Congress Manipur violence पर आक्रामक, PM से संसद में जवाब मांगा, कहा- जख्मों पर नमक छिड़क रही सरकार
Congress Manipur violence के मुद्दे पर आक्रामक तेवर दिखा रही है। कांग्रेस पार्टी PM मोदी से संसद में जवाब देने की मांग कर रही है। संसद में कांग्रेस नियम 267 के तहत चर्चा की मांग कर रही है।
कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल ने सवाल किया, "क्या मणिपुर से भी गंभीर कोई दूसरा मुद्दा है? नियम 267 के तहत (संसद में) चर्चा की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही है?" कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा, ''सरकार मणिपुर की स्थिति को सामान्य कानून-व्यवस्था की समस्या मान रहे हैं।''

दूसरे राज्यों से मणिपुर को जोड़ना गलत
शक्ति सिंह गोहिल ने कहा, मैं बस इतना कहना चाहूंगा कि अपराध, जहां भी होता है, गलत है...लेकिन किसी भी घटना को मणिपुर से जोड़ना मणिपुर और हमारे देश का अपमान है...राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार है। पश्चिम बंगाल में भी ऐसी सरकार है जो आपको (भाजपा) पसंद नहीं है।
जख्मों पर नमक छिड़क रही सरकार
गोहिल ने कहा, अगर प्रधानमंत्री मणिपुर की घटना को अन्य राज्यों से जोड़ते हैं तो यह इन राज्यों के प्रत्येक व्यक्ति का अपमान है। उन्होंने कहा, 'यह मणिपुर में महिलाओं के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है, मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं।'
गौरव गोगोई ने कहा, भाजपा प्रधानमंत्री को संसद में बोलने से बचा रही है। पार्टी मणिपुर पर केवल प्रतीकात्मक चर्चा करना चाहती है। कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री के 'व्यापक बयान' की मांग मानने से सरकार के इनकार के कारण संसद में गतिरोध बना हुआ है।
दरअसल, विपक्षी गठबंधन इंडिया प्रधानमंत्री से जवाब मांग रहा है। सरकार पर विपक्षी दलों की मांग को स्वीकार करने से "लगातार इनकार" के आरोप लग रहे हैं।हंगामे के कारण संसद तीसरे दिन भी नहीं चल पाई।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि विपक्षी दल केवल मणिपुर और देश के लोगों की भावनाओं को प्रतिबिंबित कर रहे हैं। मणिपुर के हालात पर हंगामे के कारण सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।
रमेश ने कहा कि मणिपुर में 3 मई के बाद के हालात पर सदन में प्रधानमंत्री को बयान देना चाहिए। उन्होंने कहा, INDIA में शामिल पार्टियां पीएम से बयान मांग रही हैं। प्रधानमंत्री के बयान के बाद ही चर्चा होगी।
उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री को बयान देने में क्या झिझक है? गृह मंत्री कह रहे हैं कि सरकार चर्चा को तैयार है लेकिन पीएम मोदी के स्टेटमेंट को लेकर गृह मंत्री खामोश हैं। सरकार का रवैया हैरान करने वाला है।
मणिपुर में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और हिंसाग्रस्त इलाकों के हालात पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने निचले सदन में आश्वासन दिया कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा करेगी। बता दें कि मणिपुर में महिलाओं को नंगा कर परेड कराने की वीडियो मामले में पुलिस 6 लोगों को अरेस्ट कर चुकी है।












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