भारत लौटने पर हरसिमरत ने कहा- मैं पाकिस्तान को स्पष्ट कह कर आयी हूं कि कश्मीर पर समझौते की कोई गुंजाइश नहीं
चंडीगढ़। पाकिस्तान में करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास में भारत सरकार की तरफ नेतृत्व करने गईं केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल और हरदीप सिंह पुरी बुधवार शाम स्वदेश लौट आए। अटारी वाघा बॉर्डर पर मीडिया से बात करते हुए एचएस पुरी ने कहा कि आज से 20 साल पहले अटल बिहारी वाजपेयी ने पाकिस्तान के साथ यह मुद्दा उठाया था, जो अब जाके आगे बढ़ा है। भारत ने 26 नवंबर को श्री करतारपुर साहिब के लिए कॉरिडोर का पंजाब के गांव मान में उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू और सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शिलान्यास किया था। वहीं, पाकिस्तान ने यह प्रोग्राम आज रखा था, जिसमें हरसिमरत कौर, एचएस पुरी और नवजोत सिंह सिद्धू भारत की तरफ से मौजूद थे।

पाकिस्तान से एक दिन का दौरा करके लौटे सीमा पर हरसिमरत कौर और एचएस पुरी मीडिया मुखातिब हुए। एचएस पुरी ने कहा, '1999 में जब वाजपेयी जी लाहौर गए थे और प्रकाश सिंह बादल उस प्रतिनिधि मंडल का हिस्सा थे, उस वक्त आधिकारिक रूप से यह मुद्दा उठाया था। यह मांग लंबे समय से चली आ रही थी और यह मुद्दा नवंबर 2018 में जाकर आगे बढ़ा।' वहीं, करतारपुर शिलान्यास के दौरान इमरान खान द्वारा उठाये कश्मीर मुद्दे पर सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने कहा, 'मैंने उनके मीडिया (पाकिस्तान मीडिया) को कहा कि कश्मीर भारत का हिस्सा है और ऐसा ही रहेगा। मैंने उनको स्पष्ट कह दिया कि इस मुद्दे पर समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है।'
वहीं, नवजोत सिंह सिद्धू के पाकिस्तान में चुनाव लड़ने के इमरान खान के बयान पर एचएच पुरी ने कहा, 'मैंने उनसे (सिद्धू) से इस मामले मे नहीं पूछा कि अगर वे अपनी संसदीय क्षेत्र को बदलेंगे तो आपकी क्या प्रतिक्रिया थी।'
बता दें कि पाकिस्तान में करतारपुर साहिब के लिए कॉरिडोर के लिए शिलान्यास के दौरान इमरान खान ने कहा कि दोनों देशों के बीच कश्मीर एक मुद्दा है, जिसे सॉल्व किया जा सकता है। हालांकि, भारत शुरू से ही कहता आया है कि आतंकवाद के अलावा कोई विवाद नहीं है। खान ने अपने भाषण में दोस्त सिद्धू के लिए कहा कि अगर वे पाकिस्तान में चुनाव लड़ेंगे तो यहां से भी जीत हासिल कर लेंगे।












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