Pahalgam Attack का मास्टरमाइंड हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी, NIA चार्जशीट में क्या-क्या खुलासे हुए
Non-Bailable Warrant Hafeez Saeed Pahalgam Attack: पहलगाम आतंकी हमले की जांच में NIA की एक बड़ी कानूनी जीत हुई है। जम्मू की एक अदालत ने पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के आका लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (Non-Bailable Warrant) जारी कर दिया है।
इस आदेश के बाद 26/11 हमले के मास्टरमाइंड के खिलाफ 'ट्रायल इन एब्सेंशिया' (Trial in Absentia) यानी आरोपी की गैरमौजूदगी में मुकदमा चलाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

NIA की चार्जशिट में क्या है? अदालत ने क्यों जारी किया गैर-जमानती वारंट?
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में हाफिज सईद को पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड बताया है। एनआईए की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस हमले की पूरी साजिश पाकिस्तान में बैठकर रची गई और इसमें हाफिज सईद की मुख्य भूमिका रही। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक- एजेंसी अब उसे भगोड़ा घोषित करवाने की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू करेगी।
NIA की ओऱ से अदालत में दायर की गई याचिका में कहा गया कि मुंबई हमले और पहलगाम में आतंक मचाने वाला हाफिज सईद पाकिस्तान में मौजूद है। फिलहाल उसे भारत लाना संभव नहीं है। ऐसे में भारतीय कानून के तहत उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए गैर-जमानती वारंट जारी किया जाना चाहिए।
अदालत ने एजेंसी की दलीलों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया। यह आदेश कानूनी तौर पर NIA की जीत मानी जा रही है। अब हाजिफ सईद की गैरमौजूदगी में मुकदमे को आगे बढ़ाने का रास्ता खुलेगा।
Pahalgam Terror Attack: क्या था पहलगाम हमले जिसमें 26 लोगों की हुई थी मौत?
गौरतलह है कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए इस आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। शांत वादियों में घूमने गए निर्दोष नागरिकों को आतंकियों ने अपना निशाना बनाया, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई। इस हमले में कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए।
इसके बाद भारत ने आतंक पर कड़ा प्रहार करते हुए ऑपरेशन सिंदुर चलाया और पाकिस्तान के आतंकि ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। इसके साथ ही इस हमले में सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू की और देशभर में कई संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान मिले साक्ष्यों, डिजिटल सबूतों और पूछताछ के आधार पर एनआईए ने खुलासा किया कि इस हमले के पीछे पाकिस्तानी आतंकी नेटवर्क सक्रिय था और जिसका साजिशकर्ता हाफिज सईद था।
एनआईए की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में बड़ा खुलासा
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में हाफिज सईद को पहलगाम हमले का मुख्य साजिशकर्ता बताया है। एजेंसी का कहना है कि आतंकी हमले की योजना पाकिस्तान में तैयार की गई थी और इसे सीमा पार बैठे आतंकी नेटवर्क ने अंजाम तक पहुंचाया।
NIA की एक अदालत ने यह भी बताया कि पाकिस्तान से हाफिज सईद को भारत लाने की सभी कानूनी संभावनाएं लगभग समाप्त हो चुकी हैं। ऐसे में नए कानूनी प्रावधानों के तहत उसके खिलाफ मुकदमा चलाना जरूरी है।
पहले चार्जशीट में किन-किन को बनाया गया था आरोपी?
एनआईए की पहली चार्जशीट में इस हमले से जुड़े कई आतंकियों और उनके सहयोगियों को भी आरोपी बनाया गया था। इनमें पाकिस्तान के तीन आतंकी सुलेमान, जिब्रान और हमजा अफगानी शामिल हैं। इसके अलावा उस चार्जशीट में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े साजिद सैफुल्ला जट्ट का नाम भी शामिल किया गया।
NIA ने घाटी में इन आतंकियों की मदद करने के आरोप में पहलगाम निवासी बशीर अहमद और परवेज अहमद को भी आरोपी बनाया है। एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक इन लोगों ने आतंकियों को स्थानिय स्तर पर जरूरी मदद उपलब्ध कराई थी।
हालांकि हाफिज सईद अभी भी पाकिस्तान में है, लेकिन अदालत की यह कार्रवाई भविष्य में उसे भगोड़ा घोषित करने, उसकी संपत्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के कानूनी दावे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है।














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