Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Painted bat: छत्तीसगढ़ के कांगेर नेशनल पार्क में मिला 'संकटग्रस्त' नारंगी चमगादड़, दुर्लभ क्यों है जानिए

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में स्थित कांगेर नेशनल पार्क में एक दुर्लभ चमगादड़ मिला है, जो नारंगी रंग का है। 2020 के बाद यह तीसरी घटना है, जब यह विलुप्त होने के कगार पर पहुंचा यह जीव देखा गया है।

painted-bat-chhattisgarh-s-kanger-national-park-near-threatened-orange-bat-found

छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कांगेर नेशनल पार्क में नारंगी रंग वाला एक चमगादड़ मिला है। इसे दुर्लभ भी बताया जा रहा है और 'संकट के निकट' भी। कांगेर नेशनल पार्क में पिछले कुछ वर्षों में ऐसा तीसरा वाक्या है, जब दुर्लभ प्रजाति का ऐसा चमगादड़ देखा गया है। पहली बार यह उसी साल पाया गया था, जब पूरी दुनिया इसी जीव के माध्यम से इंसान तक पहुंचने वाले कोरोना वायरस से त्राहि-त्राहि करना शुरू की थी। कई रिपोर्ट में दावा किया जाता है कि चीन के लोग नारंगी रंग वाले इस चमगादड़ का सूप पीना बहुत चाव से पसंद करते हैं। आइए जानते हैं कि भारत में वन्यजीवों की समझ रखने वाले एक्सपर्ट ने अबतक इस दुर्लभ प्राणी के बारे में क्या कुछ जानकारी जुटाई है।

Recommended Video

    Meghalaya में मिला भारत का पहला Disk-foot दुर्लभ चमगादड़, ये है इसकी खासियत | वनइंडिया हिंदी

    कांगेर नेशनल पार्क में मिला दुर्लभ नारंगी चमगादड़

    कांगेर नेशनल पार्क में मिला दुर्लभ नारंगी चमगादड़

    छत्तीसगढ़ में नारंगी रंग का एक दुर्लभ चमगादड़ देखा गया है। बुधवार को अधिकारियों ने इसकी जानकारी देते हुए इसे 'लगभग संकटग्रस्त' प्रजाति वाला बताया है। इस जंगली जीव को 'पेंटेड बैट' (painted bat) या रंगा हुआ चमगादड़ भी कहते हैं। चमकीले नारंगी और काले पंख इसकी विशेषताओं में शामिल है। पार्क के डायरेक्टर धम्मशील गनवीर के मुताबिक इसे सोमवार को कांगेर नेशनल पार्क के पराली बोदल गांव के एक केले खेत में देखा गया था। पिछले कुछ वर्षों में यह तीसरा नारंगी रंग वाला चमगादड़ है, जिसे बस्तर जिले के इस नेशनल पार्क में देखा गया है। सबसे पहले यह 2020 में फिर 2022 में और अब जाकर देखा गया है।

    'पेंटेड बैट' एक 'संकट के निकट' वाली प्रजाति है'

    'पेंटेड बैट' एक 'संकट के निकट' वाली प्रजाति है'

    छत्तीसगढ़ का कांगेर नेशनल पार्क अपने चूना पत्थर वाले गुफाओं के लिए मशहूर है, जो कि विशेषज्ञों के मुताबिक चमगादड़ों के लिए मुनासिब ठिकाना है। गनवीर के मुताबिक 'Kerivoula picta'वैज्ञानिक नाम वाला 'पेंटेड बैट' एक 'संकट के निकट' वाली प्रजाति है, जो कि सामान्य तौर पर बांग्लादेश, म्यांमार, कंबोडिया, चीन, भारत, इंडोनेशिया, मलेशिया, नेपाल, श्रीलंका, थाईलैंड और वियतनाम में पाया जाता है। उन्होंने नारंगी चमगादड़ के बारे में बताया कि 'पेंटेड बैट हवाई शिकारी हैं, मतलब यह कीड़ों को हवा में उड़ते हुए ही पकड़ते हैं। इन्हें अक्सर मक्के की खेती के समय देखा जाता है। ' इस बार इसपर नजर पड़ने के बाद नेशनल पार्क में पाए जाने वाले इनकी प्रजातियों का पता लगाने के लिए जल्द एक सर्वे करने की बात कही गई है। यह नेशनल पार्क करीब 200 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। जैव विविधता से भरपूर इस पार्क में अतीत में भी कुछ दुर्लभ प्रजातियों के देखे जाने की जानकारी आ चुकी है।

    'घने नम जंगलों में रहना नारंगी चमगादड़ को पसंद है'

    'घने नम जंगलों में रहना नारंगी चमगादड़ को पसंद है'

    उनका कहना है कि 'भारत में यह चमगादड़ अभी तक पश्चिमी घाट केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा और कांगेर वैली छत्तीसगढ़ में देखा जा चुका है।' ये चमगादड़ सूखे इलाकों और घने नम जंगलों में रहना पसंद करते हैं। वैसे ये बसेरे के लिए केले के पत्तों के नीचे लटकना भी पसंद करते हैं। उन्होंने कहा, 'पार्क में चमगादड़ों के किस्मों का पता लगाने के लिए हमने एक सर्वे शुरू करने का फैसला किया है, उसी के अनुसार संरक्षण के उपाय किए जाएंगे।'

    छत्तीसगढ़ में चमगादड़ की 26 प्रजातियां देखने का दावा

    छत्तीसगढ़ में चमगादड़ की 26 प्रजातियां देखने का दावा

    बस्तर में रहने वाले एक पक्षीविज्ञानी रवि नायडू का कहना है कि पहली बार 2020 के नवंबर में कांगेर वैली नेशनल पार्क में एक 'पेंटेड बैट' जख्मी हालत में मिला था। उन्होंने कहा, 'हमने उसे बचाया और बाद में उसके स्थान पर छोड़ दिया।' फिलहाल बॉम्बे नैचुरल हिस्ट्री सोसाइट के एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहे नायडू के मुताबिक कांगेर वैली में 'पेंटेड बैट' पर उनका एक रिसर्च पेपर 'चीतल' 2020 में जर्नल ऑफ द वाइल्डलाइफ प्रिजर्वेशन सोसाइटी में प्रकाशित हुआ था। उनका दावा है कि छत्तीसगढ़ में उन्होंने चमगादड़ों की 26 प्रजातियां देखी हैं और जल्द ही इसपर रिसर्च पेपर प्रकाशित होने वाला है।

    'भारत में चमगादड़ों की 131 प्रजातियां मौजूद'

    'पेंटेड बैट' की विशेषताओं में चमकीले नारंगी और काले पंख, पीठ पर गहरे नारंगी फर शामिल हैं। इनके कान बड़े और कीप के आकार वाले होते हैं, जिसके ट्रेगस पारदर्शी होते हैं। नायडू ने बताया कि भारत में करीब 131 प्रजातियों के चमगादड़ हैं, जिनमें से 31 मध्य भारत में पाए जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि जैव विविधता सर्वेक्षण के समय सिर्फ बस्तर जिले में ही चमगादड़ों की 20 प्रजातियां होने की जानकारी आई थी, जिनमें से अधिकतर कांगेर घाटी में ही थीं। (इनपुट-पीटीआई-एएनआई) (पांचवीं तस्वीर-सांकेतिक)

    More From
    Prev
    Next
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+