केशवानी ने साल 2004 में अपने कुछ दोस्तों के साथ लेमन-ट्री होटल की शुरुआत की थी।

'बोर करती थी 9 से 5 की नौकरी'
पटू केशवानी आज होटल की दुनिया में जाना-माना नाम हैं, लेकिन इस नाम को ब्रांड बनाने के पीछे उनकी सालों की मेहनत हैं। अपनी नौकरी से बोर होकर उन्होंने होटल इंडस्ट्री में कदम रखने का फैसला लिया था। एक इंटरव्यू में केशवानी ने बताया था कि उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला तब किया जब उन्हें जॉब में बोरियत होने लगी। इसके बाद उन्होंने तय किया कि वो ये 9 से 5 की नौकरी छोड़ देंगे और कुछ अलग करेंगे। बस यहीं से लेमन-ट्री की शुरुआत हुई।

माता-पिता ने नहीं दिया साथ, पत्नी ने किया सपोर्ट
नौकरी छोड़ने के बाद केशवानी ने होटल बिजनेस में उतरने का फैसला लिया। आईआईटी-आईआईएम से पढ़ाई करने वाले केशवानी का ये फैसला उनके माता-पिता को कोई खास रास नहीं आया, लेकिन उनकी पत्नी ने उनका साथ दिया। उनकी पत्नि शारानीता उस वक्त फूड ज्वाइंट केएफसी में मार्केटिंग डायरेक्टर थीं। उन्होंने न केवल अपने पति का साथ दिया, बल्कि बाद में उनकी कंपनी से भी जुड़ीं।

कम खर्चें में देना चाहते थे फाइव स्टार सुविधाएं
केशवानी होटल इंडस्ट्री में जब आए तो उनके दिमाग में एक अलग आइडिया था। वो फाइव स्टार होटल और गेस्टहाउस के फासले को खत्म कर आम आदमी को कम खर्चे में फाइव स्टार सुविधाएं देना चाहते थे। उन्होंने कहा था कि वो ऐसे होटल का निर्माण करना चाहते हैं, जहां फाइव स्टार होटल की 60 प्रतिशत सुविधाएं उसकी आधी कीमतों पर मिल सकें। ऐसे होटल को दिमाग में रख उन्होंने हरियाणा के गुरुग्राम से इसकी शुरुआत की। होटल निर्माण के लिए उन्होंने गुरुग्राम में 1.5 करोड़ में जमीन खरीदी। इसके बाद उन्होंने बड़ी कंपनियों में काम कर रहे अपने दोस्तों को अपने साथ काम करने के लिए कहा।

पांच सालों में ही हो गया एक करोड़ का मुनाफा
ताज जैसे बड़े ग्रुप के साथ काम कर रहे उनके दोस्त उनके इस सपने पर काम करने के लिए तैयार हो गए। फाइव स्टार होटल और गेस्ट हाउस के फासले को कम कर लेमन-ट्री का निर्माण हुआ। साल 2004 में 50 कमरों के साथ इसका पहला होटल खुला। तब होटल में एक रूम का किराया 1600 रुपये प्रति व्यक्ति था। कंपनी को पहले ही पांच सालों में एक करोड़ का मुनाफा हुआ। इसके बाद वारबग पिनकस, कोटक महिंद्रा रियल्टी जैसी कंपनियों ने होटल में करोड़ों रुपये लगाए।

देश के 24 शहरों में हैं 40 होटल
साल 2006 तक आते-आते कंपनी के 50 कमरे 125 कमरे हो चुके थे। आज लेमन-ट्री के होटल देश के 24 शहरों में चलते हैं। 24 शहरों में कंपनी के 40 होटल हैं, जिनमें कमरों की संख्या 4,300 है। लेमन-ट्री के तहत लेमन-ट्री प्रीमियर, लेमन-ट्री रिसॉर्ट्स, लेमन-ट्री होटल्स और रेड फॉक्स होटल, चार ब्रांड चलाए जाते हैं। इस साल कंपनी का लक्ष्य 4,300 कमरों को 8,000 कमरों तक पहुंचाना है।
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