भूकंप से जान बचाने के लिए अस्पताल छोड़ सड़क पर भागे मरीज, रोड पर लगे बिस्तर

लखनऊ। नेपाल में शनिवार को आये भीषण भूकंप ने पूरे उत्तर भारत को हिलाकर रख दिया है। नेपाल के बाद भारत में कई हिस्सों में आये भूकंप के तेज झटकों ने जबरदस्त दहशत फैलायी। लखनऊ के अस्पतालों का यह हाल था कि मरीज खुद अस्पताल छोड़कर सड़क पर भाग आये।

केजीएमयू में भूकंप के तेज झटकों के बाद डॉक्टर आनन-फानन में मरीजों को छोड़ सड़क पर आ गये। लेकिन मरीजों के परिजनों ने अपने लोगों को बचाने के लिए उन्हें बेड समेत सड़क पर ले आये। जिसके बाद सैकड़ों मरीजों के बेड बीचो-बीच सड़क पर लग गये।

दहशत और खौफ का आलम कुछ इस कदर था कि मां अपने मरीज बच्चों को खुद गोद में उठाकर बाहर को भाग रही थी। ये तस्वीरें हमें लखनऊ से विनय कुमार गुप्ता ने भेजीं हैं। तस्वीरों में देखिये किस तरह से लखनऊ के मरीज जान बचाने के लिए सड़कों पर आ गये थे-

भूकंप की खबर सुनते ही लोग अस्पताल से बाहर भागने लगे

भूकंप की खबर सुनते ही लोग अस्पताल से बाहर भागने लगे

लखनऊ के केजीएमसी में जैसे ही भूकंप ने धरती को हिलाया लोग अस्पताल से अपने मरीजों को लेकर भागने लगे।

मरीजों के परिजनों में अफरा-तफरी

मरीजों के परिजनों में अफरा-तफरी

जैसे ही लखनऊ में जबरदस्त भूकंप आया लोग मरीजों को अस्पताल से बाहर ले जाने लगे।

सड़क पर ही बन गया अस्पताल

सड़क पर ही बन गया अस्पताल

डाक्टरों के अस्पताल छोड़ के चले जाने के बाद मरीजों को सड़क पर ही अपना बिस्तर लगाने को मजबूर होना पड़ा

बड़ी संख्या में सड़क पर लगे बेड

बड़ी संख्या में सड़क पर लगे बेड

भूकंप के चलते मचे हड़कंप में मरीजों को सड़क पर ही अपना बिस्तर लगाने को मजबूर होना पड़ा।

भूकंप से लोगों में जबरदस्त भय का माहौल

भूकंप से लोगों में जबरदस्त भय का माहौल

जिस तीव्रता के साथ भूकंप ने लोगों को हिलाया था उसने लोगों में जबरदस्त भय का माहौल व्याप्त कर दिया था।

दर्द से कराहते लोग सड़क पर रहने को मजबूर

दर्द से कराहते लोग सड़क पर रहने को मजबूर

प्रकृति के प्रकोप के आगे किसी की नहीं चलती। दर्द से कराहते मरीजों को भी सड़क पर जान बचाने के लिए आना पड़ा।

मां की ममता के आगे कुदरत भी नाकाम

मां की ममता के आगे कुदरत भी नाकाम

जिस तरह से लखनऊ में भूकंप ने लोगों को हिलाकर रख दिया। ऐसे में यह मां अपनी गोद में ही अपने बच्चे को लेकर सड़क पर दौड़ पड़ी।

मरीजों को परिजनों का ही सहारा

मरीजों को परिजनों का ही सहारा

जिस वक्त भूकंप आया उस वक्त अस्पताल के लोगों ने अपनी जान बचाना जरूरी समझा। ऐसे में मरीजों के परिजनों को ही अपने लोगों की जान बचाने के लिए आगे आना पड़ा।

सड़क बना अस्पताल

सड़क बना अस्पताल

यह नजारा देखने में कुछ अजीब लगता है, लेकिन प्रकृति के आगे सब मजबूर होते हैं। भूकंप से बचने के लिए लोगों को मजबूर सड़क पर आना पड़ा।

व्हीलचेयर लेकर लोग भागे सड़क पर

व्हीलचेयर लेकर लोग भागे सड़क पर

जो मरीज व्हील चेयर पर थे, उन्होंने खुद को भूकंप से बचाने के लिए अस्पताल से खुद बाहर आने की हिम्मत दिखायी।

अस्पताल में पसरा सन्नाटा

अस्पताल में पसरा सन्नाटा

भूकंप के बाद जब सारे मरीज अपनी जान बचाने के लिए सड़क पर आ गये थे तो उस वक्त अस्पताल में सन्नाटा पसर गया था।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+