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पाकिस्तान के 'मिशन बालाकोट' को हर मोर्चे पर मिलेगा मुंहतोड़ जवाब, सेना बोली हैं तैयार हम...

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नई दिल्ली- सोमवार सुबह ही सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने इस बात की पुष्टि की है थी कि पाकिस्तान ने बालाकोट में अपने आतंकी कैंप को फिर से पुनर्जीवित कर लिया है, जहां पिछले फरवरी में भारतीय सेना ने एयरस्ट्राइक किया था। ये भी जानकारी मिली है कि आतंकी लॉन्च पैड्स पर 500 के करीब पाकिस्तानी आतंकी नापाक इरादों के साथ भारत में घुसपैठ को तैयार बैठे हैं। अब सेना की ओर से कहा गया है कि वह पाकिस्तान की किसी भी नापाक हरकत का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है और वह किसी भी स्तर पर, किसी मोर्चे पर और किसी भी जगह पर जवाबी कार्रवाई के लिए अलर्ट है। ये जानकारी सेना के सूत्रों के हवाले से सामने आई है।

हर स्तर पर और हर मोर्चे पर मिलेगा मुंहतोड़ जवाब

हर स्तर पर और हर मोर्चे पर मिलेगा मुंहतोड़ जवाब

खबरों के मुताबिक बालाकोट में आतंकी कैंप्स के फिर सक्रिय होने की जानकारी 4 दिन पहले ही आई थी। गौरतलब है कि इस साल सुरक्षा एजेंसियां त्योहारी मौसम में पहले से ही बड़े आतंकी हमलों के खतरों के मद्देनजर तैयारियां कर रही थीं। लेकिन, एनडीटीवी ने सेना के सूत्रों के हवाले से बताया है कि इस बार का खतरा 'बहुत ज्यादा गंभीर' है। लेकिन, सेना भी किसी आतंकी चुनौती से निपटने के लिए किसी भी समय और किसी भी स्तर पर तैयार है। सेना के एक सूत्र के मुताबिक, 'हमारा जवाब किसी भी स्तर पर, किसी भी सीमा पर और कहीं भी मिलेगा। पुख्ता योजना तैयार की गई है।' उन्होंने बताया कि, 'श्रीनगर में मौजूद 15 कॉर्प्स, सिर्फ रक्षात्मक कार्रवाई के लिए नहीं है।' सेना के सूत्रों के मुताबिक सभी जगह पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल तैनात हैं और इसीलिए अभी उन्हें कहीं भेजने की जरूरत नहीं है।

500 आतंकी घुसपैठ को तैयार

500 आतंकी घुसपैठ को तैयार

अनुमानों के मुताबिक पिछले दो महीनों में एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा से 60 आतंकवादी घुसपैठ कर चुके हैं। करीब 4 या 5 आतंकी लॉन्च पैड आतंकियों को भारत में घुसपैठ कराने के लिए हर वक्त तैयार हैं। लाइन ऑफ कंट्रोल के पास मौजूद इन टेरर लॉन्च पैड्स में इस समय करीब 500 आतंकी भारत में घुसपैठ करने के लिए तैयार बैठे हैं। ये संख्या पिछले तीन साल की दो गुनी बताई जा रही है। 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल-370 हटाने के बाद से पाकिस्तान गुस्से में इसे और बढ़ावा दे रहा है। दरअसल, नवंबर महीने से बर्फबारी के कारण घुसपैठ पर खुद ही लगाम लग जाता है। गुरेज, कारगिल, माछिल, केरन, तंगधार और उरी सेक्टर सेक्टर में घुसपैठ बंद हो जाते हैं। इसलिए भी पाकिस्तान जल्द से जल्द बर्फबारी से पहले ही ज्यादा से ज्यादा संख्या में दहशतगर्दों के भारत में घुसा देना चाहता है।

बालाकोट में 'आतंक की पाठशाला' फिर सक्रिय

बालाकोट में 'आतंक की पाठशाला' फिर सक्रिय

सोमवार सुबह ही थल सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने उन खबरों के पुष्टि की थी कि पाकिस्तान ने बालाकोट में अपने आतंकी कैंपों को फिर से सक्रिय कर दिया है। यह वह जगह है जहां 14 फरवरी को कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना ने एयरस्ट्राइक किए थे और सभी आतंकी कैंपों को तबाह कर दिया था। लेकिन, अब जो जानकारी सामने आ रही है कि ये कैंप फिर से सक्रिय हो गए हैं। जब सुबह चेन्नई में जनरल रावत से पूछा गया कि फिर से सक्रिय हुए बालाकोट के आतंकी कैंपों में भारतीय सेना का जवाब वैसा ही होगा तो आर्मी चीफ ने कहा कि, 'आप एक जैसा ही चीज दोहराने की क्यों उम्मीद करते हैं, पहले हमने कुछ किया, तब बालाकोट किया, हम दोहराएं क्यों? क्यों न हम दूसरे को गेस करने दें कि हम क्या करेंगे? हम उन्हें क्यों बताएं कि हम क्या करने जा रहे हैं, हम उन्हें अनुमान क्यों नहीं लगाने दें, दोहराने के लिए क्यों कहते हैं, उससे अलग हटकर क्यों नहीं....'

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English summary
Pakistan's nefarious 'Mission Balakot' will get a befitting reply on every front, Army is ready
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