कौन हैं UP के बाबू राम यादव, जिन्हें दिया जाएगा पद्म पुरस्कार, 6 दशकों से कर रहे हैं ये काम
Padma Awards 2024: भारत के 75वें गणतंत्र दिवस के खास अवसर पर कई लोगों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के रहने वाले बाबू राम यादव को भी पद्म पुरस्कार मिलने वाला है।
बाबू राम यादव को पद्म पुरस्कार, आर्ट (क्राफ्ट-ब्रॉस) को आगे बढ़ाने में योगदान के लिए दिया जा रहा है। बाबू राम यादव पिछले 6 दशकों से इस काम को कर रहे हैं।

Who is Babu Ram Yadav: कौन हैं UP के बाबू राम यादव
- बाबू राम यादव उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के रहने वाले हैं। बाबू राम यादव को कला और शिल्प श्रेणी में पद्म श्री पुरस्कार मिलने वाला है।
- बाबू राम यादव पीतल शिल्पकार हैं। बाबू राम यादव पिछले 6 दशकों से ज्यादा वक्त से पारंपरिक शिल्पकला तकनीकों का उपयोग करके पीतल की ये कलाकृतियां बनाते आए हैं।
- बाबू राम यादव ने अब तक दुनियाभर में 40 प्रदर्शनियों में अपना काम दिखाया है। बाबू राम यादव फिलहाल पीतल शिल्पकार के कौशल को बचाए रखने के लिए मुरादाबाद में एक कार्यशाला चलाते हैं।
- इस कार्यशाला में कुष्ठ रोगियों समेत 1000 से अधिक कारीगरों को मुफ्त ट्रेनिंग दी जाती है। ऐसा करने के पीछे बाबू राम यादव का मकसद शिल्प कौशल को पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक हस्तांतरित करना है।
- 74 वर्षीय बाबू राम यादव ने 962 में पीतल पर कला का कौशल सीखना शुरू किया था। फिर इसे ही अपना पेशा बनाया और मैरोरी शिल्पकार बन गए। बाबू राम यादव पीतल के बर्तनों पर जटिल कलाकृतिया बनाने में माहिर हैं।
- बाबू राम यादव की पत्नी मुन्नी यादव गृहिणी हैं। बाबू राम यादव के तीन बेटे हैं। इनमें से उनके दो बेटे उनके साथ ही काम करते हैं। वही एक बेटा स्कूल में शिक्षक है।
- बाबू राम यादव के पिता का नाम भुगन लाल यादव है और गुरु का नाम अमर सिंह है। जिन्होंने उन्हें ये कला सिखाई है।












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