कारगिल युद्ध का 15वां साल और पाक की रक्षा बजट में इजाफे की ख्वाहिश

पाकिस्तान में जून महीने के पहले सप्ताह में बजट की घोषणा होने वाली है। पाकिस्तान में यह मांग ऐसे समय में उठी है जब सरकार आधारभूत ढांचों के विकास और ऊर्जा की कमी को दूर करने में जुटी है।
पाक के न्यूज पेपर द डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक रक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एयर वाइस मार्शल अरसद कुदूस ने की ओर से यह जानकारी दी गई। उन्होंने बताया है कि सुरक्षा को लेकर सीनेट कमेटी ने नए आधुनिक हथियारों के लिए रक्षा बजट को और बढ़ाने पर जोर दिया है।
अतिरिक्त सचिव ने कहा कि रक्षा बजट का 43 प्रतिशत बजट कर्मचारियों के मद में खर्च किए जाते हैं। जबकि 26 प्रतिशत अभियान चलाने और 10 प्रतिशत नागरिक कामों में खर्च होते हैं। बचे हुए 21प्रतिशत हथियारों के रख-रखाव और मरम्मत में खर्च होते हैं।
पहले से ही ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि देश में शासन व्यवस्था को सुचारू रुप से चलाने के लिए सरकार बजट बढ़ाएगी। लेकिन मंत्रालय की मांग के बाद अब हथियारों की खरीद के लिए भी ज्यादा बजट आवंटित करना होगा। कुदूस ने कहा कि पाकिस्तान रक्षा मद में 6.27 बिलियन डॉलर खर्च करता है जो कि भारत समेत कई पड़ोसी देशों के मुकाबले बहुत ज्यादा है।












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