सास, ससुर और पति की कोरोना के कारण हुई मौत,अस्पताल का 16 लाख का बिल चुकाया तब महिला को दिया शव
इंदौर, अप्रैल 19: कोरोना के कहर में हर दिन सैकड़ों लोगों की जान जा रही है। किसी ने अपनी मां खो दी तो किसी बहन ने अपना जवान भाई तो किसी ने अपने पति। कई परिवार तो ऐसे भी हैं जिसके सभी सदस्यों को कोरोना बीमारी निगल गई तो किसी परिवार में इक्का-दुक्का लोग ही जीवित बचे हैं। इस कोरोना काल में सरकारी मशीनरी जहां मरीजों की अत्यधिक संख्या होने का हवाला देकर अपने हाथ खड़े कर रही है वहीं प्राइवेट अस्पताल मरीजों के इलाज और यहां तक मृतकों की लाश देने के लिए परिवार से मोटी रकम वसूल रहे हैं। दिल दहला देने वाली ऐसी ही घटना मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में सामने आई है। जिसको सुनकर आप हृदय भी भर आएगा।

परिवार के तीन लोगों को लील गया कोरोना
दरअसल, इंदौर निवासी एक पादरी के परिवार में पांच लोग थे जिसमें से 3 की कोरोना के चलते मौत हो गई। पिछले रविवार को दस दिन से भी कम समय में इस परिवार के पांच में से तीन सदस्यों को कोरोना ने निगल लिया। मां-बाप, बेटा बहू और एक पोते का ये हंसता खेलता परिवार था। पिछले दिनों पादरी परिवार के 4 सदस्यों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई जिसमें से तीन की मौत हो गई।

दस दिन के अंदर हुई तीनों की मौत
पादरी परिवार के मुखिया 86 वर्षीय पादरी ए जे सैमुअल, 83 वर्षीय उनकी पत्नी कुंजम्मा सैमुअल और बेटा जॉनसन सैमुअल की कोरोना से मौत हो गई। इस समय जॉनसन की पत्नी शोबी जॉनसन आइसोलेटेड और उनका बेटा फिलोमन जॉनसन कोरोना संक्रमित है और उसका इजाज हो रहा है। शोबी 16 लाख से ज्यादा रुपये का अस्पताल का बिल चुकाकर भी अपनों को नहीं बचा सकी।

16 लाख चुकाए तब मिला शव
मार्च के अंतिम सप्ताह के बाद 2 अप्रैल से 6 अप्रैल के बीच में परिवार के तीनों सदस्यों की हालत खराब होने पर एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया गया। 24 घंटे के अंदर मां-बेटे की मौत हो गई। 7 अप्रैल को पादरी ए जे सैमुअल, 16 अप्रैल को जॉनसन और 17 अप्रैल को जॉनसन की मां कुंजम्मा की मौत हो गई। शोबी 16 लाख से ज्यादा रुपये का अस्पताल को जब चुकाए तब जाकर सांस और पति की लाश मिली। रोती बिलखती शोबी ने किसी तरह तीनों का अंतिम संस्कार करवाया।












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