15 साल में शहीद हुए 4500 से ज्यादा जवान, आरटीआई से खुलासा
यह आरटीआई वडोदरा के एक एक्टिविस्ट पंकज दर्वे ने दायर की थी। 22 सितंबर को दिए गए एप्लीकेशन का जवाब 26 अक्टूबर को भेजा गया।
नई दिल्ली। भारतीय सेना ने एक आरटीआई के जवाब में बताया है है कि लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर पाकिस्तान की ओर सीजफायर उल्लंघन के दौरान 2001 से लेकर अब तक 4500 से ज्यादा जवान शहीद हो चुके हैं। सितंबर में आरटीआई एप्लीकेशन मिलने के बाद सेना ने यह जानकारी दी है।

यह आरटीआई वडोदरा के एक एक्टिविस्ट पंकज दर्वे ने दायर की थी। 22 सितंबर को दिए गए एप्लीकेशन का जवाब 26 अक्टूबर को भेजा गया। इसमें केंद्रीय जनसूचना अधिकारी (CPIO) अधिकारी के हस्ताक्षर भी हैं।
आरटीआई के जवाब में बताया गया कि कारगिल युद्ध के बाद से अब तक सीमा पर पाकिस्तान की ओर से की गई फायरिंग में 4675 जवान शहीद हुए हैं।
आतंकी घटनाओं में 1700 से ज्यादा जवान शहीद
इसके अलावा इस दौरान हुई 7908 आतंकी घटनाओं में सेना के 1714 जवान शहीद हुए। इंडिया टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, दर्वे ने बताया, 'मैंने आरटीआई इसलिए दी थी क्योंकि मैं जानना चाहता था कि आखिर कारगिल के बाद से हमारे जवानों क्या-क्या झेलना पड़ रहा है। ये आंकड़े हैरान कर देने वाले हैं। मैं सरकार को पत्र लिखकर मांग करूंगा कि ऐसी जानकारी जनता को सार्वजनिक तौर पर दी जाए।'
बता दें कि हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अधिकारियों से हर तरह की आरटीआई का जवाब देने को कहा था।












Click it and Unblock the Notifications