महाराष्ट्र: विधान परिषद चुनाव में पंकजा मुंडे को नहीं मिला टिकट, पार्टी को लेकर कही ये बात
नई दिल्ली: महाराष्ट्र में कोरोना महामारी के बीच विधान परिषद चुनावों का बिगुल बज चुका है, जहां 9 विधान परिषद सीटों के लिए 21 मई को चुनाव होने हैं। इस बीच शुक्रवार को भाजपा ने चार सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी। ये नाम ऐसे थे, जिनकी किसी को उम्मीद नहीं थी। पंकजा मुंडे समेत कई दिग्गज नेताओं के नाम इस लिस्ट से गायब थे। वहीं अब पंकजा मुंडे ने पार्टी के फैसले का स्वागत किया है। साथ ही उम्मीद जताई है कि पार्टी इस चुनाव में जीत हासिल करेगी।

उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि मैं पार्टी द्वारा टिकट नहीं दिए जाने से नाराज नहीं हूं। उन्होंने अपने समर्थकों से भी निराश नहीं होने की अपील की है। उन्होंने कहा आपने (सांसद प्रीतम मुंडे) मेरी मां और बहन के पास फोन किया। मैंने फोन नहीं उठाया क्योंकि मेरे पास कहने को कुछ नहीं है। मैं दुखी नहीं हूं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पार्टी द्वारा उतारे गए सभी प्रत्याशी जीत हासिल करेंगे। आपको बता दें कि भाजपा ने गोपीचंद पडालकर, प्रवीण दटके, अजीत गोपछड्डे एवं रंजीतसिंह मोहिते पाटिल को मैदान में उतारा है।
चुनाव हार गई थीं पंकजा
पंकजा मुंडे की राजनीतिक पहचान पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे के नाम से शुरू हुई थी। 2014 में पिता की सड़क हादसे में निधन के बाद पंकजा भाजपा में सक्रिय हुईं और उनका राजनीतिक कद बढ़ता गया। वह भी पिछली फडणवीस सरकार में ताकतवर मंत्री थीं, लेकिन मराठवाड़ा क्षेत्र के बीड जिले की परली विधानसभा सीट से पिछला चुनाव हार गई थीं। हार के बाद उन्होंने पार्टी पर अपनी हार का ठीकरा फोड़ा था।












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