पठानकोट आतंकी हमला: सिर्फ 2 दिनों में आतंकी कैसे ला सकते हैं इतना गोला-बारूद
पठानकोट। ऑपरेशन पठानकोट एयरबेस चार दिन से जारी है। इस बड़े आतंकी हमले ने पूरे देश को दहशत में डाल दिया है। जिस तरह से आतंकियों ने हमले का तानाबाना बुना है उसने देश की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आतंकी इतनी मात्रा में गोला-बारुद कैसे लेकर सीमा के अंदर आ गए। अभी तक जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक मारे जा चुके आतंकियों के पास से लगभग 30 किलो तक आरडीएक्स बरामद की जा चुकी है।
एक साथ नहीं आ सकता इतना गोला बारूद
मामले की जांच कर रहे एनआईए के एक ऑफिसर ने बताया कि संभव नहीं है कि एक साथ इतने विस्फोटक कैरी किया जा सके। हमले को देखते हुए यह साफ हो गया है कि आतंकी पिछले कुछ दिनों से हथियार और गोला बारूद ला रहे थे।
कहां से आए आतंकी?
- हमले का पैटर्न जुलाई में पंजाब के गुरदासपुर के दीनानगर पुलिस थाने पर हुए हमले जैसा ही है।
- आर्मी इंटेलिजेंस, आईबी और रॉ को पूरा यकीन है कि ये आतंकी पाकिस्तान के बहावलपुर से आए थे।
- गुरदासपुर और पठानकोट के करीब रावी नदी है। इसके करीब ही कुछ मौसमी नाले हैं।
- सूत्रों का कहना है कि इस पूरे इलाके पर नजर रखी जाती है, लेकिन ऊंची घास होने के कारण कई बार आतंकी घुसपैठ में कामयाब हो जाते हैं।
- आतंकी रावी नदी से शकरगढ़ और अकालगढ़ तक पहुंचते हैं।
- इसके बाद पास के गांवों से होते हुए हाईवे तक पहुंचते हैं। यह हाईवे पंजाब और जम्मू-कश्मीर को कनेक्ट करता है।












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