भव्य-दिव्य बनेगा ‘श्री परशुराम-श्री कृष्ण लोक’, जनापाव में मिलेगा आध्यात्मिक अनुभव: सीएम मोहन यादव
मुख्यमंत्री ने इंदौर के जनपाव कुटी में श्री परशुराम-श्री कृष्ण लोक की घोषणा की, जिसका लक्ष्य पांच गैलरी, एक संग्रहालय, कांस्य प्रतिमाओं और लैंडस्केप सुविधाओं के साथ एक प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र बनाना है, जिसकी अनुमानित लागत 17 करोड़ रुपये है।
मध्यप्रदेश के इंदौर जिले स्थित जनापाव कुटी में भगवान परशुराम के प्रकटोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘श्री परशुराम-श्री कृष्ण लोक’ के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह स्थल भव्य और दिव्य रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे देश-दुनिया के श्रद्धालुओं को यहां आध्यात्मिक अनुभव और पुण्य प्राप्त हो सकेगा। इस परियोजना पर 17 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने भगवान परशुराम के जीवन और उनके योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन आस्था, श्रद्धा और सनातन संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम ने हर युग में अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया और शस्त्र एवं शास्त्र दोनों के ज्ञाता रहे। साथ ही उन्होंने भगवान राम और भगवान कृष्ण के जीवन में भी परशुराम के प्रभाव का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित ‘श्री परशुराम-श्री कृष्ण लोक’ को एक प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां श्रद्धालु भगवान कृष्ण की लीलाओं और भगवान परशुराम के जीवन से प्रेरणा ले सकेंगे। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत एक संग्रहालय का निर्माण होगा, जिसमें पौराणिक महत्व को दर्शाने वाली विभिन्न दीर्घाएं बनाई जाएंगी।
इस स्थल पर शस्त्र दीर्घा, उत्पत्ति दीर्घा, स्वरूप दीर्घा, संतुलन दीर्घा और ध्यान दीर्घा सहित कुल पांच गैलरियां विकसित की जाएंगी। साथ ही परिसर में भगवान परशुराम और भगवान कृष्ण की कांस्य प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। प्रवेश द्वार को पत्थर और धातु से लगभग 30 फीट ऊंचा बनाया जाएगा। यहां कथा मंच, गज़ेबो, व्यू प्वाइंट, लैंडस्केपिंग और पाथवे जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने जनापाव क्षेत्र की भौगोलिक और धार्मिक विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां चंबल, गंभीर, चौरल, अजनार सहित कई नदियों का उद्गम स्थल है। उन्होंने जिला प्रशासन को गंभीर और
अजनार नदियों के पुनर्जीवन के लिए कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने नदियों को ‘धरती माता की धमनियां’ बताते हुए जल संरक्षण के महत्व पर बल दिया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की नदी जोड़ो परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे किसानों को सिंचाई, पेयजल और बिजली उत्पादन में बड़ा लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों के मामले में किसी भी तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनापाव कुटी में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना भी की।












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