करतारपुर कॉरिडोर: पाकिस्तान की नई साजिश, कहा दरबार साहिब पर IAF ने 71 में गिराया था बम
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नई दिल्ली। करतारपुर साहिब कॉरिडोर के उद्घाटन के साथ खुद की इमेज चमकाने में लगा पाकिस्तान अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहा है। पहले प्रमोशनल वीडियो में भिंडरवाला को दिखाने के बाद अब पाक ने प्रदर्शनी के लिए रखे बोर्ड पर पोस्टर लगाया है कि इस जगह पर भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने बम गिराया था। इस नए पोस्टर के साथ ही पाक ने एक नए विवाद की शुरुआत कर दी है।

IAF गुरुद्वारे को नष्ट करना चाहती थी
पाकिस्तान के करतारपुर में स्थित दरबार साहिब गुरुदार के दर्शन के लिए कुछ भारतीयों का एक प्राइवेट ग्रुप दर्शन के लिए गया था। इसी ग्रुप की तरफ से इस बात की जानकारी दी गई है और बताया गया है कि पाक ने सन् 1971 के जंग का जिक्र किया है। पाक अथॉरिटीज की तरफ से जो पोस्टर लगाया गया है उस पर लिखा है कि आईएएफ ने जान बूझकर इस गुरुद्वारे पर सन् 1971 की जंग के दौरान बम गिराया था। इसके साथ ही यहां पर उस बम को सिख धर्म के प्रतीक खंडा के साथ एक शीशे के केस के अंदर रखा गया है।

भारतीय अधिकारी खामोश
इसके पास ही जो खंभा है उस पर लगे पोस्टर पर लिखा है, 'वाहे गुरु जी का चमत्कार।' इस पर लिखा है, 'इंडियन एयरफोर्स ने इस बम को 1971 में गुरुद्वारा दरबार साहिब श्री करतारपुर साहिब पर इसे नष्ट करने के मकसद से गिराया था। लेकिन ऐसा हो नहीं हो सका और वाहे गुरु जी के चमत्कार से यह बम श्री खू साहिब (पवित्र दिवार) पर गिर गया। इस तरह से दरबार साहिब को कोई भी नुकसान नहीं हुआ। यह बताना जरूरी है कि यह वहर पवित्र दिवार है जहां से श्री गुरुनानक देव जी अपने खेतों को सींचने के लिए पानी लेते थे।' भारतीय अधिकारियों की तरफ से अभी इस मुद्दे पर कोई भी बयान नहीं दिया गया है।

खालिस्तान आंदोलन को हवा देने की कोशिश
दरबार साहिब गुरुद्वारे के रेनोवेशन और इसके विस्तार का काम पाक आर्मी की मिलिट्री इंजीनियरिंग यूनिट फ्रंटियर वर्क्स ऑर्गनाइजेशन की ओर से किया गया है। माना जा रहा है कि पोस्टर इसी यूनिट में शामिल कुछ लोगों को काम हो सकता है। जो लोग कॉरिडोर के उद्घाटन पर नजर रखें हैं, उनका कहना है कि पाकिस्तान ऐसा करके भारत के पंजाब में सिखों की भावनाओं को भड़काना चाहता है। इसके जरिए वह सिखों और दूसरे समुदाय के बीच अंतर को पैदा करना चाहता है। सरकारी अधिकारियों की मानें तो पाकिस्तान, करतारपुर कॉरिडोर को खोलकर खालिस्तान आंदोलन को फिर से जिंदा करना चाहता है।












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