विशेष सत्र की मांग के बीच, 21 जुलाई से शुरू होगा संसद का मानसून सत्र 2025, केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने की घोषणा
Monsoon Session 2025: संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने आगामी संसद का मानसून सत्र 2025 की घोषणा कर दी है । किरन रिजिजू के मुताबिक यह सत्र 21 जुलाई से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलेगा। मानसून सत्र की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब विपक्ष ऑपरेशन सिंदूर और भारत-पाकिस्तान के हालिया घटनाओं को लेकर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रहा है।
मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने कहा, "मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलेगा। सरकार इस दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की योजना बना रही है।"

सरकार ने तय की मानसून सत्र की तिथि
यह सत्र लगभग तीन महीने के अंतराल के बाद बुलाया जा रहा है। इससे पहले संसद का बजट सत्र 31 जनवरी 2025 को शुरू हुआ था और 4 अप्रैल को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था। ऐसे में 21 जुलाई से शुरू हो रहे इस मानसून सत्र पर राजनीतिक गलियारों में निगाहें टिकी हुई हैं।
Monsoon Session 2025 में विपक्ष इन मुद्दों पर रहेगा हावी
INDIA गठबंधन, जिसमें कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (TMC), DMK और अन्य प्रमुख विपक्षी दल शामिल हैं, लंबे समय से विशेष सत्र की मांग कर रहे थे। विपक्ष का कहना है कि, ऑपरेशन सिंदूर, जो कि पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव और सीमापार सैन्य कार्रवाई से जुड़ा है, पर संसद में खुलकर चर्चा होनी चाहिए।
राष्ट्रीय सुरक्षा, भारत-बांग्लादेश संबंधों में बदलाव, लालमोनिरहाट एयरबेस, और चिकन नेक कॉरिडोर जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा सकता है। इसके साथ ही अमेरिका की संभावित मध्यस्थता को लेकर भी सरकार से स्पष्ट रुख को लेकर विपक्ष सरकार पर दबाव बनाएगा।
मुख्य मुद्दे जो मानसून सत्र में छा सकते हैं
- राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति
- पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ भारत के संबंध
- सीमापार कार्रवाई और ऑपरेशन सिंदूर पर बहस
- भारत-अमेरिका संबंधों में नए आयाम
- आर्थिक और सामाजिक न्याय से जुड़े विधेयक
- बजट सत्र में लंबित रहे कानूनों पर फैसला
- महंगाई, रोजगार और शिक्षा सुधार से जुड़े मुद्दे
- महिलाओं और अल्पसंख्यकों से जुड़े सामाजिक विधेयक
- लोकतांत्रिक प्रक्रिया और पारदर्शिता
विपक्ष लगातार सरकार पर 'पारदर्शिता की कमी' का आरोप लगाता रहा है। विपक्षी दलों की मांग है कि लोकसभा और राज्यसभा में समयबद्ध बहस और सवाल-जवाब की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मानसून सत्र 2025 भारतीय लोकतंत्र के लिए एक अत्यंत संवेदनशील और निर्णायक सत्र साबित हो सकता है। सरकार जहां इस सत्र को अपनी योजनाओं और विधेयकों को आगे बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करना चाहती है, वहीं विपक्ष राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है।
आने वाले हफ्तों में संसद के गलियारे में गर्माहट तय हैं। अब यह देखना रोचक होगा कि क्या संसद इस बार असल मुद्दों पर चर्चा हो पाती है या फिर यह सत्र भी हंगामे की भेंट चढ़ जाएगा।












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