• search

नाबालिग को गाड़ी चलाने दी तो होगी जेल

By Bbc Hindi
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    एक बच्चे के पिता शकील अहमद ने कहा, "मुझे इस नियम के बारे में नहीं पता था. मेरा 17 साल का बेटा मेरी बाइक लेकर पढ़ने चला गया था." शकील दुबई के एक सुपर मार्केट में काम करते हैं और छुट्टियों में घर आए थे. शकील उन दस अभिभावकों में शामिल थे जिन्होंने मंगलवार को एक दिन जेल की सज़ा काटी.

    पुलिस, बाइक
    Getty Images
    पुलिस, बाइक

    हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि पिछले महीने ऐसे 35 अभिभावकों को जेल भेजा गया था. यह उस अभियान का हिस्सा था जिसके तहत कम उम्र के बच्चों के गाड़ी चलाने पर कार्रवाई की जा रही है.

    ऑटो रिक्शा चलाने वाले मोहम्मद साजिद कहते हैं, "मैं मानता हूं कि मेरे नाबालिग भतीजे ने गाड़ी चलाकर कानून तोड़ा. मुझे जेल में डाल दिया गया और रात के 9 बजे रिहा किया गया."

    शकील और साजिद, दोनों इस बात से "हैरान" थे कि नाबालिग बच्चों को गाड़ी चलाने की इजाज़त देना ग़ैरकानूनी है.

    अभिभावक को जेल
    Getty Images
    अभिभावक को जेल
    अभिभावक को जेल
    Getty Images
    अभिभावक को जेल

    कैदियों के कपड़े भी पहनाए

    बिजनेसमैन शेख फिरोज कहते हैं, "मैं इस बात से सहमत हूं कि बच्चों को गाड़ी नहीं चलाने देनी चाहिए. मैं उस वक़्त सोया हुआ था जब मेरा 15 साल का भतीजा घर के पास गाड़ी चला रहा था."

    अपना नाम न बताने की शर्त पर एक अभिभावक ने कहा कि उन लोगों से जुर्माना भरने को कहा गया था पर अचानक उन्हें जेल भेज दिया गया. उन्होंने कहा कि वो इस कानून से अनजान थे.

    शकील अहमद कहते हैं, "जब हम जेल पहुंचे तो दोपहर के क़रीब दो बज चुके थे. हम लोगों को पहले जेल का परिधान पहनाया गया और काम करने को भी कहा गया."

    "हम लोगों से कैदियों के लिए भोजन के बर्तन भी ढोने को कहा गया. रात के करीब 8.40 बजे हम लोगों को रिहा कर दिया गया."

    अभिभावक को जेल
    Getty Images
    अभिभावक को जेल

    चार बच्चों की मौत

    पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 180 के तहत अभिभावकों को गिरफ्तार किया था.

    हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस के संयुक्त पुलिस कमिश्नर डॉ. विश्वनाथ रविंद्र ने कहा, "जनवरी और फरवरी में गाड़ी चलाने से चार बच्चों की मौत हो गई थी. पिछले तीन से चार महीनों में हम लोगों ने करीब एक हजार नाबालिगों पर ऐसे मामले दर्ज किए हैं."

    डॉ. रविंद्र आगे कहते हैं, "एक या दो दिन की जेल की सज़ा ही एकमात्र तरीका है कि अभिभावक अपने बच्चों को गाड़ी चलाने न दें. अगर हम लोग इसकी अनदेखी करते हैं तो आगे बच्चों की मौतों की और भी घटनाएं हो सकती हैं. ये बच्चे देश का भविष्य हैं."

    क्या है कानून

    मोटर वाहन अधिनियम की धारा 180 के तहत उस व्यक्ति को तीन महीने तक की सज़ा दी जा सकती है जो अपनी गाड़ी किसी ऐसे शख़्स को चलाने के लिए दे, जिसके पास लाइसेंस नहीं है.

    इस क़ानून के तहत बच्चे को भी अपनी गाड़ी चलाने की इजाज़त देना गलत है. कानून के अनुसार, सज़ा के साथ एक हज़ार रुपए तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है.

    मजिस्ट्रेट अल्ताफ हुसैन ने दोषी करार दिए गए अभिभावकों पर 500 रुपए का जुर्माना और एक दिन की जेल की सज़ा सुनाई थी.

     

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    BBC Hindi
    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Parents of a teenage driver was jailed in Hyderabad after the new motor vehicle act implemented.

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X