आंतकी मुसर्रत को दावत देकर भारत को चिढ़ाता पाक
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) पाकिस्तान के हाई कमिश्नर अब्दुल बासित ने मुसर्रत आलम को पाकिस्तान दिवस कार्यक्रम में आमंत्रित किया है। ये वही मुसर्रत आलम हैं जिन्हें मुफ्ती सरकार के दौरान जेल से रिहा करने पर देश में बवेला मचा था। मुसर्रत आतंकी है। इसमें कोई दो राय नहीं है। सवाल उठता है कि उसको निमंत्रण देकर सम्मानित मेहमान बनाने का आखिर अर्थ क्या है?

बासित मिले हुर्रियत नेताओं से
बासित ने हुर्रियत के नेता मीरवायज उमर फारुख से अपने निवास स्थान पर लंबी मुलाकात की। वे इसके पहले सैयद अली शाह गिलानी से वे मिल चुके हैं। मजे की बात देखिए कि बासित कह रहे हैं कि मीडिया गैर मुद्दे को मुद्दा न बनाए।
आप तय करेंगे एजेंडा
वरिष्ठ लेखक अवधेश कुमार कहते हैं कि मीडिया का एजेंडा भी आप ही निर्धारित करेंगे। यदि हमारे लिए आपका हुर्रियत नेताओं से मिलना मुद्दा नहीं होगा तो और क्या होगा।
हालांकि यह कार्यक्रम हर वर्ष होता है और हुर्रियत नेता आमंत्रित होते रहे हैं। अवधेश कुमार कहते हैं कि हर बार हमारा खून जलता है। इस बार थोड़ा ज्यादा गुस्सा इसलिए है कि आपने मुसर्रत तक को आमंत्रित कर दिया। इसलिए भी कि मोदी सरकार ने साफ कर दिया कि यदि आप हुर्रियत नेताओं से बात करेंगे तो सरकार बात नहीं करेगी। बावजूद इसके पाक ऐसा कर रहा है तो इसे हम क्या मानें।
कूटनीति के जानकार कहते हैं कि पाकिस्तान भारतीयों को उत्तेजित कर रहा हैं। आखिर यह व्यवहार भारत के साथ शांति और सदभाव का तो नहीं हो सकता। उच्चायोग को कूटनीतिक आजादी वियना समझौते के तहत हासिल है। लेकिन इस तरह भारत की इच्छा के विरुद्ध सरेआम व्यवहार पर से देश में गुस्सा बढ़ रहा है।












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