पालघर मॉब लिंचिंग: जबरन छुट्टी पर भेजे गए SP के लिए ऑनलाइन कैंपेन, लोग बोले- वापस लाया जाए
नई दिल्ली। महाराष्ट्र सरकार के पालघर एसपी गौरव सिंह को अनिवार्य अवकाश पर भेजने के फैसले का विरोध शुरू हो गया है। इसको लेकर एक ऑनलाइन कैंपेन शुरू किया गया है। इसको लेकर एक ऑनलाइन यचिका चेंज डॉट ओरजी पर शुरू की गई है। इस याचिका के समर्थन में अब तक 350 से अधिक लोगों ने अपने हस्ताक्षर किए हैं। गौरव सिंह को अचानक से छुट्टी पर भेजे जाने के पांच दिन बाद ये ऑनलाइन कैंपेन शुरू हुआ है।

पालघर में जिम चलाने वाले सुजीत सिंह और एक सामाजिक कार्यकर्ता करण चौधरी ने पालघर एसपी की वापसी के लिए एक ऑनलाइन याचिका लॉन्च की है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से इसके जरिए अपील की गई है कि गौरव सिंह को बतौर एसपी पालघर वापस भेजा जाए।
बता दें कि 16 अप्रैल की रात पालघर के गढचिंचले गांव में दो साधुओं समेत तीन लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। दो संन्यासी 70 साल के कल्पवृक्ष गिरी और 35 साल के सुशीलगिरी महाराज मुंबई के कांदिवली से एक अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए सूरत की ओर जा रहे थे। उन्होंने कांदिवली से सूरत जाने के लिए एक कार किराए पर लिया था, जिसे 30 साल के निलेष येलगेड़े चला रहे थे। गढचिंचले गांव में इनको भीड़ ने घेर लिया और मारना शुरू कर दिया। जिससे तीनों की मौत हो गई। इस मामले में 100 से ज्यादा लोग गिरफ्तार हुए हैं तो कई पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हुई है। अब तक 35 पुलिसकर्मियों के तबादले इस मामले में हुए हैं।
बीते हफ्ते गुरुवार को महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख गढचिंचले गांव गए थे। जिसके बाद उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पालघर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) गौरव सिंह को अनिवार्य अवकाश पर भेजने का निर्णय लिया है। पालघर में अतिरिक्त एसपी को पुलिस अधीक्षक का पदभार दिया गया है। इस मामले की जांच महाराष्ट्र पुलिस की अपराध शाख (सीआईडी) कर रही है।












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