'हमें धार्मिक स्थलों की स्थिति नहीं बदलनी चाहिए, इससे विवाद ही बढ़ेगा', ज्ञानवापी के सर्वे पर बोले चिदंबरम
'हमें धार्मिक स्थलों की स्थिति नहीं बदलनी चाहिए, इससे विवाद ही बढ़ेगा', ज्ञानवापी के सर्वे पर बोले चिदंबरम
नई दिल्ली, 14 मई: वाराणसी काशी विश्वनाथ मंदिर के करीब स्थित ज्ञानवापी मस्जिद विवाद बढ़ता ही जा रहा है। अब ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे के विवाद पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद पी चिदंबरम ने (शनिवार, 14 मई) ज्ञानवापी मस्जिद विवाद के बारे में बात करते हुए कहा कि अन्य सभी पूजा स्थलों को यथास्थिति में रहना चाहिए। पी चिदंबरम ने कहा कि हमें धार्मिक स्थलों की स्थिति नहीं बदलनी चाहिए, ऐसा करने से सिर्फ विवाद ही बढ़ेगा।

पी चिदंबरम ने कहा, ''पूजा स्थल अधिनियम केवल राम जन्मभूमि को छोड़कर पीवी नरसिम्हा राव सरकार द्वारा पारित किया गया था। अन्य सभी पूजा स्थलों को यथास्थिति में रहना चाहिए। हमें पूजा स्थलों की स्थिति नहीं बदलनी चाहिए, इससे बड़ा संघर्ष होगा और सिर्फ विवाद ही बढ़ेगा।''
पी चिदंबरम ने कहा, ''वे हैं और वे थे और किसी भी पूजा स्थल की स्थिति को बदलने का कोई प्रयास नहीं होना चाहिए। इससे केवल बड़ा संघर्ष होगा और इस तरह के संघर्ष से बचने के लिए नरसिम्हा राव ने 1991 में पूजा स्थल अधिनियम पारित किया था।''
पी चिदंबरम ने कहा, ''नरसिम्हा राव सरकार द्वारा गहन विचार के बाद पूजा स्थल अधिनियम बनाया गया था। इसका एकमात्र अपवाद राम जन्मभूमि है। हमारा मानना है कि अन्य सभी पूजा स्थलों को यथास्थिति में रहना चाहिए।''
बता दें कि ज्ञानवापी मस्जिद प्रतिष्ठित काशी विश्वनाथ मंदिर के करीब स्थित है। दिल्ली स्थित महिलाओं के एक समूह ने इसकी बाहरी दीवारों पर हिंदू देवताओं की मूर्तियों के सामने दैनिक प्रार्थना करने की अनुमति मांगी है।












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