Parliament Winter Session: लोकसभा के बाद राज्यसभा में संविधान पर बहस जोरदार, आरोपों की हुई बौछार
Parliament Winter Session Today: संसद के शीतकालीन सत्र का यह आखिरी सप्ताह है। सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही चली। राज्यसभा में दो दिनों तक संविधान पर बहस चलेगी, जिसका 26 नवंबर को 75 साल पूरा हुआ है। लोकसभा में यह बहस बीते शुक्रवार और शनिवार को हो चुकी है, जबकि शनिवार को संसद में आमतौर पर अवकाश होता है।
राज्यसभा में संविधान पर बहस की शुरुआत वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने की। इसके बाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बहस में भाग लिया। संविधान पर चर्चा के दौरान ऊपरी सदन में सोमवार को सत्तापक्ष और विपक्षी सदस्यों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

वित्त मंत्री ने इंदिरा-नेहरू के कार्यकाल को बनाया निशाना
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने भाषण के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी के कार्यकालों को निशाने पर लिया। वित्त मंत्री ने कहा कि 'पहली अंतरिम सरकार बोलने की स्वतंत्रता पर रोक के लिए पहला संविधान संशोधन लेकर आई।'उन्होंने आरोप लगाया कि 'कांग्रेस परिवार और वंश की मदद के लिए बेशर्मी से संविधान में संशोधन करती रही।'
39वें संविधान संशोधन के बारे में उन्होंने तत्कालीन कांग्रेस सरकार को लेकर दावा किया कि'कुर्सी बचाने के लिए हम (कांग्रेस) कोर्ट का वर्डिक्ट आने से पहले हम अमेंडमेंट करेंगे।'
उन्होंने आरोप लगाया कि मजरूह सुल्तानपुरी और बलराज साहनी को 1949 में सिर्फ इसलिए जेल में डाल दिया गया, क्योंकि उन्होंने नेहरू के खिलाफ लिखी गई कविता का पाठ कर दिया। उन्होंने कहा कि 1975 में नेहरू की राजनीतिक जीवनी पर लिखी गई माइकल एडवर्ड्स की किताब "नेहरू" पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
'उन्होंने फिल्म 'किस्सा कुर्सी का' को सिर्फ इसलिए प्रतिबंधित कर दिया था, क्योंकि उसमें प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनके बेटे पर सवाल उठाया गया....'
कांग्रेस को संसद में आई बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों की याद
वहीं, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि'आज 16 दिसंबर बांग्लादेश मुक्ति दिवस है,हमारी साहसी नेता इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान के दो टुकड़े करके बांग्लादेश को स्वतंत्र करवाया था। अब वहां की हालत देखिए,बीजेपी को आंखें खोलकर वहां के अल्पसंख्यकों की मदद करनी चाहिए।'
लोकसभा में यही बात केरल के वायनाड से नव-निर्वाचित कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी कही। उन्होंने कहा, 'पहला मुद्दा जिस पर मैं चर्चा करना चाहती हूं,वह ये है कि इस सरकार को बांग्लादेश में हिंदू और ईसाई अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए, उनसे बातचीत करनी चाहिए और उनका समर्थन हासिल करना चाहिए।'
उन्होंने इंदिरा गांधी को याद करते हुए आर्मी हेडक्वार्टर से भारतीय सेना के सामने पाकिस्तानी सेना के सरेंडर वाली तस्वीर कथित रूप से हटाए जाने का भी मुद्दा उठाया। हालांकि, वह खुद जो बैग लेकर संसद पहुंचीं थीं, उसपर 'बांग्लादेश' नहीं,बल्कि फिलिस्तीन लिखा हुआ था, जिसको लेकर बीजेपी ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
खड़गे ने आरएसएस, जनसंघ और बीजेपी पर जमकर बोला हमला
वहीं, राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान खड़गे ने आरएसएस और बीजेपी पर निशाना साधने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि '1949 में आरएसएस नेताओं ने भारत के संविधान का विरोध किया था, क्योंकि यह मनुस्मृति पर आधारित नहीं था...उन्होंने न तो संविधान और न ही तिरंगे को स्वीकार किया। आरएसएस मुख्यालय में 26 जनवरी, 2002 को लाचारी में तिरंगा फहराया गया। क्योंकि, अदालत का आदेश था...'
खड़गे ने पीएम मोदी के भाषण को बताया गुमराह करने वाला
उन्होंने यह भी कहा कि 'सभी को समान रूप से व्यस्क मताधिकार कांग्रेस और संविधान की ओर से दिया गया था, आरएसएस और जनसंघ ने इसका विरोध किया।' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से (1947-1952 तक चुनी हुई सरकार नहीं थी) इस मुद्दे पर लोकसभा में दिए गए भाषण को भी गुमराह करने वाला बताया।
कांग्रेस नेता बोले कि 'जिन्होंने झंडे, अशोक चक्र और संविधान से नफरत किया, वह आज हमें संविधान की पाठ पढ़ा रहे हैं।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी जाति जनगणना का विरोध करती है, जो कि उसके आरक्षण-विरोधी होने का प्रमाण है।
खुद को झूठा बताने पर सीतारमण ने जयराम रमेश को घेरा
उधर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण बहस के दौरान कांग्रेस सांसद जयराम रमेश पर भड़क गईं। उन्होंने कहा,'मुझपर झूठ बोलने का आरोप लगाना कांग्रेस के खून में है।' रमेश ने उन्हें 'झूठा' कहा था। इसपर सीतारमण ने कहा, 'उन्होंने न सिर्फ पीएम मोदी को चोर कहा, मुझे भी झूठा कहा।'
इस बीच राज्यसभा की कार्यवाही की शुरुआत में सोमवार को टीडीपी के सांसद सना सतीश बाबू को सदन की सदस्यता की शपथ दिलाई गई। संसद का शीतकालीन 25 नवंबर से शुरू हुआ है और इस हफ्ते शुक्रवार तक चलेगा।












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