प्रश्नकाल पर संसद में हंगामा,रंजन बोले- ये लोकतंत्र का गला घोटने की कोशिश लेकिन राजनाथ सिंह ने दिया ये जवाब
नई दिल्ली। आज से मानसूत्र सत्र की शुरुआत हुई है, कोरोना महामारी के कारण इस बार के सत्र में कई बदलाव किए गए हैं, लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही इस बार अलग-अलग चलाने का फैसला लिया गया है तो वहीं, इस बार प्रश्नकाल भी नहीं होगा, जिसको लेकर सदन में इस वक्त हंगामा हो रहा है,कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि प्रश्नकाल संसद प्रणाली में होना बहुत जरूरी है, यह सदन की आत्मा है लेकिन सरकार प्रश्नकाल को हटाकर लोकतंत्र का गला घोटने की कोशिश कर रही है।
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तो वहीं, AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि प्रश्नकाल और प्राइवेट मेंबर बिजनेस होना बहुत जरूरी है, तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने भी कहा कि प्रश्नकाल संसदीय प्रणाली के मूलभूत ढांचे से जुड़ा है, इसका प्रमुख अंग है, जबकि संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी ने लोकसभा में कहा कि सरकार चर्चा से भाग नहीं रही है, यह एक असाधारण स्थिति है, हम करीब 800-850 सांसदों के साथ बैठक कर रहे हैं, सरकार से सवाल करने के कई तरीके हैं, सरकार चर्चा से भाग नहीं रही है।

तो वहीं इस मुद्दे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि बहुत से नेताओं से मैंने भी बातचीत की है, असाधारण परिस्थितियों में संसद की कार्यवाही हमको करनी पड़ रही है, इसमें सबका का सहयोग चाहिए, ये विशेष सत्र है, केवल 4 घंटे के लिए सदन चलेगा और मैंने अनुरोध किया था कि उसमें प्रश्नकाल न हो, आधे घंटे का एक जीरो ऑवर हो, राजनाथ सिंह ने कहा कि कोई भी प्रश्न पूछना है तो उस आधे घंटे में कर सकते हैं, अधिकांश राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने इस पर सहमति दी थी और उसके बाद ही यह फैसला किया गया था कि संसद की कार्रवाई चलेगी, उसमें प्रश्नकाल नहीं होगा।

रक्षा मंत्री ने कहा कि मैं सभी सम्मानित सदस्यों से अनुरोध करना चाहता हूं कि असाधारण समय में संसद का सत्र हो रहा है इसमें आप सभी का सहयोग चाहिए, यही नहीं लिखित प्रश्न के माध्यम से जो भी जानकारी चाहिए उसकी जानकारी मंत्री देंगे, शून्य काल के दौरान भी प्रश्न पूछ जा सकते हैं।












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