CRPF jawan: पाकिस्तानी महिला से शादी छुपाने पर जवान बर्खास्त, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया
CRPF jawan: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने शनिवार, 2 मई को अपने एक जवान को पाकिस्तानी महिला से विवाह छुपाने और उसे वीजा की वैधता समाप्त होने के बाद भी भारत में शरण देने के आरोप में तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया।
फोर्स ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताया और कहा कि जवान की यह कार्रवाई सेवा नियमों का उल्लंघन करने के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा है।

सीआरपीएफ की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया, "41 बटालियन के कांस्टेबल (सीटी/जीडी) मुनीर अहमद को एक पाकिस्तानी नागरिक से विवाह छुपाने और वीजा की वैधता समाप्त होने के बाद भी उसे जानबूझकर भारत में शरण देने के लिए सेवा से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। उनकी कार्रवाई सेवा आचरण के विरुद्ध पाई गई और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हानिकारक माना गया।"
CRPF jawan: विवाह की अनुमति नहीं मिली, फिर भी की शादी
जवान मुनीर अहमद, जो जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में तैनात थे, ने वर्ष 2023 में सीआरपीएफ से पाकिस्तान के सियालकोट की निवासी मीनल खान से विवाह की अनुमति मांगी थी। विभाग ने उनके आवेदन पर निर्णय नहीं लिया था, लेकिन इसके बावजूद मुनीर अहमद ने 24 मई 2024 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मीनल खान से विवाह कर लिया। इस विवाह को भारत और पाकिस्तान के मौलवियों की उपस्थिति में अंजाम दिया गया।
Pahalgam Attack के बाद मामला आया सामने
यह मामला तब उजागर हुआ जब हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान जाने के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए। इसी क्रम में मीनल खान को जम्मू से उसके देश वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। हालांकि, 30 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने एक अंतरिम आदेश पारित कर मीनल की तत्काल देश निकाला प्रक्रिया पर रोक लगा दी।
हाईकोर्ट का यह निर्णय उस समय आया जब मीनल जम्मू से अटारी बॉर्डर की ओर रवाना हो चुकी थीं। उनके वकील ने उन्हें रास्ते में कोर्ट के फैसले की जानकारी दी, जिसके बाद उन्हें वापस जम्मू लाया गया।
CRPF Jawan Pakistani Wife मीनल ने की भावुक अपील
सीआरपीएफ जवान की पत्नी मीनल खान का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता अंकुश शर्मा ने ANI को बताया, "मुनीर अहमद ने लगभग ढाई महीने पहले मीनल खान से विवाह किया था। वह भारत में वीजिटर वीजा पर आई थीं और बाद में लॉन्ग टर्म वीजा के लिए आवेदन किया। उन्होंने इंटरव्यू भी दिया और गृह मंत्रालय को सकारात्मक अनुशंसा भेजी गई।"
लेकिन इसी बीच पहलगाम आतंकी हमला हुआ और उनके पास लंबी अवधि का वीजा न होने के कारण उन्हें भारत से बाहर भेजने का आदेश दिया गया। इसके विरोध में जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई, जिस पर सुनवाई के बाद उन्हें अंतरिम राहत मिली।
मीनल खान ने भारत सरकार से अपील की कि परिवारों को साथ रहने की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा, "हमें अपने परिवार के साथ रहने की इजाजत दी जाए। हम निर्दोषों की हत्या की कड़ी निंदा करते हैं। ऐसे आतंकियों को सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए।"
क्या कहता है CRPF का नियम
सीआरपीएफ जैसे अर्धसैनिक बलों में किसी विदेशी नागरिक, विशेषकर दुश्मन देश की नागरिकता रखने वाले व्यक्ति से संबंधों को लेकर हमेशा से सख्त नियम रहे हैं। जवानों को विवाह जैसे मामलों में भी पूर्व स्वीकृति लेना अनिवार्य होता है। ऐसे में बिना अनुमति के विवाह और वीजा नियमों का उल्लंघन को गंभीर अपराध माना जाता है।
सीआरपीएफ की इस कार्रवाई को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियों की दृष्टि से अहम माना जा रहा है। जवानों से उम्मीद की जाती है कि वे संवेदनशील जानकारी और संपर्कों को लेकर अत्यधिक सतर्क और ईमानदार रहें। यह मामला केवल व्यक्तिगत विवाह का नहीं, बल्कि सुरक्षा, गोपनीयता और राष्ट्रहित से जुड़ी गहरी चिंताओं को सामने लाता है।












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