बजट सत्र का कार्यकाल 10 फरवरी तक बढ़ा, लेकिन नहीं होगा शून्यकाल-प्रश्नकाल
संसद के बजट सत्र को एक दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ और लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला ने इसकी घोषणा की है। जगदीप धनखड़ ने बताया कि मंगलवार को हुई बैठक में इस विषय पर चर्चा हुई, जिसमे सभी दलों के नेताओं ने राज्यसभा की बैठक को 10 फरवरी तक बढ़ाने का फैसला लिया है। हालांकि 10 फरवरी की बैठक के दिन शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं होगा।
सूत्रों के अनुसार मोदी सरकार यूपी सरकार के 10 साल के कार्यकाल और एनडीए सरकार के 10 साल के कार्यकाल के दौरान आर्थिक स्थिति की तुलना करते हुए श्वेत पत्र लाने की तैयारी कर रही है। बता दें कि बजट सत्र की शुरुआत 31 जनवरी को हुई थी, जिसे 9 फरवरी को समाप्त होना था। लेकिन अब इसे 10 फरवरी तक बढ़ाने का फैसला लिया गया है।

प्रश्नकाल खत्म होने के बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री ने प्रस्ताव दिया था कि सरकारी कामकाज को पूरा करने के लिए 17वीं लोकसभा के 15वें सत्र को 10 फरवरी तक बढ़ाया जाए। जिसे सदन में ध्वनिमत से स्वीकार कर लिया गया। संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने सत्र को आगे बढ़ाने की जानकारी दी. उन्होंने ककहा कि 2014 से पहले की अर्थव्यवस्था की तुलना करते हए एक श्वेत पत्र को पेश करने की सरकार योजना बना रही है।
बता दें कि बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति के अभिभाषण से हुई थी। दोनों सदन की संयुक्त बैठक को राष्ट्रपति ने संबोधित किया था। बजट सत्र 9 फरवरी को खत्म होना था। अहम बात है कि कुछ दिनों के बाद आम चुनाव होने हैं ऐसे में सरकार ने यह अंतरिम बजट पेश किया था। 17वीं लोकसभा का यह अंतिम सत्र है।












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