Parliament session day 4: राष्ट्रपति के अभिभाषण पर थरूर से लेकर ओवैसी तक किसने-क्या बोला?
Opposition on President Address: 18वीं लोकसभा के पहले सत्र के चौथे दिन गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित किया और देश को आश्वासन दिया कि आगामी संसद सत्रों में केंद्रीय बजट के दौरान प्रमुख आर्थिक और सामाजिक निर्णय और ऐतिहासिक कदमों की घोषणा की जाएगी।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर विपक्ष के नेताओं की प्रतिक्रिया आई है। कांग्रेस के शशि थरूर से लेकर AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी व सपा के अखिलेश यादव तक ने इसे मोदी सरकार का भाषण बताया है। पढ़ें किस नेता ने क्या कहा?

शशि थरूर, तिरुवनन्तपुरम सांसद
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन पर केरल के तिरुवनन्तपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि 'राष्ट्रपति ने सरकारी भाषण दे दिया। यह तो सामान्य है। मोदी सरकार के ही सारे मुद्दे आगे बढ़ाने की कोशिश में होंगे, लेकिन इस वक्त 49 साल बाद अपने संबोधन में आपातकाल के बारे में बात करने का कोई तर्क नहीं था। उन्हें आज के मुद्दों पर बोलना चाहिए था। हमने NEET परीक्षा या बेरोजगारी के बारे में कुछ नहीं सुना। मणिपुर शब्द राष्ट्रपति मुर्मू या पीएम मोदी से नहीं निकला। भारत-चीन सीमा जैसे मुद्दों को संबोधन में उठाया जाना चाहिए था।'
असदुद्दीन ओवैसी, हैदराबाद सांसद
हैदराबाद से AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर कहा कि पूरे अभिभाषण में अल्पसंख्यकों या बेरोजगारी का कोई जिक्र नहीं था। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कल कहा कि भारत में अभद्र भाषा में वृद्धि हुई है और अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों को तोड़ा जा रहा है। अभिभाषण में कुछ भी नया नहीं था, यह नई बोतल में पुरानी शराब की तरह था। NEET फिर से होना चाहिए था। हर जगह पेपर लीक हो रहे हैं। वे 25 लाख युवाओं और उनके परिवारों के जीवन के साथ खेल रहे हैं।'
संजय राउत, शिवसेना सांसद
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि यह अब राष्ट्रपति का अभिभाषण नहीं है, यह मोदी का 10 साल का अभिभाषण है। मोदी जी जो चाहेंगे, राष्ट्रपति के भाषण में वही निकलेगा। यह अल्पमत की सरकार है, मोदी जी पहले ही बहुमत खो चुके हैं, लेकिन इसका कोई जिक्र नहीं है। 50 साल बाद भी वे आपातकाल की बात कर रहे हैं, इस देश में 10 साल तक आपातकाल रहा है, उसे हटाओ।'
अखिलेश यादव, सपा चीफ
समाजवादी पार्टी चीफ अखिलेश यादव ने कहा कि यह एक परंपरा है और वास्तव में यह भाषण सरकार के विचारों का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसा हर बार होता है। हम राष्ट्रपति को सुनते हैं। यह वास्तव में सरकार का भाषण होता है।
प्रमोद तिवारी, कांग्रेस सांसद
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने केंद्र पर निशाना साधा और इसे एक थकी हुई, पराजित और अपंग सरकार बताया। कहा इस सरकार में इच्छाशक्ति की कमी है। देश के लाभ के लिए कुछ भी नहीं है। यह सरकार कैसे काम करेगी? वे कुछ भी नया नहीं बोलते हैं। ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2024 के लोकसभा चुनाव परिणामों पर कोई पछतावा नहीं है।
इमरान मसूद
कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण पूरी तरह से लिखा हुआ है। केजरीवाल जेल में हैं। भाजपा ने हेमंत सोरेन को भी जेल में डाल दिया है। यह किसी आपातकाल से कम नहीं है। राष्ट्रपति का अभिभाषण पूरी तरह से लिखा हुआ है। इसमें कुछ भी बड़ा नहीं है।
राष्ट्रपति अभिभाषण की खास बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने अभिभाषण में कहा कि देश में छह दशक बाद पूर्ण बहुमत वाली स्थिर सरकार बनी है। लोगों ने तीसरी बार इस सरकार पर भरोसा जताया है। लोगों को पता है कि उनकी आकांक्षाओं को यही सरकार पूरा कर सकती है। 18वीं लोकसभा कई मायनों में ऐतिहासिक है। इस लोकसभा का गठन अमृत काल के शुरुआती वर्षों में हुआ था। यह लोकसभा देश के संविधान को अपनाने के 56वें वर्ष की भी साक्षी बनेगी।
राष्ट्रपति मुर्मू ने यह भी कहा कि आगामी सत्रों में यह सरकार इस कार्यकाल का पहला बजट पेश करने जा रही है। यह बजट सरकार की दूरगामी नीतियों और भविष्य की दूरदर्शिता का प्रभावी दस्तावेज होगा। बड़े आर्थिक और सामाजिक फैसलों के साथ-साथ इस बजट में कई ऐतिहासिक कदम भी देखने को मिलेंगे।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि 18वीं लोकसभा के सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देती हूं। आप सभी देश के मतदाताओं का विश्वास जीतकर यहां आए हैं। देश और जनता की सेवा करने का सौभाग्य बहुत कम लोगों को मिलता है। मुझे पूरा विश्वास है कि आप राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करेंगे और 140 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं को पूरा करने का माध्यम बनेंगे।












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