'आप' के लिए अपने ही बन गए हैं आफत
नयी दिल्ली। लोकसभा चुनाव का आगाज हो चुका है। कुछ दिनों में वोटिंग शुरु हो जाएगी। जो लड़ाई अब तक भाजपा और कांग्रेस में हुआ करती थी वो अब भाजपा-कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच बंट गई है। भारतीय राजनीति में आम आदमी पार्टी ने धमाकेदार इंट्री की। लोगों को लगा कि देश में परिवर्तन आएगी, लेकिन राजनीति में धमाकेदार आगाज करने वाली आम आदमी पार्टी से अपना कुनबा तक नहीं संभल रहा है।
आम चुनावों को लेकर हर दिन पार्टी से विरोध की आवाज आ रही है। कभी आम आदमी पार्टी के संयोजक खुद को काले झंडे दिखाए जाने से खीज जाते है तो कभी सोशल नेटवर्किंग साइट पक डाले गए पोस्ट को लेकर परेशान हो जाते है। कहीं केजरीवाल को काले झंडे दिखाए जा रहे हैं तो कहीं टिकट बंटवारे को लेकर धरना प्रदर्शन हो रहा है। इतना ही नहीं पार्टी के पुराने साथी उनका साथ छोड़ रहे हैं तो कहीं उम्मीदवारों ने टिकट तक लौटा दिया।

उम्मीदवार नाराज, लौटाए टिकट
आम आदमी पार्टी भी बाकी पार्टियों की तरह भीतरघात की स्थिति से गुजर रही है। कई कार्यकर्ताओं ने टिकट बंटवारे पर खुलकर नाराजगी जताई तो कुछ उम्मीदवारों ने आप का टिकट लौटा दिया। चंडीगढ़ से आप उम्मीदवार सविता भट्टी, दिल्ली की नॉर्थ-वेस्ट सीट से पार्टी के उम्मीदवार महेंद्र सिंह, मुरादाबाद से पार्टी उम्मीदवार खालिद परवेज और फैजाबाद से आप उम्मीदवार ने आम आदमी पार्टी को टिकट लौटाकर चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया।

आप का अपने ही छोड़ रहे हैं साथ
आम आदमी को खड़ा हुए अभी एक साल ही हुए है, लेकिन पार्टी से शुरू से ही जुड़े रहे कुछ नेताओं के पार्टी छोड़ने का सिलसिला भी जारी रहा। पार्टी की संस्थापक सदस्य रहीं मधु भादुड़ी राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और जाने माने वकील अशोक अग्रवाल ने पार्टी छोड़ दी।इनके अलावा 2 और बड़े नेता ने पार्टी छोड़ी।

टिकट बेचने का आरोप
आम आदमी पार्टी खुद को ईमानदारी पार्टी कहती है, लेकिन उनपर भी टिकट बेचने का आरोप लगा। आम आदमी पार्टी ने पैसे लेकर टिकट दिलवाने के आरोप में अपने दो नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया।

केजरीवाल का विरोध
आम आदमी पार्टी के नेता भले ही दावा कर रहे हो कि वो लोकसभा चुनाव में 100 का आकड़ां पार करेंगे, लेकिन जिस तरह से आप के संयोजक आम आदमी पार्टी का विरोध हो रहा है उससे लगता नहीं है कि आप का ये सपना पूरा हो पाएगा। फिर चाहे फैजाबाद की रैली हो या फिर रेवाड़ी की। लोगों ने काले झंडे दिखाकर केजरीवाल का विरोध किया तो कभी उनके मुंह पर कालिख पोत दी।

टिकट को लेकर धरना
आम आदमी पार्टी के भीतर टिकट को लेकर भारी घमासान मचा। दिल्ली में आप कार्यकर्ताओं ने टिकट बंटवारे को पक्षपातपूर्ण बताया और सड़क पर उतर आए। धरना प्रदर्शन किया।

एक से बढ़कर एक
आम आदमी पार्टी लोकसभा चुनाव को लेकर कितनी सजग है इसका अंजादा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चुनाव पर ध्यान लगाने के बजाए पार्टी अपने अंदरुनी मामलों से जूझ रही है। आप का नाता विवादों से जुड़ता ही जा रहा है। एफआईआर, नोटिस, काले झंडे से तो पार्टी हलकान है ही, टिकट बंटवारे पर भी अंदरुनी घमासान मचा हुआ है।

आप का पब्लिसिटी स्टंट
आम आदमी पार्टी पर खबरों में छाए रहने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाने का आरोप लगा है। फिर चाहे पार्टी नेता योगेन्द्र यादव के मुंह पर कालिख पोतने का मामला हो या फिर टीवी इंटरव्यू में केजरीवाल की पोल खोल।

बयानों पर बवाल
आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बयानों पर पार्टी कई बार आलोचनाएं झेल चुकी है। न केवल केजरीवाल बल्कि प्रशांत भूषण का कश्मीर पर दिया बयान या फिर अमेठी से आप उम्मीदवार कुमार विश्वास का अल्पसंख्यकों पर दिया विवादित बयान। इन विवादित बयानों ने आप के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी है।












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