CAA का विरोध करना परिणिति चोपड़ा को पड़ा भारी, इस पद से हटाई गईं
नई दिल्ली। नागरिक संसोधन अधिनियम को लेकर पूरे देश विरोध प्रदर्शन का दौर चल रहा है। देश में कई जगहों पर प्रदर्शन हिंसक हो गए हैं। वहीं बॉलीवुड में कई सितारों ने नए नागरिकता कानून का विरोध किया है। सीएए का विरोध करना कई फिल्मी सितारों को महंगा पड़ गया है। सुशांत सिंह के के अलावा अभिनेत्री परिणिति चोपड़ा ने सीएए को लेकर जामिया में चल रहे प्रदर्शन और दिल्ली पुलिस की ओर से छात्रों पर किए गए बल प्रयोग के खिलाफ ट्वीट किया था। इस ट्वीट के बाद अब वो हरियाणा सरकार की तरफ से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की ब्रांड एम्बेसडर नहीं हैं।
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परिणिति ने लिखी थी ये बात
सीएए का विरोध करते हुए परिणीति ने अपने ट्वीट में लिखा था, अगर नागरिकों द्वारा अपने विचार व्यक्त करने से हर बार यही होता रहे तो CAB को भूल जाइये। हमें एक बिल पास करना चाहिए और अपने देश को लोकतांत्रिक देश कहना छोड़ देना चाहिए। अपने मन की बात कहने के लिए निर्दोष लोगों की पिटाई की जा रही है? यह बर्बर है। जब इस ट्वीट के बारे में हरियाणा में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के प्रोजेक्ट डायरेक्टर योगेंद्र मलिक से पूछा गया तो उन्होंने खुलासा किया कि वे अब इस अभियान का हिस्सा नहीं हैं।

हरियाणा सरकार ने अचानक पद से हटाया
इस ट्वीट के बाद हरियाणा में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के प्रोजेक्ट डायरेक्टर योगेंद्र मलिक से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि आप बहुत पुरानी बात कर रहे हैं। जहां तक मेरी जानकारी है और मैं इस विभाग को देख रहा हूं, अब परिणिति चोपड़ा हमारी ब्रांड एम्बेसडर नहीं है। हालांकि यह पता नहीं चल सका कि, हरियाणा सरकार ने परिणिति को कब हटाया? परिणीति 2015 में हरियाणा सरकार में 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान की ब्रांड एम्बेसडर बनाई गई थीं।
विपक्ष ने साधा निशाना
हरियाणा सरकार के इस फैसले पर विपक्ष ने निशाना साधा है। कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा कि, खट्टर साहब हरियाणा की बेटियां पढ़ी लिखी भी हैं, समझदार भी और अपने विचार व्यक्त करने का साहस रखने वाली भी। उन्हें ब्रांड ऐम्बैसडर से हटा कर और बोखला कर आप उनकी आवाज़ नही दबा सकते। और जजपा चुप क्यों है? कितनों की आवाज दबाओगे और आखिर कब तक?












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