Pahalgam Attack: 'बम गिरेगा तो पता नहीं चलेगा', कौन हैं चन्नी जिनके बयान पर भड़की भाजपा? कहा 'पाकिस्तान परस्त'

Pahalgam Terror Attack: चरणजीत सिंह चन्नी ने सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगकर विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने विवादित बयान देते हुए कहा कि आज तक मैं यह नहीं जान पाया कि सर्जिकल स्ट्राइक कहां हुई। उनके बयान पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उनके बयान को गंदी राजनीति बताया है। आइए विस्तार से जानते है पूरा मामला क्या है...

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक बार फिर सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें आज तक यह स्पष्ट जानकारी नहीं मिली कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान में कहां सर्जिकल स्ट्राइक की थी, कितने लोग मारे गए, और यह कार्रवाई किस स्थान पर हुई। चन्नी ने कहा कि जब हमारे देश पर हमला होता है, तो हमें तुरंत जानकारी मिल जाती है, ऐसे में यह समझ से परे है कि पाकिस्तान में हुई सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में आम जनता को कोई ठोस सबूत क्यों नहीं दिखाया गया।

Pahalgam Terror Attack

चन्नी ने आगे कहा कि उन्हें हमेशा से इस कार्रवाई पर संदेह रहा है, क्योंकि न तो इसका कोई दृश्य सामने आया और न ही किसी को इसकी भनक लगी। उन्होंने कहा, "मैंने हमेशा सरकार से सर्जिकल स्ट्राइक के प्रमाण मांगे हैं। लेकिन अब समय है कि जनता के ज़ख्मों पर मरहम लगाया जाए। सरकार को चाहिए कि वह पहलगाम हमले के दोषियों की पहचान कर उन्हें सज़ा दिलाए, ताकि लोगों को न्याय मिल सके।"चरणजीत सिंह चन्नी कौन है?

चरणजीत सिंह चन्नी कौन हैं?

चरणजीत सिंह चन्नी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के दिग्गज नेता हैं। वह 20 सितंबर 2021 से 16 मार्च 2022 तक पंजाब के 16वें मुख्यमंत्री रहे। चन्नी पंजाब के पहले दलित सिख मुख्यमंत्री बने। चन्नी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत खरड़ नगर परिषद से की, जहां वे दो बार अध्यक्ष रहे। वो 2007 से 2022 तक वे चमकौर साहिब विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे। कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में उन्होंने तकनीकी शिक्षा, औद्योगिक प्रशिक्षण, रोजगार सृजन, पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों जैसे विभागों का कार्यभार संभाला। वो 2015 से 2016 तक वे पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे। 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में चन्नी ने चमकौर साहिब और भदौड़ दोनों सीटों से चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों में हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने जालंधर (अनुसूचित जाति) सीट से जीत हासिल की और वर्तमान में वे लोकसभा के सदस्य हैं।

चरणजीत सिंह चन्नी का विवादों से नाता

मुख्यमंत्री रहते हुए चन्नी पर आरोप लगे कि उनके रिश्तेदार भूपिंदर सिंह "हनी" अवैध रेत खनन में शामिल थे। जनवरी 2022 में ED ने भूपिंदर सिंह के ठिकानों पर छापा मारा और लगभग 10 करोड़ रुपये नकद जब्त किए। इस घटना से चन्नी की छवि को गहरा धक्का लगा, खासकर चुनाव से ठीक पहले। विपक्ष ने इसे "भ्रष्टाचार का चेहरा" बताया

कांग्रेस हमेशा गंदी राजनीति करती है: मनजिंदर सिंह सिरसा

उनके बयान पर बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा गंदी राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और गांधी परिवार बार-बार भारतीय सेना और वायुसेना पर सवाल उठाकर सैनिकों के मनोबल को ठेस पहुंचाते हैं।

सिरसा ने कहा कि , "जब पाकिस्तान खुद यह स्वीकार कर चुका है कि भारत की सर्जिकल स्ट्राइक से उसे भारी नुकसान हुआ, तब भी कांग्रेस नेता सवाल उठा रहे हैं। चन्नी की यह टिप्पणी न सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि सेना के बलिदान का अपमान भी है।" उन्होंने आगे कहा कि चरणजीत सिंह चन्नी का रवैया कांग्रेस की उसी सोच को दर्शाता है जो बार-बार राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर राजनीति करती है। देश को अपनी सेना पर गर्व है, लेकिन कांग्रेस को शायद यह समझ में नहीं आता।"

कांग्रेस पार्टी अब "पाकिस्तान परस्त पार्टी" बनती जा रही है

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी अब "पाकिस्तान परस्त पार्टी" बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि जब भी देश की सेना कोई ठोस कार्रवाई करती है, कांग्रेस नेता उस पर संदेह जताकर पाकिस्तान के नैरेटिव को ताकत देते हैं।

भारत द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक कब और क्यों किया गया था

18 सितंबर 2016 को जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में एक भारतीय सेना के बेस कैंप पर आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में 19 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। हमले की ज़िम्मेदारी पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद पर डाली गई।

सर्जिकल स्ट्राइक 28-29 सितंबर 2016 की रात को हुई था। यह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकी लॉन्च पैड्स पर। भारतीय सेना के डीजीएमओ (Director General of Military Operations) लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने 29 सितंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में औपचारिक रूप से इसकी घोषणा की। उन्होंने बताया कि "भारतीय सेना ने आतंकवादियों के लॉन्च पैड्स पर सर्जिकल स्ट्राइक की है जिसमे बड़ी संख्या में आतंकवादियों को मारा गया है। 2018 में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक के वीडियो फुटेज सामने आए, जो उस समय के सैन्य कैमरों द्वारा रिकॉर्ड किए गए थे। इस मामले में सरकार ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में सभी विवरण सार्वजनिक नहीं किए जा सकते।

कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों ने सवाल उठाया कि अगर स्ट्राइक हुई थी, तो इसके स्पष्ट सबूत क्यों नहीं दिए गए। इस पर सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सेना पर भरोसा करना चाहिए। सबूत मांगना सैनिकों का अपमान है।

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