छुट्टी मनाने गए थे हमारे वोटर- हरियाणा निगम चुनाव में खराब प्रदर्शन पर बोली BJP
नई दिल्ली- बीजेपी ने बताया है कि पड़ोस में जारी किसान आंदोलन के बीच वह हरियाणा नगर निकाय चुनाव में पांच में से तीन नगर निगम का चुनाव क्यों हारी? भाजपा और उसकी सहयोगी जननायक जनता पार्टी इसके अलावा सोनीपत और अंबाला में मेयर के लिए हुए सीधे चुनाव भी हार गई है। सत्ताधारी गठबंधन उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के गढ़ हिसार के उकलाना और रेवाड़ी के धारुहेड़ा में नगरपालिका चुनाव भी हार गई है। अब भाजपा ने नगर निकाय चुनाव में इस खराब प्रदर्शन के कारणों का विश्लेषण किया है और खास तर्क खोजकर लाई है। पार्टी की दलील है कि जिन दिनों में चुनाव हुए उस समय कई छुट्टियां चल रही थीं और उसके वोटर छुट्टी मनाने चले गए थे।

हरियाणा बीजपी के प्रवक्ता संजय शर्मा ने दलील दी है कि, '25, 26 और 27 दिसंबर को छुट्टियां थीं। आप जानते हैं कि दिसंबर में जब साल खत्म होने को रहता है और जब कई छुट्टियां रहती हैं तो लोग लंबे ट्रिप पर निकल जाया करते हैं। दुर्भाग्य से जो लोग छुट्टियां मनाने के लिए चले गए, वह बीजेपी के वोट बैंक थे।' गौरतलब है कि हरियाणा में बीजेपी-जेजेपी सरकार के एक वर्ष पूरे हुए हैं और इस दौरान केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ राज्य के किसान भी आंदोलन कर रहे हैं।
बता दें कि अंबाला में किसानों ने सत्ताधारी पार्टी की हार पर जश्न भी मनाया है और मिठाइयां बांटी हैं। इस जिले से राज्य के चर्चित मंत्री अनिल विज विधायक हैं और हरियाणा के सभी 10 सांसद भी भाजपा के हैं। अंबाला शहर नगर निगम में इस चुनाव में 56.3 फीसदी वोट पड़े, जबकि 2013 में 67 फीसदी मतदान हुआ था।
अंबाला के भाजपा विधायक असीम गोयल ने नगर निकाय चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन के बारे में कहा है कि, 'जब सरकार अच्छा कार्य करती है, सभी लोग सरकार को लक्ष्य पूरा करने से रोकने के लिए हाथ मिला लेते हैं। हरियाणा में यही हो रहा है। इनके एजेंडे का कोई मतलब नहीं है, इनका कोई असली लक्ष्य नहीं है। ये सिर्फ यही चाहते हैं कि बीजेपी को रोको। यह अपना मतभेद बाद में सुलझा लेंगे, लेकिन पहले उन्हें बीजेपी से भिड़ना है, वो यही सोचते हैं।' हालांकि, उन्होंने माना है कि लगता है कि निकाय चुनाव में कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन से पार्टी को नुकसान हुआ है।












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