Parliament Winter Session: संचार साथी ऐप पर संसद में संग्राम, प्रियंका गांधी ने इसे बताया सरकार का जासूस
Parliament Winter Session: केंद्र सरकार के संचार साथी ऐप को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता दिख रहा है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इसे "सरकार का जासूस ऐप" बताते हुए कहा कि सरकार लोगों की निजता में दखल देना चाहती है। आरजेडी सासंद मनोज झा ने भी इसे सरकार की तानाशाही का औजार करार दिया है। एसआईआर पर विपक्षी दलों का हंगामा जारी है, लेकिन इस बीच अब संचार साथी ऐप पर भी घमासान शुरू हो गया है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि यूजर्स चाहें, तो ऐप हटा सकते हैं।
प्रियंका गांधी ने इस ऐप की अनिवार्यता पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सरकार जरूरी मुद्दों पर चर्चा नहीं कर रही है। देश की समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए ऐप लाया जा रहा है। वायनाड सांसद ने कहा, 'हर नागरिक को अपने परिवार और दोस्तों को बिना डर संदेश भेजने का अधिकार है। यह सरकार हर बातचीत पर नजर रखना चाहती है।'

Sanchar Saathi APP क्या है
- दूरसंचार विभाग ने मोबाइल निर्माताओं और आयातकों को ऐप के संबंध में निर्देश दिया है। 90 दिनों के भीतर भारत में बनने या आयात होने वाले सभी नए मोबाइल फोन में 'संचार साथी' ऐप पहले से इंस्टॉल होना अनिवार्य होगा।
- 28 नवंबर को जारी आदेश के अनुसार, यह ऐप फ्रॉड रिपोर्ट करने और IMEI नंबर की जांच करने के लिए जरूरी बताया गया है।
- जो उपकरण पहले से बाजार में उपलब्ध हैं, उनमें यह ऐप सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए इंस्टॉल करना होगा।
- निर्माताओं को 120 दिनों के भीतर दूरसंचार विभाग को अनुपालन रिपोर्ट देना भी जरूरी होगा।
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- दूरसंचार विभाग ने मोबाइल कंपनियों से कहा है कि यह ऐप फोन सेटअप के दौरान उपयोगकर्ताओं को आसानी से दिखाई देना चाहिए।
- अगर कंपनियां निर्देशों का पालन नहीं करती हैं, तो दूरसंचार अधिनियम 2023 और साइबर सुरक्षा नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
Parliament Winter Session: विपक्ष ने सरकार के आदेश पर बोला हमला
इस नए आदेश के बाद विपक्ष ने सरकार पर हमला तेज कर दिया है। शिवसेना (UBT) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि मोदी सरकार पहले से इंस्टॉल ऐप की आड़ में निगरानी का नया तरीका अपना रही है। उन्होंने राज्यसभा में कहा, 'इससे मोबाइल फोन की हर गतिविधि को ट्रैक किया जा सकता है, जो कि निजता के अधिकार पर सीधा हमला है। लोग शिकायत निवारण सिस्टम मांग रहे हैं, लेकिन सरकार निगरानी बढ़ाने में लगी है। यह सरकार की लोगों को कंट्रोल करने की बेकाबू इच्छा दिखाता है।
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Sanchar Saathi APP को सरकार ने बताया जनता का साथी
दूरसंचार मंत्रालय का तर्क है कि संचार साथी ऐप आईएमईआई (IMEI) से जुड़े दुरुपयोग की रिपोर्ट, प्रमाणिकता की जांच और खोए हुए मोबाइल फोन की शिकायत दर्ज कराने जैसी सुविधाएं देता है। इससे फोन चोरी जैसे मामले में रिपोर्ट करना और ट्रैकिंग दोनों आसान होगा। सरकार का कहना है कि यह किसी भी नागरिक की निजता का उल्लंघन नहीं है, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
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